Bihar Election 2025: कौन हैं जनसुराज की पहली लिस्ट में शामिल 5 बड़े चेहरे, कितने पढ़े-लिखे और क्या है जाति?
Bihar Election 2025 (Jan Suraaj andidate List): बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने अपने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सियासी हलचल तेज कर दी है। 51 कैंडिडेट्स की लिस्ट में कई नाम ऐसे हैं जिन्होंने सभी का ध्यान खींच लिया है। इस लिस्ट में डॉक्टर से लेकर गणितज्ञ, सिंगर से लेकर हाईकोर्ट के वकील तक शामिल हैं।
जनसुराज के टिकट बंटवारे पर नजर डालें तो पार्टी ने सबसे ज्यादा उम्मीदवार अत्यंत पिछड़े वर्ग (EBC) से उतारे हैं -कुल 17 नाम इसी वर्ग से हैं। इसके अलावा 11 उम्मीदवार पिछड़ी जातियों (OBC) से, 7 अनुसूचित जाति-जनजाति (SC/ST) से, 9 अल्पसंख्यक समुदाय से और 7 सामान्य वर्ग से चुने गए हैं। सवाल यह है कि आखिर कौन हैं ये 5 बड़े चेहरे और क्या है इनका सामाजिक व शैक्षणिक बैकग्राउंड?

🔹 1. डॉ. जागृति ठाकुर -कर्पूरी ठाकुर की पोती, डॉक्टर और नई पीढ़ी की नेता
सीट: मोरवा विधानसभा
जाति: हजाम (अत्यंत पिछड़ा वर्ग)
जननायक कर्पूरी ठाकुर की पौत्री डॉ. जागृति ठाकुर ने जनसुराज की तरफ से चुनावी मैदान में उतरकर बिहार की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। वे केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर की भतीजी और डॉ. वीरेंद्र ठाकुर की बेटी हैं। पेशे से डॉक्टर जागृति पटना में रहती हैं और अपने परिवार से अलग अब राजनीति में कदम रख रही हैं। जागृति की उम्मीदवारी से जनसुराज को EBC समुदाय में मजबूत पकड़ बनाने की उम्मीद है।

🔹 2. लता सिंह - RCP सिंह की बेटी, वकील और नई राजनीतिक पारी की शुरुआत
सीट: अस्थावां विधानसभा
जाति: कुर्मी
पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह की बेटी लता सिंह ने शिक्षा और पेशे दोनों में मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने दिल्ली के डीपीएस आरके पुरम से स्कूली शिक्षा और दिल्ली यूनिवर्सिटी के श्रीराम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने लॉ की पढ़ाई की और सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील अशोक देसाई के साथ काम किया। अब वे राजनीति में कदम रखकर अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ा रही हैं। लता सिंह की उम्मीदवारी जनसुराज को कुर्मी वोट बैंक में मजबूती दे सकती है।

🔹 3. केसी सिन्हा - बिहार के 'महागुरु' अब राजनीति के मैदान में
सीट: कुम्हरार विधानसभा
जाति: कायस्थ
गणितज्ञ केसी सिन्हा, जिनकी किताबों से बिहार और देशभर के लाखों छात्रों ने पढ़ाई की, अब राजनीति में कदम रख चुके हैं। आरा के रहने वाले सिन्हा ने B.Sc, M.Sc में गोल्ड मेडल और 1990 में PhD की डिग्री हासिल की। उनकी लिखी 70 से ज्यादा किताबें बिहार के स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में मानक के तौर पर इस्तेमाल होती हैं। बिहार के 'महागुरु' के नाम से मशहूर सिन्हा का राजनीति में आना शिक्षा जगत के लोगों को भी आकर्षित कर सकता है।

🔹 4.वाईबी गिरि - हाईकोर्ट के वरिष्ठ वकील और जनसुराज के कानूनी चेहरा
सीट: मांझी विधानसभा
जाति: ब्राह्मण
पटना हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट वाईबी गिरि कई हाई-प्रोफाइल केसों में अपनी पहचान बना चुके हैं। वे बिहार के अतिरिक्त महाधिवक्ता और केंद्र सरकार के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल रह चुके हैं। BPSC पेपर लीक जैसे मामलों में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। अब जनसुराज पार्टी ने उन्हें मांझी से टिकट देकर अपने 'बौद्धिक चेहरा' के रूप में पेश किया है।

🔹 5. रितेश पांडे - भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार अब राजनीति में भी करेंगे 'डंका'
सीट: करगहर विधानसभा
जाति: भूमिहार
भोजपुरी इंडस्ट्री के जाने-माने सिंगर और एक्टर रितेश पांडे का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं। उनके गाने 'हैलो कौन' और 'पियवा से पहिले हमार रहलू' ने यूट्यूब पर रिकॉर्ड तोड़े हैं। रितेश की नेटवर्थ 12 से 15 करोड़ रुपए के बीच बताई जाती है और वे एक फिल्म के लिए करीब 20 लाख रुपये चार्ज करते हैं। अब वे जनसुराज की ओर से राजनीति की पारी शुरू करने जा रहे हैं। पार्टी को उम्मीद है कि उनकी लोकप्रियता युवाओं और भोजपुरी भाषी इलाकों में असर दिखाएगी।

जातीय समीकरण से लेकर शिक्षा तक -जनसुराज की सोच
जनसुराज की पहली लिस्ट साफ दिखाती है कि पार्टी जातीय संतुलन और शिक्षित चेहरों पर फोकस कर रही है। 51 कैंडिडेट्स में 17 EBC, 11 OBC, 7 SC/ST, 9 अल्पसंख्यक और 7 सामान्य वर्ग से हैं। इस संतुलित समीकरण के जरिए प्रशांत किशोर बिहार की राजनीति में नई जमीन तलाश रहे हैं। अब देखना होगा कि जनता इन नए चेहरों को कितना मौका देती है।












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