Bihar Chunav: गया में CM नीतीश कुमार का मंच धंसा! बाल-बाल बचे मुख्यमंत्री, समर्थकों की भीड़ में मचा हड़कंप
Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण का मतदान की तारिख अपने अंतिम चरण में हैं। राजनीतिक दल मैदान में अपना-अपना दमखम दिखाने में पूरा जोर लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी गया जिले के बेलागंज में आयोजित जनसभा को संबोधितक करने के लिए उपस्थित थे उसी दौरन एक अप्रत्याशित और आश्चर्यजनक घटना घटी जिससे चारो तरफ अफरा-तफरी मच गई।
दरअसल, घटना के वक्त नीतीश कुमार अपने समर्थकों के बीच मौजूद थे और उनके स्वागत में एक 20 किलो की बड़ी फूलमाला पहनाने की तैयारी हो रही थी। उसी दौरान नीतिश कुमार का मंच घंस गया। सौभाग्य से सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता से सीएम सुरक्षित बच गए।

20 किलो की माला पहनाने के दौरान मंच धंसा
जानकारी के मुताबिक, सभा शुरू होने के कुछ ही समय बाद सैकड़ों समर्थक मंच पर चढ़ आए, ताकि वे मुख्यमंत्री को विशाल माला पहनाकर स्वागत कर सकें। मंच पर अचानक अधिक वजन पड़ने से बीच का हिस्सा धंस गया।धंसने की तेज आवाज सुनते ही सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाई और नीतीश कुमार को तुरंत मंच के एक सुरक्षित हिस्से में ले जाकर निकाल लिया। इसके बाद भीड़ को मंच से उतारा गया।
सभा के अंत में एक बार फिर जब नीतीश कुमार समर्थकों की ओर हाथ हिला रहे थे, तभी मंच का एक कोना दोबारा झुक गया। हालांकि, सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत संभाल लिया और सीएम को बिना किसी चोट के वहां से सुरक्षित रवाना किया गया।
अफरातफरी के बीच भी नीतीश ने दिया संबोधन
घटना के बावजूद मुख्यमंत्री ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ देर बाद सभा में लौटकर जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जनता की सेवा ही उनका उद्देश्य है और "हम बिहार को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर काम करते रहेंगे।" अपने संबोधन में नीतीश कुमार ने 2005 से पहले और बाद के बिहार की तुलना करते हुए कहा, पहले की सरकार (राजद) ने कोई काम नहीं किया था।
तब बिहार में ऐसा माहौल था कि लोग शाम के बाद घर से बाहर नहीं निकलते थे। हमने कानून का राज स्थापित किया। उन्होंने आगे कहा, हमारी सरकार ने 2006 में ही कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू कराई और 2016 में 60 वर्ष से पुराने हिंदू मंदिरों की घेराबंदी भी कराई, ताकि कोई विवाद न हो। हमने हमेशा सबके लिए काम किया - चाहे हिंदू हों या मुस्लिम।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर नीतीश का फोकस
नीतीश कुमार ने महिलाओं के लिए अपनी सरकार के कामों को गिनाते हुए कहा कि, "2006 में पंचायती राज में 50% आरक्षण, 2013 में पुलिस में 35% और 2016 में सभी सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण महिलाओं को दिया गया।"
उन्होंने बताया कि आज बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है। साथ ही उन्होंने कहा कि 2006 में विश्व बैंक की मदद से 'जीविका' समूह की शुरुआत की थी। आज बिहार में इन जीविका दीदियों की संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो चुकी है, जो राज्य के आर्थिक ताने-बाने में अहम भूमिका निभा रही हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की सजगता से टली बड़ी घटना
मंच धंसने की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत हालात काबू में लिए। स्थानीय प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया और अगले आयोजनों के लिए मंच संरचना की दोबारा जांच करने के निर्देश दिए हैं। बेलागंज में हुई यह घटना चुनावी माहौल के बीच चर्चा का विषय बन गई है। समर्थक जहां इसे "भगवान की कृपा" बता रहे हैं, वहीं विरोधी दल इसे प्रशासनिक लापरवाही करार दे रहे हैं।












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