Bihar By Election 2024 Voting: रुपौली विधानसभा में नाक की लड़ाई, जानिए कैसे हैं सियासी समीकरण
Rupauli By Election: बिहार में पूर्णिया की रुपौली विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में एनडी और महागठबंधन के बीच नाक की लड़ाई है। पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने इस सीट पर जीत दर्ज करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। बहरहाल चुनाव परिणाम के बाद ही पता चलेगा कि बाज़ी किसने मारी। फिलहास इस विधानसभा सीट का सियासी समीकरण समझते हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत एनडीए और महागठबंधन के छोटे बड़े सभी नेताओं ने अपने उम्मीदवार के लिए रुपौली में जमकर चुनाव प्रचार किया। आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में दांव आज़माने के लिए 5 बार से विधायक रही बीमा भारती जदयू से किनारा कर राजद में शामिस हो गईं थी।

पूर्णिया लोकसभा सीट से उन्होंने राजद की टिकट पर चुनावी दांव खेला लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार पप्पू यादव ने उन्हें शिकस्त दी थी, हालांकि रुपौली उपचुनाव में पप्पू यादव ने बीमा भारती का समर्थन किया है। रुपौली विधानसभा उपचुनाव के रण में कुल 11 उम्मीदवारों ने चुनावी ताल ठोकी है।
यहां मुकाबला काफी दिलचस्प नज़र आ रहा है, राजद की टिकट पर बीमा भारती चुनावी मैदान में हैं। वहीं जदयू की टिकट पर कलाधर मंडल चुनाव लड़ रहे हैं। इनके अलावा लोजपा से विधायक रह चुके शंकर सिंह ने भी निर्दलीय ताल ठोकी है।
रुपौली विधानसभा के जातीय समीकरण की बात करें तो गंगोता समुदाय की आबादी सबसे ज्यादे हैं। राजद और जदयू दोनों उम्मीदवार इसी जाति से ताल्लुक रखते हैं। गंगोता समुदाय की आबादी 50 हज़ार से ज्यादे है। वहीं लव कुश समुदाय के मतदाता 35 हज़ार के करीब है। जो कि विनिंग फ़ैक्टर के तौर पर देखे जा रहे हैं।
इसके अलावा वैश्य मतदाताओं की तादाद 25 हजार के करीब है। वहीं महागठबंधन में शामिल राजद के मुस्लिम-यादव (MY समीकरण) के करीब 50 हज़ार मतदाता है। वहीं सवर्ण वोटर की तादाद भी 25 हज़ार के करीब है। ग़ौरतलब है कि निर्दलीय प्रत्याशी शंकर सिंह राजपूत समुदाय से हैं।












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