Jitan Sahani Hatya: '3 किश्त, 1.50 लाख रुपये लोन का 4% मासिक दर', DGP भट्टी की टीम ने किया चौंकाने वाला खुलासा
Mukesh Sahani Father Killed: बिहार के दरभंगा ज़िले में हुई विकासशील इंसान पार्टी के संरक्षक मुकेश सहनी के पिता की हत्या मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस ने जीतन सहनी हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि पैसे के लेने देने में हत्या की गई है। इस वारदात में मुख्य आरोपी ने अपनी संलिप्तता कबूल की है।
जीतन सहनी हत्याकांड मामले में पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी के नेतृत्व और निर्देश में SIT का गठन किया गया। विशेष सुरक्षा दल (STF), FSL टीम और जिला पुलिस दरभंगा का दावा है कि उन्होंने मामले का पर्दाफाश कर दिया है। मुख्य आरोपी की पहचान 40 वर्षीय काजीम अंसारी पुत्र शफीक अंसारी (अफजला टोला, सुपौल बाजार, थाना घनश्यामपुर) की गई है।

काज़ीम अंसारी कपड़े का दुकान चलाता था, पूंजी नहीं होने की वजह से काफी समय से बन्द है। मौजूदा वक्त में बेरोज़गार है। इन्होंने जीतन सहनी से (जिनकी हत्या हुई) डेढ़ लाख का लोन 4% मासिक ब्याज दर लिया था। 3 किश्त में लोन चुकाने की शर्त पर अपनी ज़मीन भी गिरवी रखी थी।
आरोपी ने खुद इस बात को क़बूल किया है कि वह लोन का पैसा चुकाने में असमर्थ था। 12 जुलाई 2024 को काजिम अंसारी और उसके एक साथी मोहम्मद. सितारे (छेदी), जीतन सहनी के पास ब्याज की रकम कम कर, उधार का हिसाब करने और ज़मीन वापस करने के लिए बात करने गए थे।
इसी दौरान दोनों पक्षो के बीच काफी कहा सुनी हुई। इसकी पुष्टि सितारे और मृतक के भतीजे प्रमोद सहनी ने भी की है। काजिम अंसारी को जब कोई रास्ता नहीं सूझा तो उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर जीतन सहनी से लोन के दस्तावेज़ और जमीन के कागजात छीनने की योजना बनाई।
काज़ीम ने घटना की रात 10 से 11 बजे के बीच जीतन सहनी के घर के सामने वाली गली में रेक्की की, यह फूटेज़ पास में लगे सीसीटीवी में भी कैद है। काज़ीम ने यह देख लिया कि जीतन सहनी के घर से सभी लोग चले गए है, तो फिर उसने अपने साथियों के साथ लगभग डेढ़ बजे पीछे के दरवाजे से दाखिल हुआ।
दरवाजा में अंदर लॉक बंद नही था, घर में दाखिल होने के बाद अभियुक्तों ने जीतन सहनी को जगाया और डराया धमकाया, अपनी जमीन के कागज़ात और लोन के दस्तावेज़ मांगे। लेकिन उसने ने उल्टा गाली देना शुरू कर दिया। इस पर काजिम को गुस्सा आया और उसने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिया। बाकी लोगों ने जीतन सहनी का हाथ पैर पकड़ कर रखा।
हत्या के बाद अभियुक्तों ने कागज़ात वाली अलमारी की चाबी ढूंढने की कोशिश की, ताकि दस्तावेज़ अपने साथ ले जा सकें। लेकिन चाबी नहीं मिली। इस पर अभियुक्तों ने बंद अलमारी पानी मे फेंकने का फैसला लिया ताकि सभी काग़ज़ पानी गलकर बर्बाद हो जाए। सभी ने मिलकर लकड़ी की अलमारी को घर के पीछे स्थित छोटे से तालाब में फेंक दिया और वहां से फरार हो गए।
अभियुक्त काजिम अंसारी के वारदात को अंजाम देते वक्त पहने कपड़ों को उसके घर से जब्त किया गया है । कपड़े धो दिए गए थे, फिर भी इन पर FSL की टीम ने खून के निशान पाए हैं। FSL की जांच में काजिम के नाखून से भी ब्लड के अवशेष मिले हैं। काजिम अंसारी ने अपने जिन साथियों के नाम बताए हैं, उनके विषय में भी जांच की जा रही है।












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