Bihar Politics: बिहार में लोकसभा के साथ विधानसभा के चुनाव नहीं होंगे, संभावनाओं की सियासत जारी
Bihar Political Crisis: बिहार में लोकसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण बदलते हुए नज़र आ रहे हैं। इंडिया गठबंधन की नींव रखने वाले बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी महागठबंधन में रहेगी या एनडीए गठबंधन का हिस्सा रहेगी। इस पर संशय बरक़रार है।
सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि सीएम नीतीश कुमार महागठबंधन से नाता तोड़ भाजपा का कमल खिला सकते हैं। वहीं यह भी क़यास लगाए जा रहे हैं कि नीतीश कुमार एनडीए का हिस्सा बनते हुए 28 जनवरी को सीएम पद की शपथ ले सकते हैं।

सियासी घमासान के बीच एक और चर्चा तेज़ है कि बिहार में लोकसभा चुनाव के साथ ही विधानसभा चुनाव भी हो सकते हैं। सूत्रों की मानें तो बिहार में लोकसभा चुनाव के साथ विधानसभा चुनाव नहीं होंगे। भाजपा की तरफ़ से नई सरकार का फ़ॉर्मूला तय कर लिया गया है।
सीएम की कुर्सी नीतीश कुमार के पास ही रहेगी। वहीं भाजपा के कोटे से दो उपमुख्यमंत्री बनेंगे। जिसमें सबसे राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी का नाम सबसे ऊपर चल रहा है। वहीं अन्य एक और नाम पर मंथन जारी है।
बिहार में विधानसभा चुनाव, लोकसभा चुनाव के साथ कराने के पक्ष में भाजपा के कई नेता नहीं हैं। इसलिए फिलहाल इस नई सरकार के फ़र्मूले पर काम हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पलटी मारने की ख़बर को इसके साथ भी जोड़कर देखा जा रहा है कि, गणतंत्र दिवस के मौक़े पर सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव काफी दूर खड़े नज़र आए।
नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव की दूरी की तस्वीर सामने आने के बाद से ही संभावनाओं की सियासत को और हवा मिल गई है। बिहार में सियासी फिज़ा कब बदल जाए यह कोई नहीं कह सकता है, फिलहाल सभी दल वेट एंड वाच की स्थिति में है।












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