बुलडोजर कार्रवाई के बाद भी आखिर क्यों भोपाल की मुस्लिम महिलाओं ने किया गृह मंत्री अमित शाह का स्वागत
भोपाल दौरे पर पहुंचे केंद्रीय गृहमंत्री का मुस्लिम महिलाओं ने किया स्वागत। महिलाओं ने फूलों की वर्षा कर गृह मंत्री अमित शाह का जोरदार स्वागत किया।
भोपाल, 23 अप्रैल। जब एक तरफ पूरे देश में बुलडोजर कार्रवाई को लेकर मुस्लिम संप्रदाय भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है। खासकर मुस्लिम नेता लगातार खरगोन व जहांगीरपुरी में हुई बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पीएम मोदी व मुख्यमंत्री शिवराज और गृहमंत्री अमित शाह की आलोचना कर रहे हैं। ऐसे में भोपाल पहुंचे गृह मंत्री का मुस्लिम महिलाओं ने फूल बरसा कर स्वागत किया। जो अपने आप में एक सवाल खड़ा करता है कि आखिर मुस्लिम महिलाओं ने क्यों गृह मंत्री का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया?

मुस्लिम महिलाओं ने देश के गृह मंत्री अमित शाह का किया स्वागत
वन समितियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश, वनवासियों को वन क्षेत्र का मालिक बनाने वाला देश का पहला राज्य है। मध्य प्रदेश ने यह युग परिवर्तनकारी कार्य किया है। गत सितंबर माह में जबलपुर में जनजातीय समाज के विकास के लिए की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं को पूर्ण करने में मध्य प्रदेश सरकार सक्रिय है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन घोषणाओं को पूरा करते हुए अमल में लाना प्रारंभ कर दिया है। अंग्रेजों के समय से सरकार के पास जंगलों का स्वामित्व था। अब मध्यप्रदेश में कीमती सागवान लकड़ी के साथ ही अन्य वन संपदा की 20% राशि के मालिक वनवासी होंगे। जनजातीय समुदाय के हक में लागू की गई ये बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे अधिक 21% जनजाति आबादी निवास करती है। इनके कल्याण के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सराहनीय कार्य किया है।

वनोपज मेले में गृहमंत्री ने मुख्यमंत्री की जमकर तारीफ की। आइए जानते हैं उन्होंने क्या कुछ कहा-
वन समितियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश, वनवासियों को वन क्षेत्र का मालिक बनाने वाला देश का पहला राज्य है। मध्य प्रदेश ने यह युग परिवर्तनकारी कार्य किया है। गत सितंबर माह में जबलपुर में जनजातीय समाज के विकास के लिए की गई महत्वपूर्ण घोषणाओं को पूर्ण करने में मध्य प्रदेश सरकार सक्रिय है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन घोषणाओं को पूरा करते हुए अमल में लाना प्रारंभ कर दिया है। अंग्रेजों के समय से सरकार के पास जंगलों का स्वामित्व था। अब मध्यप्रदेश में कीमती सागवान लकड़ी के साथ ही अन्य वन संपदा की 20% राशि के मालिक वनवासी होंगे। जनजातीय समुदाय के हक में लागू की गई ये बड़ी पहल है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में देश की सबसे अधिक 21% जनजाति आबादी निवास करती है। इनके कल्याण के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने सराहनीय कार्य किया है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को करोड़ों रुपए की राशि का भुगतान
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित राज्य बनाने के लिए मुख्यमंत्री चौहान ने निरंतर कार्य किया है। मध्य प्रदेश अब विकसित राज्यों में शामिल है। यहाँ सिंचाई की व्यवस्था, पर्याप्त बिजली आपूर्ति जैसे महत्वपूर्ण कार्य शिवराज जी के नेतृत्व में हुए हैं। जनजातीय क्षेत्र कल्याण के लिए मध्य प्रदेश की पहल पूरे देश के लिए अनुकरणीय है।
साथ ही उन्होंने कहा कि वनवासी क्षेत्र के सभी लोग अधिकार के साथ जिएं, यह उनका स्वप्न है, जिसे साकार किया जा रहा है। आज बाँस और अन्य उत्पादन के लिए राशि वितरण के साथ तेंदूपत्ता संग्राहकों को करोड़ों रुपए की राशि का भुगतान किया गया है। मध्य प्रदेश के 925 में से 827 वन ग्राम को राजस्व ग्रामों की तरह सुविधाएँ देने की शुरूआत हुई है। यहाँ परिसिमन हो सकेगा, आवास के लिए ऋण मिल सकेगा और राजस्व के सभी अधिकार वनवासियों को प्राप्त होंगे। सम्मेलन में आए प्रतिनिधि वनवासी आज स्वाभिमान के भाव के साथ वापस जाएंगे। प्रदेश में 15 हजार 600 से अधिक ग्राम सभाओं में वन समितियों के माध्यम से प्राथमिकता से कार्य किए जा सकेंगे।

उज्ज्वला के 13 करोड़ गैस कनेक्शन
केंद्रीय मंत्री शाह ने कहा कि सरकार को प्रधानमंत्री मोदी समाज के वंचित और दलित वर्गों की सरकार की पहचान देने में सफल रहे हैं। इस वर्ष के अंत तक सभी को अपना घर देने का भी संकल्प है। अमित शाह ने कहा कि देश में शौचालयों का निर्माण किया गया है। उज्ज्वला के 13 करोड़ गैस कनेक्शन दिए गए है। हर घर में नल से जल पहुँचाने की पहल जल जीवन मिशन से हो रही है। वर्ष 2024 तक यह कार्य पूरा होगा। आयुष्मान योजना में 5 लाख रूपये तक के इलाज की सुविधा दी जा रही है। कोरोना काल में नि:शुल्क अनाज देने की सुविधा दी गई। वैक्सीनेशन का लाभ नागरिकों को दिया गया।

जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए 7 हजार 524 करोड़ रुपये
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में "मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम'' योजना में खाद्यान्न वितरण के साथ विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवार की महिलाओं को 1000 रुपये का आहार अनुदान भी दिया जा रहा है। वर्ष 2021-22 में मध्य प्रदेश द्वारा 19.7 प्रतिशत विकास दर हासिल करना बड़ी बात है। मध्य प्रदेश देश में गत 10 वर्ष में 200% सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि हुई है, जो अन्य राज्यों में नहीं हुई। जनजातीय वर्ग के कल्याण का बजट 4 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 7 हजार 524 करोड़ रुपये हो गया है। भारत सरकार ने जनजातियों के विकास के लिये पूर्व सरकार की 21 हजार करोड़ की राशि को बढ़ाकर 78 हजार करोड़ रुपये तक पहुँचा दिया है। एकलव्य विद्यालयों के लिए 14 हजार 18 करोड़ रुपये की राशि रखी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने जनजातीय वर्ग के कल्याण के लिए विशेष कार्य किया
827 वन ग्राम बनेंगे राजस्व ग्राम
केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने रिमोट से बटन दबाकर वन ग्राम को राजस्व ग्राम बनाने के कार्य की शुरुआत की। इस कार्य के लिए प्रदेश के 26 जिलों के 827 ग्राम चयनित किए गए हैं।












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