Bihar Voter List 2025 पर चिराग पासवान ने EC पर ये क्या कह दिया, मोदी-नीतिश के लिए बनेगा चुनौती?
Bihar Voter List 2025: बिहार में इन दिनों विधानसभा चुनाव 2025 (Bihar Assembly Elections 2025) को लेकर चुनावी सरगर्मी तेज है। इसी बीच अंतिम मतदाता सूची भी जारी कर दी गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान (Chirag Paswan) ने राज्य की अंतिम मतदाता सूची (Bihar Final Voter List 2025) और इसके तहत तैयार की गई SIR (Special Intensive Revision) रिपोर्ट पर बोलते हुए विपक्ष पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट का आना अपेक्षित था और अब यह देखना होगा कि विपक्ष इस पर कितनी राजनीति करता है। पासवान ने स्पष्ट किया कि अगर इस प्रक्रिया में कोई गलती होती है या कोई सुधार हुआ है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी चुनाव आयोग की होगी।

विपक्ष की राजनीति पर तंज
चिराग पासवान ने कहा-"यह केवल विपक्ष की वोट बैंक की राजनीति है। मैंने कभी भी किसी बिहारी नागरिक को जाति, धर्म या श्रेणी में नहीं बांटा। मेरे लिए हर बिहारी समान है। मैं हमेशा पहले बिहार की बात करता हूं, पहले बिहारी की बात करता हूं।"
उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव द्वारा SIR प्रक्रिया को "चुनिंदा तौर पर पक्षपातपूर्ण" बताने वाले बयान को खारिज करते हुए इसे विपक्षी राजनीति की प्रवृत्ति बताया। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता और पटना से सांसद रवि शंकर प्रसाद ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि जब अंतिम सूची प्रकाशित की जा रही है, तो यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि ऐसे नागरिक, जो अब जीवित नहीं हैं, दो जगहों पर दर्ज हैं या फिर घुसपैठिए हैं, उन्हें सूची से हटाया जाए। उनका कहना था कि सूची की शुद्धता ही लोकतंत्र की नींव और चुनाव की पारदर्शिता की गारंटी है।
प्रशांत किशोर के आरोप पर चिराग पासवान की प्रतिक्रिया
लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रशांत किशोर द्वारा बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और मंत्री अशोक चौधरी पर लगाए गए आरोपों पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि प्रशांत किशोर आरोप लगा रहे हैं तो उनके पास सबूत भी होने चाहिए। पासवान ने कहा-"किस आधार पर यह आरोप लगाए जा रहे हैं, यह स्पष्ट होना चाहिए।
यदि आरोप सही हैं और सबूतों के साथ पेश किए जा रहे हैं, तो जांच के माध्यम से इस पर विचार किया जाएगा। लेकिन अगर यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए किया गया है, तो जिन पर आरोप लगे हैं, वे मानहानि का मुकदमा भी कर सकते हैं।"
मतदाता सूची पर सियासी हलचल
चुनाव आयोग आज बिहार की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित करने जा रहा है। यह सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत तैयार की गई है, जिसे लेकर राज्य की सियासत में हलचल मची हुई है। विपक्षी दल इस प्रक्रिया पर सवाल उठा रहे हैं और इसे पक्षपातपूर्ण बताते हुए सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साध रहे हैं। वहीं, गठबंधन दल इस प्रक्रिया का बचाव कर रहे हैं और इसे पारदर्शी और निष्पक्ष प्रक्रिया बता रहे हैं।
विश्लेषकों का कहना है कि इस मतदाता सूची और SIR रिपोर्ट को लेकर बयानबाजी आगामी चुनावी राजनीति में एक बड़ा मुद्दा बन सकती है। चिराग पासवान का यह बयान विशेष रूप से वोट बैंक राजनीति और चुनाव आयोग की जिम्मेदारी के मुद्दे को उजागर करता है।












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