Bihar Chunav: बिहार चुनाव पर जमीयत उलमा-ए-हिंद का दावा, 'मुसलमानों को लेकर भड़काऊ बयान दिए जा रहे'

Bihar Chunav: बिहार की सियासी फिजा में इन दिनों आरोप-प्रत्यारोप और बयानबाजियों का दौर चल रहा है। जैसे-जैसे चुनाव की तारीख करीब आ रही है, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव नियाज फारुकी ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। फारूकी ने यह भी दावा किया कि मुसलमानों के लिए भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल हो रहा है। उन्हें घुसपैठिये और दूसरे नामों से बुलाया जा रहा है।

फारुकी ने कहा कि बिहार चुनाव के दौरान मुसलमानों और घुसपैठियों को लेकर जिस तरह के बयान दिए जा रहे हैं, वह बेहद आपत्तिजनक हैं। हम ऐसे बयानों का सख्त विरोध करते हैं। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से अपील की है कि वे ऐसे बयान देने से बचें जो समाज में ध्रुवीकरण या विभाजन पैदा करते हैं।

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Bihar Chunav में फिर आया वोटर लिस्ट का मुद्दा

जमीयत उलमा-ए-हिंद के महासचिव ने एक मीडिया चैनल से बातचीत में वोटर लिस्ट संशोधन में गड़बड़ियों का हवाला दिया। फारुकी ने दावा किया कि वोटर लिस्ट से 50 लाख नाम हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि यह बहुत बड़ा मामला है और ऐसा लगता है जैसे चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए यह कदम उठाया गया हो। उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर ये मतदाता फर्जी थे, तो जब उन्हें जोड़ा जा रहा था उस समय आयोग ने कार्रवाई क्यों नहीं की? इसका मतलब है कि सत्ता हासिल करने के लिए मतदाता सूची में हेरफेर किया गया है।

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फारूकी ने घुसपैठियों के मु्द्दे पर साधा निशाना

निया फारुकी ने कहा कि बार-बार मुसलमानों को घुसपैठिया कहकर निशाना बनाया जा रहा है, जबकि असम में भी ऐसे ही आरोपों के पीछे की सच्चाई कोर्ट में झूठी साबित हुई थी। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव जाति और धर्म नहीं, बल्कि रोजगार, शिक्षा और विकास जैसे मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए।

उन्होंने असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जमीयत किसी राजनीतिक दल से जुड़ी नहीं है। मुसलमान सीएम या डिप्टी सीएम बनाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'अगर देश में मुसलमानों की आबादी 15 प्रतिशत है, तो उन्हें उनका 15 प्रतिशत हक क्यों नहीं दिया जाता? क्या मुसलमान का बेटा इस देश में मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं बन सकता?'

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