ओडिशा में कोरोना की नकली दवाओं की जांच के लिए गठित की गई स्पेशल टास्क फोर्स
भुवनेश्वर, जून 16। कोरोना वायरस की नकली दवा के व्यापार को लेकर ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार काफी सख्त नजर आ रही है। हाल ही में राज्य सरकार ने नकली दवा बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। इस फैसले के बाद सरकार ने नकली दवा के व्यापार की क्राइम ब्रांच से जांच कराने के ऑर्डर दिए थे। इसके एक दिन बाद बुधवार को नवीन पटनायक ने मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित की है।

एसटीएफ अधिकारियों ने मंगलवार को औषधि नियंत्रण निदेशालय के अधिकारियों के साथ बैठक कर अब तक की गई जांच की समीक्षा की। अधिकारियों ने कहा कि कोरोना की नकली दवाएं जहां से भी खरीदी जा रही हैं, उन सभी पहलुओं पर गौर किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की शुरुआत की जाएगी।
आपको बता दें कि अभी हाल ही में स्वास्थ्य मंत्री नबा किशोर दास ने कटक शहर में 10 जून को दो दवा दुकानों से जब्त की गई नकली फेविपिराविर के मामले में जांच का आदेश दिया था। स्वास्थ्य मंत्री ने टैबलेट को परीक्षण के लिए भुवनेश्वर और कोलकाता की प्रयोगशालाओं में भेजा था। कटक के अलावा, बलांगीर, झारसुगुड़ा, संबलपुर, राउरकेला और भुवनेश्वर से नकली दवाएं जब्त की गईं थी।
अप्रैल में सरकार ने क्राइम ब्रांच के एडीजी वाईके जेठवा की अध्यक्षता में एक राज्य स्तरीय समिति का गठन किया था। ओडिशा में आवश्यक कोविड -19 आपूर्ति की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए।












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