Bihar Floor Test: नहीं गिरी नीतीश सरकार, सटीक था वन इंडिया का विश्लेषण
Bihar floor test update: बिहार में नीतीश कुमार की सरकार उम्मीद से ज्यादा अंकों से बहुमत की परीक्षा पास करने में सफल रही है। राज्य में एनडीए सरकार के पक्ष में जितने विधायकों के आंकड़े थे, मतदान में उससे भी ज्यादा वोट मिले हैं।
बिहार में एनडीए सरकार के पक्ष में जो आंकड़े थे, उससे विपक्ष की संख्या गणित में लंबा फासला था। पिछले कई दिनों से विधायकों के इधर-उधर जाने की अटकलें लग रही थीं। जब सदन में विश्वास मत पर चर्चा शुरू हुई तब यह अटकलें सही भी साबित हुईं, लेकिन सरकार के ही पक्ष में।

सटीक रहा वन इंडिया का विश्लेषण
बिहार में सत्तापक्ष और विपक्ष के समर्थक विधायकों की संख्या में जो गैप था, उस आधार पर ही वन इंडिया अपने विश्लेषण में यह बता चुका था कि नीतीश सरकार नहीं गिरेगी, संख्या बल सरकार के साथ है।
नीतीश सरकार के पक्ष में पड़े 129 वोट
243 सदस्यों वाले सदन में बहुमत के लिए नीतीश सरकार को 122 एमएलए का समर्थन चाहिए था। लेकिन, नीतीश सरकार के पक्ष में 129 वोट पड़े हैं और इसके खिलाफ शून्य वोट डाले गए हैं। क्योंकि, विपक्ष विश्वास मत पर वोटिंग से पहले ही सदन से वॉकआउट कर गया।
जब सदन ने नीतीश सरकार का विश्वास प्रस्ताव बहुमत से पारित हुआ तो उस समय आसन पर डिप्टी स्पीकर महेश्वर हजारी उपस्थित थे। इस तरह से सरकार के पक्ष वाले एमएलए की कुल संख्य 130 हो जाती है, जिन्हें अपने मताधिकार की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।
राजद के तीन एमएलए ट्रेजरी बेंच में बैठे रहे
सदन में नीतीश सरकार को विश्वास मत हासिल होने में कोई दिक्कत नहीं होने वाली है, इस संभावना को तब और बल मिला जब आरजेडी के तीन विधायक चेतन आनंद, नीलम देवी और प्रह्लाद यादव ट्रेजरी बेंच के विधायकों के साथ बैठे नजर आए। तब सदन में राजद नेता तेजस्वी यादव को अंदाजा लग गया कि नीतीश के साथ 'खेला' करने का दावा करते-करते खुद वही 'खेल' के शिकार हो चुके हैं।
स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास होते ही जीत चुके थे नीतीश
नीतीश सरकार के पास पूर्ण बहुमत है, यह बात तत्कालीन स्पीकर अवध बिहारी चौधरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के दौरान ही स्पष्ट हो चुका था। इसके पक्ष में 125 वोट पड़े और इसके विरोध में विपक्ष महज 112 वोट ही जुटा सका।
विश्वास मत के बाद और मजबूत होकर उभरी नीतीश सरकार
शुरू में नीतीश सरकार को जेडीयू के 45, बीजेपी के 78, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) के 4 और 1 निर्दलीय विधायक का समर्थन हासिल था, जो आंकड़ा 128 होता है। लेकिन, इसके पक्ष में विश्वास मत के बाद आंकड़ा 130 हो चुका है।
जबकि, विपक्ष में आरजेडी के 79, सीपीआई (एमएल) के 12, कांग्रेस के 19, एआईएमआईएम के 1, सीपीएम के 2 और सीपीआई के भी 2 विधायकों को मिलकार कुल 115 की संख्या ही बनती थी, लेकिन इसमें विश्वास मत से पहले ही सेंध लग चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications