ओडिशा: क्या ये शक्ति प्रदर्शन है? वीके पांडियन के घर बधाई देने उमड़े सरकारी कर्मचारी
पूर्व आईएएस वीके पांडियन हाल ही में 5टी और नवीन ओडिशा के अध्यक्ष नियुक्त किए गए। जिस पर बधाई देने के लिए उनके घर लोगों का तांता लग गया। उनके निवास पर सरकारी कर्मचारियों की भारी भीड़ ने कई सवालों को जन्म दिया है। राजनेताओं के बाद, सरकारी अधिकारियों और ओडिशा सरकार के कई सेवा संघों के सदस्यों भी उनके निवास पर पहुंचे।
हालांकि, कई लोगों ने तुरंत सवाल उठाया कि नवीन निवास को आयोजन स्थल के रूप में क्यों चुना गया? उन्हें नवीन निवास में पांडियन से मिलने की अनुमति किसने दी? क्या ये कोई सुनियोजित शक्ति प्रदर्शन है? इस बीच, अटकलें लगाई जा रही हैं कि आने वाले दिनों में वो नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली सरकार में मामलों के शीर्ष पर हो सकते हैं।

मामले में वरिष्ठ पत्रकार रबी दास ने कहा कि वीके पांडियन अब सरकारी अधिकारी के रूप में काम नहीं करेंगे। चूंकि मुख्यमंत्री को उन पर भरोसा है, इसलिए उनकी (पांडियन) सरकारी फाइलों तक पहुंच हो सकती है। लेकिन उन्हें किसी भी सरकारी फाइल को देखने का कोई अधिकार नहीं है। वहीं विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने सत्तारूढ़ सरकार पर अपने हमले तेज कर दिए हैं।
बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने कहा कि उन्होंने पूरे सिस्टम को हाईजैक कर लिया है। उन्हें वह नियुक्ति मिल गई जिसकी वह इच्छा कर रहे थे। इसे 'राजनीति में सॉफ्ट लैंडिंग' कहा जाता है। यह बीजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति अन्याय है।
वहीं ओपीसीसी प्रमुख शरत पटनायक ने कहा कि ओडिशा के लोग बेकार नहीं बैठ सकते। उड़िया लोगों को ओडिशा पर शासन करने का अधिकार है। बाहरी लोगों को यह अधिकार नहीं है। उन्हें कभी भी ओडिशा पर शासन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। यह सुनिश्चित करने के लिए हम सब कुछ कर सकते हैं। हम लड़ने के लिए तैयार हैं।
अपनी सरकार का पक्ष रखते हुए बीजेडी विधायक शशि भूषण बेहरा ने कहा कि वे दोनों पार्टियां एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रही हैं। वे बीजद के आसपास भी नहीं हैं। अगर अपराजिता (सारंगी) कह रही हैं तो उन्हें यह मामला केंद्र सरकार के सामने उठाना चाहिए।












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