Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

'बेटी पर अत्याचार हो रहे हैं', अब रोहिणी आचार्य के पक्ष में उतरा ये दिग्गज नेता, लालू-राबड़ी को सुनाई दो टूक

Bihar politics: आरजेडी सुप्रीमों लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अपनी किडनी दान कर पिता लालू यादव की जान बचाने वाली बेटी रोहिणी ने बेटियों के समान अधिकारों की वकालत की है। लालू परिवार से निकाले जाने के बाद नाराज चल रहीं रोहिणी ने गुरुवार को अपने फेसबुक पोस्ट लिखी, जिस पर नई बहस छिड़ गई है।

वहीं अब बिहार भाजपा अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने शनिवार को राजद सुप्रीमो और लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी से अपनी बेटी रोहिणी आचार्य द्वारा लगाए गए आरोपों पर आत्मचिंतन करने और इस पारिवारिक विवाद को परिवार के भीतर ही सुलझाने का आग्रह किया है।

Bihar BJP President Dilip Jaiswal favor of Rohini Acharya

'बेटी पर अत्याचार हो रहे हैं, लालू-राबड़ी आत्मचिंतन करें'

शनिवार को मीडिया से बात करते हुए जायसवाल ने इस मुद्दे पर जोर देते हुए कहा, "यह कुछ ऐसा है जिस पर लालू यादव और राबड़ी देवी यादव को सोचना चाहिए कि उनकी बेटी पर अत्याचार हो रहे हैं। यह उनका पारिवारिक मामला है, और मुझे लगता है कि परिवार के लोगों को ही पारिवारिक मामलों पर सोचना चाहिए।"

Bihar BJP President Dilip Jaiswal favor of Rohini Acharya

बेटियों के अधिकारों की रक्षा के लिए रोहिणी आचार्य ने लगाई गुहार

बिहार भाजपा अध्‍यक्ष की जायसवाल की यह टिप्पणी तब आई है जब राजद प्रमुख लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस उपायों का आह्वान किया है। रोहिणी आचार्य ने फेस बुक पर एक पोस्‍ट शेयर की थी जिसमें उन्‍होंने नीतीश सरकार की छात्राओं व महिलाओं को मिल रही आर्थिक सुविधाओं की प्रशंसा की साथ ही उन्‍होंने लिखा कि सरकार और समाज का प्रथम दायित्व बेटियों के समान अधिकारों की रक्षा करना है, जिसके लिए सामाजिक व पारिवारिक उदासीनता के विरुद्ध ठोस कदम उठाने होंगे।

रोहिणी आचार्य ने लिखी ये भावुक पोस्‍ट

"लड़कियों को ₹10,000 देना या साइकिलें बांटना, भले नेक इरादे से किया गया हो, भारत में महिलाओं के सशक्तिकरण में बाधा डालने वाले व्यवस्थागत मुद्दों को हल करने हेतु अपर्याप्त है।" उन्होंने बिहार की गहरी पितृसत्तात्मक मानसिकता पर भी प्रहार किया, जिसे सामाजिक व राजनीतिक दोनों क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन की आवश्यकता बताया गया।

रोहिणी ने भावुक अंदाज़ में कहा कि हर बेटी को यह हक है कि उसका मायका एक सुरक्षित स्थान हो, जहाँ वह बिना डर, अपराधबोध, शर्म या स्पष्टीकरण के लौट सके। यह केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि महिलाओं को भविष्य के शोषण-उत्पीड़न से बचाने का महत्वपूर्ण कदम है। रोहिणी के इस पोस्ट को उनकी निजी मुश्किलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

रोहिणी आचार्य ने परिवार पर लगाए हैं ये गंभीर आरोप

गौरतलब है कि रोहिणी आचार्य एक महीने पहले ही बिहार चुनाव परिणाम में आरजेडी को मिली करारी हार पर जब सवाल उठाए तो कथित तौर पर परिवार में हुए विवाद के बाद उन्‍होंने अपने परिवार से "रिश्ता तोड़ने" की घोषणा की थी और राजनीति से दूरी बना ली थी।

15 नवंबर को, आचार्य ने अपने भाई तेजस्वी यादव और उनके करीबी सहयोगियों संजय यादव व रमीज पर आरोप लगाया कि उन्होंने उन्हें जाने के लिए कहा। उन्होंने यह भी बताया कि उन्हें "अपमानित किया गया, गालियां दी गईं, और उन्हें मारने के लिए जूते उठाए गए थे" जैसी बातें भी कही थीं।

रोहिणी आचार्य ने रोते हुए छोड़ा था मां का घर

रोहिणी आचार्य मां राबड़ी देवी के आवास से रोकर निकली थीं, और उन्होंने भाई तेजस्वी यादव व सहयोगियों पर अपमानित करने का आरोप लगाया था। रोहिणी लालू प्रसाद को किडनी देने के बाद सुर्खियों में आई थीं। वह 2024 लोकसभा चुनाव में सारण से राजद उम्मीदवार थीं, पर हार गईं। उन्होंने इस साल विधानसभा चुनाव में भी पार्टी के लिए प्रचार किया था।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+