Nalanda Raid News: बिहार के नालंदा में NIA-ATS का बड़ा एक्शन, कारतूस कांड से जुड़े 10 ठिकानों पर रेड
NIA ATS Raid Nalanda: बिहार के नालंदा जिले में सोमवार, 6 अप्रैल की सुबह सुरक्षा एजेंसियों के बड़े ऑपरेशन से हड़कंप मच गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की संयुक्त टीम ने बिहारशरीफ़ के लहेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत लहेरी मोहल्ला और सोहन कुआं समेत जिले के करीब 10 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी।
यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी और प्रतिबंधित हथियारों के कारतूसों की बरामदगी के मामले में की जा रही है। जानकारी के अनुसार, केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांच एजेंसियां स्थानीय पुलिस और साइबर सेल की टीम के साथ तड़के सुबह 4:30 बजे ही लहेरी मोहल्ला पहुंच गईं।

सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच एक बंदूक की दुकान और एक प्रसिद्ध ज्वेलरी शोरूम की गहन तलाशी ली गई। छापेमारी के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने मोहल्ले को चारों तरफ से सील कर दिया था और किसी को भी आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही थी।
AK-47 कारतूस कांड और मो. परवेज का कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक, यह छापेमारी पिछले दिनों सोहन कुआं मोहल्ले से हुई भारी मात्रा में कारतूसों की बरामदगी के मामले में बैकवर्ड लिंकेज खंगालने के लिए की गई है। गौरतलब है कि इसी क्षेत्र से मोहम्मद परवेज नामक संदिग्ध के पास से करीब 1300 AK-47 और अन्य आधुनिक हथियारों के कारतूस बरामद हुए थे।
जांच में यह बात सामने आई थी कि परवेज का नेटवर्क अंतरराज्यीय हथियार तस्करों और कट्टरपंथी संगठनों से जुड़ा हो सकता है। इस छापेमारी का मुख्य उद्देश्य उन व्यापारियों और सफेदपोशों की पहचान करना है, जो हथियारों और गोला-बारूद के इस अवैध कारोबार को संरक्षण या वित्तीय मदद दे रहे थे।
हिलसा और मिर्जापुर में भी NIA की दबिश
एनआईए की टीम केवल बिहारशरीफ़ तक ही सीमित नहीं रही। खबरों के मुताबिक, हिलसा और चिकसौरा थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में भी कई घंटों तक सर्च अभियान चलाया गया। डीएसपी रैंक के अधिकारियों के नेतृत्व में चल रही इस जांच में डिजिटल साक्ष्य, बैंक ट्रांजेक्शन के दस्तावेज और मोबाइल डेटा को खंगाला जा रहा है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क में आने से दहशत में आए व्यापारी
ज्वेलरी और बंदूक दुकान पर हुई इस कार्रवाई ने शहर के व्यापारियों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। एजेंसियों को संदेह है कि ज्वेलरी व्यवसाय की आड़ में हवाला के जरिए अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त के लिए धन मुहैया कराया जा रहा था।
खबर लिखे जाने तक छापेमारी जारी थी और आधिकारिक तौर पर किसी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन सूत्रों का कहना है कि कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। नालंदा में लगातार मिल रहे आधुनिक हथियारों के सुराग ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा रखी है। छापेमारी इस बात का संकेत है कि जांच अब केवल छोटे प्यादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके मास्टरमाइंड और मददगारों तक पहुंचने के लिए जाल बिछा दिया गया है।












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