'तीन महीने बीत गए, मेरे पति के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं कर पाई खगड़िया पुलिस', अजीत सराफ की पत्नी की एसपी से गुहार
खगड़िया। बिहार में खगड़िया के विद्याधार मोहल्ले में 15 अप्रैल को अजीत कुमार सराफ को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया था। पटना एम्स में इलाज के दौरान 26 मई को उनकी मौत हो गई है। उनकी पत्नी काजल ने एसपी को दिए ज्ञापन में कहा है कि पुलिस आरोपितों को बचा रही है और घटना के तीन महीने बीत जाने के बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। वनइंडिया को अजीत की पत्नी काजल ने बताया कि उनके पति को जान से मारने के लिए करीब 10 फीट की ऊंचाई से फेंक दिया गया था। इसके बाद वे 45 दिन तक आईसीयू में वेंटिलेटर पर रहे। 26 मई को उनकी मौत हो गई। तीन महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस न तो आरोपितों की गिरफ्तारी कर पाई है और न ही उनको प्रशासन की तरफ से कोई आर्थिक मदद दी गई है।

काजल के मुताबिक, उनके पति अजीत कुमार सराफ 15 अप्रैल की शाम में शिवाला रोड स्थित दुर्गा मंदिर गए थे। वहां गोविंद शर्मा के बेटे विक्की शर्मा ने दो दोस्तों के साथ मिलकर अजीत पर हमला कर दिया और दस फीट की ऊंचाई से नीचे फेंक दिया। अजीत की रीढ़ की हड्डी गर्दन के पास टूट गई थी जिससे उनके शरीर को लकवा मार गया था। अजीत के सिर में भी गंभीर चोट लगी थी और पिटाई की वजह से पूरे शरीर पर जख्म के निशान थे।

काजल ने बताया कि घटना में गंभीर रूप से घायल उनके पति अजीत ने पुलिस के सामने गवाही भी दी थी। पुलिस निरीक्षक राजन प्रसाद मंडल ने उनका बयान दर्ज किया था। अजीत ने बताया था कि 15 अप्रैल को वे दर्शन के लिए मंदिर में गए थे तभी विद्याधार मोहल्ले के निवासी गोविंद शर्मा के बेटे विक्की शर्मा ने दोस्तों के साथ मिलकर उनको बुरी तरह पीटा और काफी ऊंचाई से नीचे फेंक दिया। इस आधार पर आरोपितों के खिलाफ खगड़िया नगर पुलिस स्टेशन में 17 अप्रैल को केस दर्ज किया गया। अजीत का इलाज पटना एम्स में चल रहा था। 45 दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी से जूझते हुए 26 मई को उनकी मौत हो गई थी। लेकिन तीन महीने बाद भी आरोपित पुलिस की गिरफ्त में नहीं आ पाए।
अजीत कुमार सराफ की पत्नी काजल कुमारी ने एसपी को ज्ञापन दिया है जिसमें उन्होंने हत्यारोपितों की गिरफ्तारी की मांग की है। काजल ने बताया कि उनके पति अजीत ही प्रिंटर रिपेयरिंग का काम कर परिवार का खर्च चलाते थे। मार्च से लॉकडाउन होने के बाद उनकी दुकान बंद थी। बैंक से लोन लेकर घर बना है। पति की मौत के बाद उनका जीवन बर्बाद हो गया है। उन्होंने बताया कि अजीत से उनका अंतरजातीय विवाह 2018 के दिसंबर में हुआ था। दोनों को एक बच्चा है। वह अभी गर्भवती है। उसे कहीं आने-जाने में बहुत परेशानी होती है। वह पुलिस के चक्कर लगाकर परेशान हो चुकी है। पति के इलाज के लिए रिश्तेदारों से कर्ज लेना पड़ा। उनका परिवार कर्ज में डूबा है। काजल ने बताया कि एम्स में पति के इलाज के दौरान उनके ससुर भी लकवाग्रस्त हो गए हैं।
काजल का आरोप है कि इस मामले में पुलिस आरोपितों का पक्ष ले रही है इसलिए तीन महीने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। इस मामले में स्थानीय नेताओं से आरोपितों की मिलीभगत का भी आरोप काजल ने लगाया है। उन्होंने एसपी को ज्ञापन देकर आरोपितों को गिरफ्तार कर पति को इंसाफ दिलाने और सरकार की तरफ से उनको मुआवजा दिलाने की मांग की है ताकि वो अपने बच्चों का पालन कर सके। इस बारे में नगर थानाध्यक्ष अविनाश चंद्र ने बताया है कि केस में आरोपित विक्की शर्मा की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की गई थी और कुर्की वारंट भी निकाला गया है। लॉकडाउन की वजह से न्यायिक प्रक्रिया में देरी हो रही है। जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।












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