Bihar Chunav: बदले-बदले से नीतीश कुमार! तेजस्वी के वादे, सरकार ने एक-एक कर किए लागू, किस बात का सता रहा डर?
Bihar Election 2025: (Nitish Kumar) बिहार की राजनीति इन दिनों दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जिनकी छवि अब तक 'मुफ्त की योजनाओं' के विरोधी नेता के तौर पर रही है, वे खुद अब मुफ्त बिजली का ऐलान कर चुके हैं। यही नहीं RJD तेजस्वी यादव के हालिया चुनावी वादों को एक-एक कर नीतीश सरकार द्वारा अमल में लाया जा रहा है। सवाल ये है - क्या यह बदलाव आरजेडी के दबाव में है या बीजेपी की रणनीति का हिस्सा?
साल 2024 में बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार ने साफ कहा था -"हम मुफ्त में बिजली नहीं देंगे, बहुत कम दर पर बिजली दे रहे हैं ताकि लोग सुरक्षित रहें। हम फ्री कल्चर के खिलाफ हैं।" लेकिन ठीक एक साल बाद 17 जुलाई 2025 को उन्होंने एलान कर दिया -"1 अगस्त 2025 से बिहार के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी। इससे 1.67 करोड़ परिवारों को लाभ मिलेगा।" नीतीश कुमार के रुख में यह बदलाव अचानक नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव या रणनीति का संकेत हो सकता है।

तेजस्वी के 5 वादे, सरकार ने एक-एक कर किए लागू
बीते एक महीने में नीतीश सरकार ने तेजस्वी यादव के 5 वादों को लागू कर दिया है। आइए एक नजर डालते हैं
तेजस्वी यादव का वादा | नीतीश सरकार का ऐलान |
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नीतीश कुमार ने मुफ्त योजनाओं पर यू-टर्न क्यों लिया?
राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इसे 'फ्री बीज' कहना सही नहीं, क्योंकि अब सभी प्रमुख दल इस दिशा में बढ़ चुके हैं। वहीं कुछ राजनीतिक पंडितों का कहना है कि नीतीश कुमार अब अपने पुराने तेवर में नहीं हैं, उनकी सेहत और राजनीतिक स्थिति दोनों कमजोर हो रही है। वो अब खुद फैसला नहीं कर पा रहे हैं, वो एक राजनीतिक मोहरा बनकर रह गए हैं।
बीजेपी का क्या रोल है इन फैसलों में?
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, अब नीतीश सरकार के हर बड़े फैसले में बीजेपी की सहमति और रणनीति झलकती है। बीजेपी को मालूम है कि आने वाले चुनावों में उसे फ्रंटफुट पर रहना है, और इन लोकलुभावन घोषणाओं से वह जनता के बीच अपनी पैठ बढ़ाना चाहती है।
चुनाव में फायदा किसे मिलेगा -नीतीश, बीजेपी या आरजेडी?
आरजेडी का दावा है कि सरकार उनके वादों को ही लागू कर रही है। पार्टी मानती है कि इससे जनता को यह एहसास होगा कि असल एजेंडा उनका ही है। हालांकि अभी ये तय कर पाना मुश्किल है कि चुनावी फायदा किसे मिलेगा। चुनाव के पहले हर राज्यों में अब राजनीतिक पार्टियां ऐसी घोषणाएं करती हैं।
JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने आरजेडी को आड़े हाथों लेते हुए कहा है कि जिस राज्य में लालटेन युग था, वहां आज हर घर में बिजली है। 2012 में नीतीश कुमार ने वादा किया था कि बिजली सुधारेंगे नहीं तो वोट नहीं मांगेंगे -आज उन्होंने कर के दिखाया है। जिनको नीतीश कुमार से दिक्कत है, वे अपने घर का कनेक्शन कटवा लें!
बिहार की सियासत में इस समय कई परतें हैं -तेजस्वी यादव का आक्रामक एजेंडा, नीतीश कुमार की झुकती रणनीति, और बीजेपी की बैकडोर प्लानिंग। चुनावी बिसात बिछ चुकी है। लेकिन जनता किसे सिरमौर बनाएगी, इसका फैसला 2025 के नतीजे ही बताएंगे।












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