क्या होती है Y+ सिक्योरिटी? जिसके हटाए जाने पर आगबबूला हुए पप्पू यादव, बोले- 'ये मेरी हत्या की साजिश'
Bihar Election 2025 (Pappu Yadav Security): बिहार चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, नेताओं की सुरक्षा का मुद्दा भी जोर पकड़ने लगा है। ताजा विवाद तब शुरू हुआ जब नीतीश सरकार ने पूर्णिया सांसद पप्पू यादव की Y+ सिक्योरिटी वापस लेकर उसे Y कैटेगरी में कर दिया। इस फैसले से नाराज पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर खुलकर हमला बोला और आरोप लगाया कि यह उनकी हत्या की सुनियोजित साजिश है।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें अगस्त 2025 में ही Y+ सिक्योरिटी दी गई थी, लेकिन महज एक महीने में ही यह वापस ले ली गई। उन्होंने सीधे तौर पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा पर निशाना साधा और कहा कि संजय झा अपने राजनीतिक फायदे के लिए पार्टी को बेच रहे हैं। यादव ने आरोप लगाया कि झा, सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार की राजनीति का सौदा कर रहे हैं।

भाजपा नेता की बढ़ी सुरक्षा, पप्पू की घटी
यही नहीं, इसी दौरान सरकार ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल की सुरक्षा और बढ़ा दी है। पहले उन्हें Y कैटेगरी की सिक्योरिटी मिली हुई थी, जिसे अब अपग्रेड कर Y+ कर दिया गया है। दूसरी ओर पप्पू यादव की सुरक्षा घटाकर Y कैटेगरी में कर दी गई। यह फैसला गृह विभाग की विशेष शाखा की ओर से जारी आदेश के बाद लागू हुआ है। ऐसे में आइए जानते हैं कि क्या होती है Y+ सिक्योरिटी और वाई श्रेणी की सुरक्षा से कितनी अलग होती है।
क्या होती है Y+ सिक्योरिटी? (What is Y+ security?)
- भारत में VIP सुरक्षा कई लेवल में बंटी होती है-SPG, Z+, Z, Y+, Y और X कैटेगरी। इनमें SPG सबसे मजबूत मानी जाती है, जो सिर्फ प्रधानमंत्री को मिलती है।
- Z सिक्योरिटी के बाद Y+ सिक्योरिटी आती है। Y+ सिक्योरिटी में कुल 11 सिक्योरिटी पर्सनल होते हैं।
- इसमें 1-2 कमांडो, 2 पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) और बाकी ट्रेंड पुलिसकर्मी शामिल रहते हैं।
- ये अधिकारी 24 घंटे VIP की सुरक्षा में तैनात रहते हैं।
Y श्रेणी की सुरक्षा क्या है? (What is Y Security)
यह उच्च स्तर की सुरक्षा का तीसरा लेवल होती है, जो खास VIPs को दी जाती है। इस सुरक्षा व्यवस्था में आमतौर पर 11 ट्रेंड जवान तैनात रहते हैं, जिनमें 1 या 2 कमांडर शामिल होते हैं। इसके साथ ही दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) भी हमेशा मौजूद रहते हैं। Y श्रेणी की सुरक्षा पाने वाले VIPs की संख्या देश में काफी अधिक है।
Y सिक्योरिटी और Y+ सिक्योरिटी में क्या अंतर है? (Y Security vs Y+ Security)
- Y कैटेगरी सिक्योरिटी भी तीसरे लेवल की सुरक्षा मानी जाती है। इसमें भी करीब 11 जवान तैनात रहते हैं।
- फर्क बस इतना है कि Y+ में कमांडो की संख्या ज्यादा होती है और सिक्योरिटी प्रोटोकॉल और टाइट होता है।
- Y कैटेगरी में आम तौर पर 2 PSO और कुछ गार्ड्स दिए जाते हैं, जबकि Y+ में फोर्स का स्वरूप ज्यादा संगठित और हथियारों से लैस रहता है।

बिहार में नेताओं की सिक्योरिटी को लेकर राजनीति
बिहार में चुनाव से पहले नेताओं की सुरक्षा को लेकर माहौल गरमा गया है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार राजनीतिक नफे-नुकसान को देखते हुए नेताओं की सुरक्षा घटा-बढ़ा रही है। पप्पू यादव ने भी अपने आरोपों में यही कहा कि उनकी सुरक्षा कम करना एक सोची-समझी चाल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार जैसे राज्य में, जहां अपराध और राजनीति हमेशा चर्चा का विषय रहे हैं, वहां सुरक्षा का मुद्दा सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता बल्कि सीधा राजनीतिक संदेश देने लगता है। पप्पू यादव जैसे बाहुबली छवि वाले नेता पर हमला होने की आशंका को नकारा नहीं जा सकता, लेकिन सुरक्षा घटाने का फैसला यह भी दिखाता है कि सत्ता किसे ज्यादा महत्व दे रही है और किसे हाशिये पर धकेल रही है।
पप्पू यादव की सुरक्षा घटने के बाद एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि क्या बिहार चुनाव से पहले सुरक्षा भी राजनीति का हिस्सा बन चुकी है? और क्या सचमुच पप्पू यादव की आशंका सही है कि यह "हत्या की साजिश" है, या फिर यह सिर्फ चुनावी राजनीति का शोर है?












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