Bihar News: पूरे परिवार को मेरे सामने ज़िंदा जला दिया, मैं देखता रहा, पूर्णिया नरसंहार का एकमात्र चश्मदीद सोनू
Purnia Bihar News: 'दादी चीख रही थीं, मां की आवाज़ आ रही थी, भाई जल रहा था... मैं सब देख रहा था... लेकिन कुछ कर नहीं सका। यह दिल दहला देने वाला बयान बिहार के पूर्णिया ज़िले में हुए नरसंहार के एकमात्र बचे सदस्य सोनू का है।
मुफस्सिल थाना क्षेत्र के टेटगामा गांव में शुक्रवार रात अंधविश्वास की आग ने पांच जिंदगियों को निगल लिया। डायन बताकर एक ही परिवार के पांच लोगों को ग्रामीणों ने पीट-पीट कर मार डाला और फिर उन्हें जिंदा जला दिया। गांव से भागकर जान बचाने वाले 17 वर्षीय सोनू ने जो बताया, वो रूह कंपा देने वाला है।

'सब मैंने अपनी आंखों से देखा'
सोनू की आंखें अब भी डर से भरी हैं। उसने कहा कि, 'गांव के ही कुछ लोग शाम को हमारे घर आए। पहले गालियां दीं, फिर हमला कर दिया। मुझे भी बांधने की कोशिश की, लेकिन मैं किसी तरह भाग निकला। खेत में जाकर छिप गया। वहीं से मैंने देखा कि कैसे मेरे दादी, मां, पापा और भाई को उन्होंने घसीटते हुए ले जाकर जलाया, मैं कुछ नहीं कर सका।'
'कुत्तों के भौंकने से भी डर रहा था'
सोनू बताता है कि घर से ननिहाल वीरपुर की दूरी सिर्फ़ 4 किलोमीटर थी, लेकिन हर कदम मौत जैसा लग रहा था। जब चीखें थम गईं तो मैं खेतों के बीच से निकलकर भागा। रात के करीब 12 बज रहे थे। अंधेरा था, कुत्तों के भौंकने की आवाज़ से भी डर लग रहा था।
क्यों बना पूरा परिवार निशाना?
सोनू ने कहा मुझे लग रहा था कि पीछे से भीड़ आ रही है। किसी तरह मैं नानी के घर पहुंचा। तभी यकीन हुआ कि बच गया हूं। गांव के ही कुछ लोगों का आरोप था कि सोनू के दादा बाबूलाल उरांव झाड़फूंक करते थे और हाल ही में गांव में एक बच्चे की मौत हो गई थी। अंधविश्वास और अफवाहों के बीच ग्रामीणों ने बाबूलाल और उनके पूरे परिवार को इस मौत का जिम्मेदार मान लिया।
क्या कह रही है पुलिस?
ग्रामीणों ने पहले पूरे परिवार की बेरहमी से पिटाई की, फिर उन्हें आग के हवाले कर दिया। हत्या के बाद आरोपियों ने शवों को बोरी में भरकर दफनाने की भी कोशिश की। पूर्णिया सदर के SDPO पंकज शर्मा ने बताया कि यह घटना उरांव समुदाय के गांव में हुई है।
"पांच लोगों की हत्या कर शव जलाए गए हैं। जांच जारी है। अब तक तीन लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। बाकी की तलाश की जा रही है।"
तेजस्वी यादव ने साधा निशाना
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राजद नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा, पूर्णिया में पूरे परिवार को जिंदा जला दिया गया, और सरकार मूकदर्शक बनी है। सीवान, बक्सर, भोजपुर, हर जगह नरसंहार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री निष्क्रिय हैं, पुलिस बेबस है, और अपराधी बेलगाम।
समाज में अंधिश्वास!
सिर्फ़ 20 किलोमीटर दूर पूर्णिया शहर और राजधानी पटना से महज़ कुछ सौ किलोमीटर की दूरी पर आज भी गांवों में अंधविश्वास के नाम पर नरसंहार हो रहे हैं। शिक्षा की कमी, प्रशासनिक उदासीनता और सामाजिक जागरूकता का अभाव, यही टेटगामा जैसे गांवों की हकीकत है। सोनू अब अकेला है। मां, पिता, दादी, भाई, सब कुछ उसकी आंखों के सामने खत्म हो गया। सवाल सिर्फ़ इंसाफ़ का नहीं, अब एक पूरी पीढ़ी के भविष्य का है।












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