Bihar IAS Transfer: बिहार में सरकार के बाद अब अफसरशाही में बड़ा बदलाव, कई IAS अधिकारियों का तबादला
Bihar IAS Transfer List 2026: बिहार में सम्राट चौधरी सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक अमले को चुस्त-दुरुस्त करने की कवायद तेज हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग ने रविवार 26 अप्रैल की देर शाम अधिसूचना जारी करते हुए कई सीनियर IAS अधिकारियों के कार्यभार में फेरबदल किया है।
इस ट्रांसफर में राजभवन से लेकर सचिवालय और जिला स्तर के पदों पर बदलाव किए गए हैं। विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्यपाल के प्रधान सचिव सहित कई सचिव स्तर के अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

माना जा रहा है कि सरकार प्रशासनिक कामकाज को और प्रभावी बनाने तथा विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से यह कदम उठा रही है।
राजभवन सचिवालय और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में बदलाव
अधिसूचना के मुताबिक, 1997 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री रॉबर्ट एल. चोंग्यू, जो अब तक राज्यपाल के प्रधान सचिव के रूप में कार्यरत थे, उन्हें ट्रांसफर करते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का प्रधान सचिव बनाया गया है। इस पद पर उनकी नियुक्ति अगले आदेश तक के लिए की गई है।
श्री गोपाल मीणा (2007 बैच): राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव के रूप में कार्यरत गोपाल मीणा को अब राज्यपाल के सचिव की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही, वह सामान्य प्रशासन विभाग में 'जांच आयुक्त' के अतिरिक्त प्रभार में भी बने रहेंगे।
मो० सोहैल (2007 बैच): अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव मो० सोहैल को स्थानांतरित करते हुए सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग बनाया गया है। वह भी गोपाल मीणा की तरह 'जांच आयुक्त' के अतिरिक्त प्रभार को संभालते रहेंगे।
सामान्य प्रशासन विभाग में नई जिम्मेदारी
2007 बैच के आईएएस अधिकारी मो० सोहैल, जो अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में सचिव थे, उन्हें ट्रांसफर कर सामान्य प्रशासन विभाग का सचिव बनाया गया है। दिलचस्प बात यह है कि उन्हें भी जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार जारी रखा गया है, जिससे उनकी जिम्मेदारियां और बढ़ गई हैं।
लखीसराय को मिला नया जिलाधिकारी
अधिसूचना में 2013 बैच के आईएएस अधिकारी श्री शैलेन्द्र कुमार का भी तबादला किया गया है। वे अब तक कृषि विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे। सरकार ने उन्हें लखीसराय का समाहर्ता एवं जिला पदाधिकारी (DM) नियुक्त किया है। साथ ही भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-14 के तहत उन्हें जिले का जिला दण्डाधिकारी (District Magistrate) भी नामित किया गया है।
क्यों बदले गए पुराने अफसर?
राजनीतिक गलियारों में इस बदलाव को सरकार की नई कार्ययोजना से जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सरकार महत्वपूर्ण विभागों में अपने भरोसेमंद और अनुभवी अधिकारियों को तैनात करना चाहती है ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन तेजी से हो सके।
विशेष रूप से सामान्य प्रशासन और अल्पसंख्यक कल्याण जैसे विभागों में किए गए बदलाव आने वाले दिनों में नीतिगत निर्णयों के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और सभी संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द नए पदों पर योगदान देने का निर्देश दिया गया है।












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