Bihar Election: नीतीश सरकार ने बनाया उच्च जाति आयोग, क्या है इसका उद्देश्य, कौन अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, जानें सबकुछ
Bihar Election: बिहार विधानसभा चुनाव (Bihar Election 2025) में जीत के लिए एनडीए (NDA) अपनी रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। पीएम मोदी (PM Modi) ने अपने बिहार दौरे पर कई बड़ी सौगात का ऐलान किया है। इसके अलावा, पीएम ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर संगठन मजबूत करने की नसीहत दी है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा है कि टिकट पाने की चाह रखने वाले नेता सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति बढ़ाएं। सीएम नीतीश कुमार भी एक के बाद एक कई फैसले ले रहे हैं। अब उन्होंने उच्च जातियों के लिए अलग से आयोग बनाने का ऐलान किया है। इसके लिए अध्यक्ष और उपाध्यक्ष भी बनाए गए हैं।
Bihar Election से पहले उच्च जाति आयोग गठित
सवर्ण वोट बैंक अपने साथ जोड़े रखने के लिए इसे एनडीए की अहम चाल माना जा रहा है। सीएम नीतीश कुमार ने उच्च जातियों के लिए आयोग गठित करने का ऐलान करते हुए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के ठीक बाद इस आयोग के गठन के लिए सूचना जारी की गई है। माना जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार ने यह फैसला सवर्णों के वोट बैंक को एनडीए के साथ जोड़े रखने के लिए किया है। 2024 लोकसभा चुनाव में राजपूत और भूमिहार जाति के कुछ वोट खिसकने की बातें अपुष्ट लहजे में एनडीए नेताओं ने भी मानी थी।

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निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने खुले तौर पर अपने एक इंटरव्यू में कहा था कि राजपूतों का वोट बिहार में इस बार एनडीए के साथ नहीं है। एक बार फिर राजपूत जाति समाजवादियों से जुड़ रही है। ऐसा लग रहा है कि इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर यह फैसला किया गया है। जानें इस आयोग से जुड़ी अहम बातें।
सवर्ण आयोग का अध्यक्ष और उपाध्यक्ष
BJP के वरिष्ठ नेता महाचंद्र सिंह को सवर्ण आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि JDU के राजीव रंजन प्रसाद आयोग के उपाध्यक्ष बनेंगे।
सवर्ण आयोग का कार्यकाल और अन्य बातें
सवर्ण आयोग का कार्यकाल कितना होगा, इसे लेकर नोटिफिकेशन में कुछ भी नहीं कहा गया है। हालांकि, इसमें यह कहा गया है कि उच्च जातियों की स्थिति, दशा वगैरह के बारे में यह आयोग काम करेगी। इस आयोग के कार्यकाल को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई है।
हालांकि, बिहार में इससे पहले भी साल 2011 में सवर्ण आयोग गठित किया गया था, लेकिन बाद में कुछ वजहों से उसे निष्क्रिय कर दिया गया था।
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