MP News: कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित बयान, मंत्री विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
मध्य प्रदेश की राजनीति में पिछले साल बड़ा विवाद खड़ा करने वाले जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के बयान को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है।
मामला भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है, जिसमें मंत्री विजय शाह ने उन्हें आतंकवादियों की बहन बताया था। इस बयान ने न सिर्फ राजनीतिक हलकों में, बल्कि देशभर में तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया था।

छह महीने बाद सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
इस प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट में पिछली सुनवाई 28 जुलाई 2025 को हुई थी। करीब छह महीने के अंतराल के बाद आज एक बार फिर इस मामले की सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने मंत्री विजय शाह द्वारा दी गई ऑनलाइन माफी को लेकर कड़ी नाराजगी जताई थी और उसे औपचारिकता करार दिया था। अदालत ने यह भी स्पष्ट संकेत दिए थे कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति से गैर-जिम्मेदाराना बयान अपेक्षित नहीं हैं।
महू के हलमा कार्यक्रम में दिया था बयान
यह पूरा विवाद 11 मई 2025 को सामने आया था। इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र के रायकुंडा गांव में आयोजित 'हलमा' कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बेहद आपत्तिजनक और आपराधिक संवेदनशीलता वाला बयान दिया था।
मंच से संबोधन के दौरान विजय शाह ने कहा था- "उन्होंने कपड़े उतार-उतार कर हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके घर भेजा।" यहीं नहीं, इसके बाद उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी की ओर इशारा करते हुए कहा था-
"अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते, इसलिए उनकी समाज की बहन को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी।" इस बयान को सेना की महिला अधिकारी के सम्मान, गरिमा और देश की सैन्य मर्यादा के खिलाफ माना गया।
बयान के बाद देशभर में मचा था बवाल
मंत्री विजय शाह के इस बयान के सामने आते ही देशभर में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। विपक्षी दलों, पूर्व सैन्य अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार समूहों ने बयान को शर्मनाक और असंवैधानिक बताया था। कई जगह एफआईआर दर्ज करने और मंत्री पद से हटाने की मांग उठी थी।
ऑनलाइन माफी भी नहीं आई काम
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री विजय शाह ने सोशल मीडिया के जरिए माफी मांगने की कोशिश की थी, लेकिन यह माफी सुप्रीम कोर्ट को संतोषजनक नहीं लगी। जुलाई 2025 की सुनवाई में कोर्ट ने साफ कहा था कि इस तरह के गंभीर मामले में केवल ऑनलाइन पोस्ट डालकर जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता।
आज की सुनवाई पर टिकी निगाहें
आज होने वाली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय कर सकता है कि मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होगी। यह सुनवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि मामला सीधे तौर पर सेना की महिला अधिकारी की प्रतिष्ठा, संवैधानिक मर्यादा और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी से जुड़ा है।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की निगाहें इस पर टिकी हैं कि सुप्रीम कोर्ट मंत्री विजय शाह के बयान को किस नजरिए से देखता है और आगे क्या दिशा तय होती है।












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