जब लोकतंत्र चढ़ा घोड़ी पर और भैंस बन गई प्रदर्शन की ब्रांड एंबेसडर! देखिए बिहार बंद का वायरल अंदाज़
Bihar Bandh: बिहार बंद के दौरान सूबे की सड़कों पर राजनीति का ऐसा रंग बिखरा, जिसे देखकर लोकतंत्र भी मुस्कुरा उठा होगा। कहीं RJD कार्यकर्ता सड़क पर लेटकर अपनी नाराज़गी दर्ज करा रहे थे, तो कहीं भैंसों की परेड निकल रही थी मानो वे भी कह रही हों, अब तो हमें भी कुछ कहना है। इतना ही नहीं, घोड़े भी आंदोलन में कूद पड़े। बिहार की सड़कों पर ऐसा नज़ारा बना कि लगने लगा जैसे सिर्फ इंसान नहीं, अब पशु भी लोकतंत्र बचाने की मुहिम में शामिल हो चुके हैं। कुछ जगहों पर कार्यकर्ता ऐसे लेटे जैसे धरना नहीं,'रिवर्स योगा सेशन' चल रहा हो।
इन दृश्यों ने सरकार और प्रशासन को गंभीर सवालों से घेर तो लिया है, लेकिन साथ ही यह भी दिखा दिया कि विरोध अब पोस्टर और भाषणों तक सीमित नहीं अब तो भैंस भी बोलती है, घोड़े भी दौड़ते हैं और सड़कें भी सियासत के कैनवस बन चुकी हैं।

बिहार के वैशाली में हुआ 'भैंस परेड'
यह भैंस वाली तस्वीर यह तस्वीर बिहार के वैशाली जिले की है, जहां 'बिहार बंद' के दौरान सड़कों पर कुछ ऐसा नज़ारा दिखा, जो विरोध प्रदर्शन के परंपरागत तरीकों से बिल्कुल अलग था। यहां प्रदर्शनकारी केवल नारेबाज़ी तक सीमित नहीं रहे RJD कार्यकर्ता भैंसों को लेकर बाकायदा परेड करते नजर आए, मानो लोकतंत्र की रक्षा की यह लड़ाई अब आम जनता ही नहीं, जानवरों की भी हो गई हो। यह दृश्य न सिर्फ हैरान करने वाला था, बल्कि सत्ता और चुनाव आयोग के खिलाफ जनता की नाराज़गी को बिल्कुल देसी अंदाज़ में सामने रखता है। वहीं, उसी जगह पर कुछ कार्यकर्ता सड़कों पर चादर बिछाकर लेट गए, जैसे यह दिखाना चाह रहे हों कि जब तक लोकतंत्र के अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक वे चैन से नहीं उठेंगे।
घोड़ी पर चढ़कर प्रदर्शन
एक ओर जहां वैशाली में भैंसों की परेड चर्चा में रही, वहीं दूसरी ओर पटना-मुजफ्फरपुर मुख्य पथ पर 'इंडिया गठबंधन' के बिहार बंद के समर्थन में उतरे RJD कार्यकर्ता घोड़ी के साथ प्रदर्शन करते नजर आए। सुबह 5 बजे से ही कार्यकर्ता हाथों में झंडे, पोस्टर और नारों के साथ सड़कों पर डटे हुए थे, लेकिन सबसे अलग नज़ारा तब दिखा जब एक कार्यकर्ता घोड़ी पर सवार होकर बंद कराने निकल पड़ा। यह दृश्य न केवल आम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना, बल्कि यह प्रतीक बन गया इस बात का कि अब लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई घोड़ी पर चढ़कर भी लड़ी जाएगी।
स्थानीय लोग और राहगीर हैरानी से यह नज़ारा देखते रहे, वहीं सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों और वीडियो ने ज़बरदस्त जगह बना ली। लोगों ने चुटकी लेते हुए कहा - "जब सत्ता घोड़े की तरह दौड़ रही है, तो विरोध भी उसी पर सवार होकर पहुंचेगा!
महाराष्ट्र चुनाव में वोट चोरी हुई- राहुल
राहुल गांधी ने आगे कहा कि, 'हम बिहार आए हैं, यहां लोग संविधान के लिए शहीद हुए। हमारे संविधान में लिखा है कि हिंदुस्तान के हर नागरिक को वोट देने का अधिकार है। मैं हिंदुस्तान और बिहार की जनता को बताना चाहता हूं कि जैसे महाराष्ट्र का चुनाव चोरी किया गया था, उसी तरह बिहार का चुनाव भी चोरी करने की कोशिश की जा रही है। उन्हें पता चल गया है कि हमें महाराष्ट्र मॉडल समझ आ गया है, इसलिए अब वे बिहार मॉडल लेकर आए हैं। मैं आपको साफ बताना चाहता हूं कि यह गरीबों का वोट छीनने का तरीका है, लेकिन इनको पता नहीं है कि ये बिहार है और बिहार की जनता ऐसा कभी नहीं होनी देगी।'
'चुनाव आयोग BJP-RSS की तरह बात कर रहा है'
INDIA गठबंधन के लोग चुनाव आयोग से जाकर मिले, लेकिन वहां से आकर हमारे लोगों ने कहा कि चुनाव आयोग BJP-RSS की तरह बात कर रहा है। चुनाव आयोग भूल गया है कि वह किसी राजनीतिक पार्टी का नहीं है। वो हिंदुस्तान के इलेक्शन कमिश्नर हैं और उनका काम संविधान की रक्षा करने का है।
मैं साफ संदेश देना चाहता हूं कि आपको जो करना है, करिए.. लेकिन बाद में कानून आप पर लागू होगा। भूलिए मत.. आप कितने भी बड़े हों, कहीं भी बैठे हों, मैं आपको गारंटी दे रहा हूं कि कानून आपको नहीं छोड़ेगा। चुनाव आयोग का काम, BJP के लिए काम करने का नहीं है। चुनाव आयोग का काम संविधान की रक्षा करने का है, लेकिन ये अपना काम नहीं कर रहे हैं। पहले इलेक्शन कमिश्नर सिर्फ BJP नहीं चुनती थी। पहले इलेक्शन कमिश्नर को चुनने का काम BJP, विपक्ष और CJI करते थे, लेकिन मोदी सरकार ने CJI को हटा दिया और BJP ने हमें भी साफ़ कह दिया कि ये नाम है और हमने इन्हें चुना है।
ये भी पढ़ें Bihar Band: EC के वोटर वेरिफिकेशन अभियान के खिलाफ विपक्ष का 'चक्का-जाम', सड़कों पर उतरी पार्टियां












Click it and Unblock the Notifications