Bihar Election Results: बीमार और अचेत होने के दावों के बीच नीतीश कुमार का कमबैक, दमदार वापसी के ये 5 कारण
Bihar Election Results: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने नीतीश कुमार की राजनीति में दमदार वापसी कराई है। जेडीयू को 80 सीटों पर बढ़त है। रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो पिछली बार की तुलना में यह बहुत बेहतर प्रदर्शन होगा। 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू तीसरे नंबर की पार्टी बन गई थी और सिर्फ 43 सीटों तक सीमित रह गई थी। आरजेडी और कांग्रेस ने नीतीश कुमार के बीमार और अचेत होने के दावा किया था। तेजस्वी यादव ने तो यहां तक कह दिया था कि वह अब अचेत अवस्था में हैं।
विपक्ष के स्वास्थ्य को लेकर किए जा रहे दावों को दरकिनार कर नीतीश कुमार ने चुनाव प्रचार में गजब उर्जा दिखाई थी। जेडीयू ही नहीं बीजेपी के दिग्गजों के लिए भी वह प्रचार करने अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचे। चुनाव के दौरान उनकी सक्रियता ने बीमारी और स्वास्थ्य खराब होने के सारे दावों को धता बता दिया। नतीजों ने उनकी दमदार वापसी की पुष्टि कर दी है।

Nitish Kumar की दमदार जीत के पीछे कई कारण
⦁ नीतीश कुमार के स्वास्थ्य के बारे में तेजस्वी यादव के किए दावों ने जनता के बीच उनके लिए सहानुभूति बनाने का काम किया। धुआंधार चुनाव प्रचार कर विपक्ष के दावों को झूठा करार देने भी सफल रहे।
⦁ नीतीश कुमार ने आरजेडी के जंगलराज के अलावा अपनी जनकल्याणकारी योजनाओं के आसपास अपना चुनाव प्रचार केंद्रित रखा। खास तौर पर नौकरी, जीविका दीदीयों और महिलाओं को आकर्षित करने में वह कामयाब रहे।
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⦁ डबल इंजन की सरकार और अपनी साफ छवि के दम पर नीतीश कुमार ने चुनाव प्रचार के दौरान हर आयु वर्ग के लोगों को अपने साथ जोड़ा। दूसरी ओर कांग्रेस के वोट अधिकार यात्रा से जनता का कनेक्शन उस तरह से नहीं बना। जनसुराज और पीके के आक्रामक हमलों के जवाब में भी नीतीश और एनडीए बेहद संयत नजर आए।
⦁ चिराग पासवान के साथ पिछले चुनाव की तल्खियों को भुलाकर नीतीश कुमार ने उनके साथ बेहतर तालमेल बनाया। छठ पूजा के मौके पर चिराग के घर भी पहुंचे और परिवार से मुलाकात की थी। इस दौरान वह पैर छूने पर चिराग को गले लगाकर आशीर्वाद देते भी नजर आए थे। एनडीए ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का फायदा नतीजों में भी दिखा।
⦁ महिलाओं के खाते में 10,000 रुपये ट्रांसफर करने का फायदा मिला। चुनाव से पहले नीतीश सरकार ने सफाईकर्मियों, जीविका दीदीयों, सरकारी कर्मचारियों से लेकर युवाओं, उद्यमियों समेत हर वर्ग के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया था। इसका सीधा फायदा चुनाव में नजर आ रहा है।
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Bihar Election Results: कांग्रेस-आरजेडी के लिए कई सबक
विधानसभा चुनाव नतीजों की बात करें, तो कांग्रेस और आरजेडी के लिए यह चुनाव बहुत सारे सबक भी लेकर आया है। तेजस्वी यादव के आक्रामक बयान और वोट चोरी के आरोप पूरी तरह से महागठबंधन के खिलाफ जाता दिख रहा है। गठबंधन में सीट शेयरिंग पर आखिरी तक सहमति नहीं बनने और तालमेल के अभाव ने काफी नुकसान पहुंचाया।
इसके अलावा, वीआईपी के साथ आने का भी कोई फायदा नहीं हुआ और वोट ट्रांसफर नहीं हो सके। लालू यादव के दोनों बेटों के लिए यह चुनाव बुरे सपने की तरह होगा। तेज प्रताप यादव जहां अपना चुनाव हार चुके हैं, तो तेजस्वी के लिए भी कांटे का मुकाबला है।
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