Bihar Cabinet Expansion: BJP की मिथिलांचल पर नजर, किन तीन विधायकों को बनाया मंत्री, जानिए सबकुछ
Bihar Cabinet Expansion: बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। सबसे खास बात ये है कि इस बार सातों के सात मंत्री बीजेपी के कोटे से बनाए गए हैं। मंत्री पद की शपथ लेने वाले विधायकों में संजय सरावगी (दरभंगा), सुनील कुमार (बिहारशरीफ), जीवेश मिश्रा (जाले), कृष्ण कुमार मंटू (छपरा, अमनौर), विजय मंडल (अररिया, सिकटी), राजू सिंह (साहेबगंज) और मोती लाल प्रसाद (रीगा) शामिल हैं।
बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने नए मंत्रियों को शपथ दिलाई। मिथिलांचल से आने वाले जीवेश कुमार, संजय सरावगी, सुनील कुमार ने मैथिली भाषा में मंत्री पद की शपथ ली। इस बार बिहार के सारे क्षेत्रों पर चुनावी दृष्टीकोण से फोकस किया गया है। क्षेत्रों को ध्यान में रखकर नए मंत्रियों का चयन किया गया है। मिथिलांचल क्षेत्र में लगभग विधानसभा के 50 सीट हैं बीजेपी ने मिथिलांचल से 3 मंत्री बनाकर इन सारी सीटों को साधने की कोशिश की है।

नए मंत्रियों के चयन में इस बार उत्तर बिहार और मिथिलांचल को ध्यान में रखा गया है। क्योंकि ये क्षेत्र बीजेपी का गढ़ माना जाता है। सारे जातीय समीकरण के सटीक विश्लेषण करते हुए इस बार बीजेपी ने अपने मंत्रियों को जिम्मेदारी दी है। यह रणनीतिक कदम बीजेपी के लिए चुनाव में फायदेमंद साबित हो सकता है।
फायरब्रांड नेता के रूप में छवि है
इन तीन नेताओं की अपनी अलग छवि है। जीवेश मिश्रा NDA सरकार में पहले भी मंत्री रह चुके हैं। क्षेत्र में इनकी फायरब्रांड नेता के रूप में छवि है। ABVP से शुरू से इनका जुड़ाव रहा है। इन्होंने संघ के प्राथमिक सदस्य के रूप में भी काम किया है। 2015 में पहला विधानसभा चुनाव जाले से जीते और लगातार दूसरी बार 2020 में भी चुनाव जीते।
जदयू से तोड़ दिया था 10 साल पुराना रिश्ता
सुनील कुमार को कोइरी कोटे से मंत्री बनाया गया है। NDA सरकार में ये पहली बार मंत्री बने हैं। ये 2005 से लगातार बिहार शरीफ विधानसभा से चुनाव जीत रहे हैं। इनकी सबसे खास बात ये है कि 2013 में जब सीएम नीतीश कुमार ने बीजेपी से गठबंधन तोड़ दिया था तो वो भी बीजेपी में शामिल हो गए थे। ये 2005 से लगातार बिहार शरीफ से चुनाव जीत रहे हैं।
मिथिलांचल के जाने माने नेता हैं संजय सरावगी
संजय सरावगी मिथिलांचल के जाने माने चेहरा हैं। वो लगातार 5 बार से चुनाव जीत रहे हैं, लेकिन वो NDA सरकार में पहली बार मंत्री बने हैं। उनकी पढ़ाई PG तक हुई है। अप्रैल 2018 में इन्हें प्रकल्प समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने फिर से राजद उम्मीदवार अमरनाथ गामी को 10,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया।












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