Bihar Chunav 2025 Exit Poll: BJP, JDU या RJD, कौन बनेगी सबसे बड़ी पार्टी? क्या कहते हैं एग्जिट पोल के रुझान?
Bihar Chunav Exit Poll 2025: बिहार में सत्ता की जंग अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुकी है। दो चरणों में हुए मतदान ने इस बार राज्य के इतिहास में वोटिंग का नया रिकॉर्ड बना दिया है। हर उम्र के मतदाताओं में जोश और उत्साह साफ़ दिखाई दिया। कहीं पहली बार वोट डालने वालों की लहर थी, तो कहीं महिलाओं की भागीदारी ने माहौल बदल दिया।
इसी बीच, एग्ज़िट पोल के रुझान सामने आ चुके हैं, जिनमें एनडीए गठबंधन को बढ़त मिलती दिख रही है, जबकि महागठबंधन पिछड़ता नज़र आ रहा है। जनता के बढ़े हुए मतदान प्रतिशत और एग्ज़िट पोल के अनुमानों ने अब 14 नवंबर की मतगणना को और भी रोमांचक बना दिया है। अब देशभर की निगाहें 14 नवंबर को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं। इस बार बिहार के मतदाताओं ने रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग कर चुनाव को ऐतिहासिक बना दिया है।

ज़्यादातर एग्ज़िट पोल में BJP को बढ़त
विभिन्न एजेंसियों द्वारा बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जारी किए गए एग्जिट पोल के अनुमान नीचे दिए गए हैं, जिसमें प्रत्येक पार्टी के लिए अनुमानित सीटों की संख्या बताई गई है:
दैनिक भास्कर के एग्जिट पोल के अनुमान
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 72 से 82 सीटें
- जनता दल यूनाइटेड (JDU): 59 से 68 सीटें
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 51 से 63 सीटें
- कांग्रेस (Congress): 12 से 15 सीटें
मेट्रिक्स IANS सर्वे के अनुमान
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 65 से 73 सीटें
- जनता दल यूनाइटेड (JDU): 67 से 75 सीटें
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 53 से 58 सीटें
- कांग्रेस (Congress): 10 से 12 सीटें
चाणक्य स्टैटिस्टिक्स के अनुमान
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 70 से 75 सीटें
- जनता दल यूनाइटेड (JDU): 52 से 57 सीटें
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 75 से 80 सीटें
- कांग्रेस (Congress): 17 से 23 सीटें
TIF रिसर्च के अनुमान
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 64 से 71 सीटें
- जनता दल यूनाइटेड (JDU): 64 से 71 सीटें
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 61 से 73 सीटें
- कांग्रेस (Congress): 9 से 13 सीटें
पोलस्ट्रेट के सर्वे के अनुमान
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 68 से 72 सीटें
- जनता दल यूनाइटेड (JDU): 55 से 60 सीटें
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 65 से 72 सीटें
- कांग्रेस (Congress): 9 से 13 सीटें
पोल डायरी के अनुमान
- भारतीय जनता पार्टी (BJP): 87 से 95 सीटें
- जनता दल यूनाइटेड (JDU): 81 से 89 सीटें
- राष्ट्रीय जनता दल (RJD): 20 से 27 सीटें
- कांग्रेस (Congress): 4 से 8 सीटें
मैटराइज़-आईएएनएस के एग्ज़िट पोल में एनडीए को 147 से 167 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि महागठबंधन को 70 से 90 सीटें और अन्य दलों को 2 से 6 सीटें दी गई हैं।
इस पोल में बीजेपी को 65-73, जेडीयू को 67-75, एलजेपी (रामविलास) को 7-10, हम को 4-5 और आरएलएम को 1-2 सीटें दी गई हैं। महागठबंधन की ओर से आरजेडी को 53-58, कांग्रेस को 10-12, वीआईपी को 1-4 और वामपंथी दलों को 9-14 सीटें मिलने का अनुमान है। वोट शेयर के हिसाब से एनडीए को 48% और महागठबंधन को 37% वोट मिल सकते हैं।
दिलचस्प बात ये है कि इन सभी एग्जिट पोल में ज्यादातर में सबसे ज्यादा सीटें जीतने का अनुमान बीजेपी के लिए है। अगर एग्जिट पोल के रुझान परिणाम में बदलते हैं तो BJP बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरेगी।
गठबंधन का समीकरण
243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए में बीजेपी और जेडीयू 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ीं, जबकि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) 29, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) 6-6 सीटों पर मैदान में हैं।
महागठबंधन की ओर से आरजेडी 143, कांग्रेस 61, सीपीआईएमएल 20, वीआईपी 13, सीपीआई (एम) 4 और सीपीआई 9 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।
बहुमत का आंकड़ा और मौजूदा स्थिति
सरकार बनाने के लिए किसी भी दल या गठबंधन को 122 सीटों की ज़रूरत होती है। फिलहाल राज्य में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन की एनडीए सरकार है और आरजेडी के तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष हैं। मौजूदा विधानसभा में बीजेपी के 80, आरजेडी के 77, जेडीयू के 45, कांग्रेस के 19 और वामदलों के पास कुल 15 सीटें हैं।
दूसरे चरण में भी रिकॉर्ड वोटिंग
दूसरे चरण के तहत राज्य के 20 जिलों की 122 सीटों पर मंगलवार को मतदान हुआ। शाम 5 बजे तक 67.14 फ़ीसदी वोटिंग दर्ज की गई, जो हाल के वर्षों में सबसे अधिक है। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम तक मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ देखी गई। पहले चरण में भी जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था, जहां 64.66 प्रतिशत वोटिंग दर्ज हुई - जो बिहार चुनावी इतिहास में अब तक की सबसे ज़्यादा रही।
महिला वोटरों ने दिखाया जोश
कुल 7.42 करोड़ वोटरों में से लगभग 3.92 करोड़ पुरुष और 3.5 करोड़ महिलाएं हैं। इस बार महिला मतदाताओं का उत्साह खास तौर पर चर्चा में रहा। कई इलाकों में महिलाओं की वोटिंग दर पुरुषों से भी ज़्यादा दर्ज की गई, जिससे साफ़ संकेत मिला कि महिला वोटर इस बार बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
लगातार बढ़ती वोटिंग दर ने इस चुनाव को बेहद दिलचस्प बना दिया है। दोनों चरणों में रिकॉर्ड मतदान से यह संकेत मिला है कि जनता बदलाव और नेतृत्व दोनों को लेकर उत्साहित है।
अब नज़रें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर हैं - जब यह तय होगा कि बिहार की सत्ता पर फिर से नीतीश कुमार का कब्ज़ा रहेगा या तेजस्वी यादव इस बार इतिहास रचेंगे।
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