Bihar Chunav: राहुल गांधी के '10 फीसदी आबादी का सेना में कंट्रोल' वाले बयान पर राजनाथ सिंह का पलटवार
Rahul Gandhi Army Statement: बिहार चुनाव के बीच, सेना को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान ने एक नया सियासी बखेड़ा खड़ा कर दिया है। 5 नवंबर 2025 को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में राहुल गांधी के इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें राहुल ने दावा किया था कि भारतीय सेना पर देश की केवल 10% आबादी का नियंत्रण है।
राजनाथ सिंह ने राहुल पर सशस्त्र बलों को राजनीति में घसीटने और देश में 'अराजकता फैलाने' की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सेना के लिए केवल एक ही धर्म है, और वह है 'सैन्य धर्म', और इसमें आरक्षण जैसे मुद्दों को लाने का प्रयास देश को कमजोर करेगा। यह बयानबाजी ऐसे समय में हुई है जब बिहार में चुनावी सरगर्मी अपने चरम पर है, और यह मुद्दा राजनीतिक गलियारों में गरमा गया है।

राहुल गांधी का बयान: सेना पर 10% आबादी का 'कंट्रोल'
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार के औरंगाबाद में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए एक विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश की 90% आबादी (दलित, महादलित, पिछड़ी, अति पिछड़ी और अल्पसंख्यक समुदायों से) की सेना में भागीदारी कम है। राहुल गांधी के अनुसार, देश की 500 सबसे बड़ी कंपनियों की तरह, सेना पर भी केवल 'शीर्ष 10 फीसदी' आबादी का नियंत्रण है, जो दलित या पिछड़े समुदायों से नहीं आती। उनके इस बयान ने तुरंत राजनीतिक गलियारों में हंगामा खड़ा कर दिया, क्योंकि यह भारतीय सेना की समावेशी प्रकृति पर सवाल उठाता दिख रहा था।
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राजनाथ सिंह का पलटवार: 'सेना को राजनीति में न घसीटें'
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लोकसभा में और जमुई, बिहार में चुनावी रैली के दौरान राहुल पर सशस्त्र बलों को राजनीति में घसीटने का आरोप लगाया। राजनाथ सिंह ने कहा कि राहुल गांधी रक्षाबलों में आरक्षण की मांग करके देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि सेना के जवानों के लिए केवल एक ही धर्म है, 'सैन्य धर्म', और सेना को ऐसे मतभेदों से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने आरक्षण का समर्थन करते हुए भी स्पष्ट किया कि सेना एक अलग संस्था है जहाँ इन मुद्दों को नहीं लाना चाहिए।
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'अराजकता फैलाने' का आरोप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी पर सीधा आरोप लगाया कि वे अपने बयानों से देश में 'अराजकता फैलाने' की कोशिश कर रहे हैं। राजनाथ सिंह का मानना है कि सेना में जातीय या क्षेत्रीय आधार पर आरक्षण जैसे मुद्दे उठाने से सशस्त्र बलों की एकता और अखंडता कमजोर होगी। यह आरोप बिहार चुनाव के बीच आया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है। राहुल गांधी का बयान जहां सामाजिक न्याय के मुद्दे को उठाने का एक प्रयास लग रहा था, वहीं भाजपा इसे सेना के मनोबल को तोड़ने और देश में विभाजन पैदा करने की कोशिश के रूप में देख रही है।
सेना का 'सैन्य धर्म': एकता और अखंडता का संदेश
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने बयान में भारतीय सेना के मूल ethos पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे सैनिकों के लिए केवल एक ही धर्म है, और वह है 'सैन्य धर्म'। यह बयान सेना की एकता, अखंडता और उसके गैर-राजनीतिक चरित्र को रेखांकित करता है। राजनाथ सिंह ने याद दिलाया कि जब भी देश पर संकट आया है, भारतीय सैनिकों ने बिना किसी भेदभाव के अपने साहस और पराक्रम से देश को गौरवान्वित किया है। उनका यह संदेश राहुल गांधी के बयान के जवाब में आया है, जिसका उद्देश्य सेना के मनोबल को बनाए रखना और उसे राजनीतिक विवादों से दूर रखना था।
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