विदिशा में 'ऑपरेशन ध्वस्त' की जबरदस्त सफलता: नशे के सौदागरों का नेटवर्क चूर-चूर, 10 गिरफ्तारियां
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने अपराधियों को बैकफुट पर ला दिया। एसपी रोहित काशवानी के कुशल निर्देशन में शुरू हुए 'ऑपरेशन ध्वस्त' ने एक झटके में मादक पदार्थों, अवैध शराब और हथियारों के एक बड़े संगठित नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। 11 थानों की संयुक्त टीमों ने देर रात से शाम तक चले इस अभियान में 10 कुख्यात अपराधियों को दबोच लिया।
बरामद मशरूका की कीमत करीब 18 लाख रुपये बताई जा रही है, जिसमें ब्राउन शुगर, गांजा, सैकड़ों क्वार्टर देशी शराब, पिस्टल, तलवार और लाखों की नकदी शामिल है। एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई शुरू हो चुकी है। यह सफलता न सिर्फ विदिशा पुलिस की दृढ़ता का प्रतीक है, बल्कि युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम।

अभियान का उद्देश्य: नशे के सौदागरों पर लगाम, संदिग्ध ठिकानों पर सघन सर्चिंग
विदिशा जिले में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा था, जो युवाओं को बर्बाद करने के साथ-साथ अपराध की जड़ बन चुका था। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने 'ऑपरेशन ध्वस्त' की शुरुआत की। अतिरिक्त एसपी डॉ. प्रशांत चौबे के नेतृत्व में नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह, एसडीओपी कुरवाई रोशनी सिंह और थाना प्रभारी सिविल लाइन आर.के. मिश्रा की टीमों ने सिविल लाइन क्षेत्र को निशाना बनाया। यातायात पुलिस ने कोम्बिंग कट-अप पॉइंट्स लगाकर संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली, जबकि साइबर सेल और जिला विशेष शाखा ने ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिशें दीं।
अभियान की खास बात यह रही कि यह संयुक्त प्रयास था, जिसमें 11 थानों के थाना प्रभारी, रक्षित निरीक्षक भूर सिंह चौहान, थाना कोतवाली प्रभारी आनंद राज सहित करीब 100 पुलिसकर्मी शामिल हुए। एसपी काशवानी ने बताया, "यह अभियान नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए चलाया गया। हमारा लक्ष्य अपराधियों को जड़ से उखाड़ फेंकना है। संदिग्ध स्थानों की सघन सर्चिंग से कई राज खुले, और यह सफलता इसी का नतीजा है।" अभियान के दौरान संवेदनशील जानकारी के आधार पर दबिशें दी गईं, जिससे अपराधी भागने के मौके से वंचित रह गए।
बड़ी सफलता: 10 गिरफ्तारियां, लाखों का मशरूका जब्त-नशे का साम्राज्य चूर
सिविल लाइन थाना क्षेत्र में चली इस कार्रवाई ने पुलिस को अप्रत्याशित सफलता दी। कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से नशे के धंधे में सक्रिय थे। बरामद वस्तुओं में ब्राउन शुगर (स्मैक) का 13 ग्राम पैकेट, 6 किलो 100 ग्राम गांजा, 10 लीटर अवैध शराब के साथ 941 क्वार्टर देशी प्लेन मदिरा (लगभग 170 लीटर), एक पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, एक तलवार और 14 लाख 23 हजार रुपये की नकदी शामिल है। इनकी अनुमानित कीमत 18 लाख रुपये से अधिक है।
पुलिस के अनुसार, ये अपराधी कुचबंदिया इलाके के निवासी थे और उनका नेटवर्क विदिशा शहर के विभिन्न हिस्सों में फैला हुआ था। ब्राउन शुगर और गांजा मुख्य रूप से युवाओं को टारगेट कर बेचा जा रहा था, जबकि अवैध शराब का कारोबार स्थानीय बाजारों में चल रहा था। हथियारों का इस्तेमाल आत्मरक्षा या डराने-धमकाने के लिए किया जाता था। एसपी काशवानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "यह नेटवर्क अंतर-जिला स्तर पर काम कर रहा था। गिरफ्तारियां और जब्ती से नशे की सप्लाई चेन टूट गई है।"
आपराधिक इतिहास वाले कुख्यात सौदागर, सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू
गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है, जो बताता है कि ये नशे के कारोबार में वर्षों से लिप्त थे। मुख्य आरोपी गुड्डी बाई के खिलाफ 11 पुराने मामले दर्ज हैं, जबकि ज्योति पति जितेंद्र उर्फ जित्तू के नाम पर 8 केस हैं। ये लोग न सिर्फ नशा बेचते थे, बल्कि हथियारों के जरिए अपना साम्राज्य कायम रखते थे। पुलिस ने सभी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (धारा 8/20, 21, 29), आर्म्स एक्ट (धारा 25/27) और आबकारी अधिनियम (धारा 34(2), 49(A)) के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए हैं।
आरोपी का नाम,अपराध संख्या,धारा,पूर्व रिकॉर्ड (प्रकरण)
- कुंदन पिता मंगल सिंह कुचबंदिया,811/25,25/27 आर्म्स एक्ट,0
- चांदनी पति संजय कुचबंदिया,812/25,49(A) आबकारी अधिनियम,0
- प्रकाश पिता रमेश कुचबंदिया,813/25,34(2) आबकारी अधिनियम,0
- छाया पति प्रकाश कुचबंदिया,814/25,49(A) आबकारी अधिनियम,1
- शालनी पति लोकेश कुचबंदिया,815/25,34(2) आबकारी अधिनियम,0
- सुधीर उर्फ सिद्धु पिता रमेश कुचबंदिया,816/25,34(2) आबकारी अधिनियम,3
- गुड्डी बाई पति प्रीतम कुचबंदिया,817/25,"8/20, 29 एनडीपीएस एक्ट",11
- काजल पति कुंदन कुचबंदिया,818/25,"8/20, 29 एनडीपीएस एक्ट",2
- बलराम पिता रूप सिंह कुचबंदिया,819/25,8/20 एनडीपीएस एक्ट,0
- ज्योति पति जितेंद्र उर्फ जित्तू कुचबंदिया,820/25,"8/20, 21, 29 एनडीपीएस एक्ट",8
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे नशे की सप्लाई अन्य जिलों से लेते थे और स्थानीय स्तर पर वितरण करते थे। एक आरोपी ने बताया, "हमारे पास ग्राहकों की लिस्ट थी, जिसमें युवा छात्र भी शामिल थे।" पुलिस अब बड़े सप्लायर्स की तलाश में जुटी है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा, और रिमांड की मांग की जाएगी।
पुलिस टीम का विशेष योगदान: संयुक्त प्रयास से मिली सफलता
इस अभियान की सफलता का श्रेय संयुक्त टीम वर्क को जाता है। थाना सिविल लाइन प्रभारी आर.के. मिश्रा ने संवेदनशील मुखबिरों की मदद से ठिकानों की लोकेशन ट्रैक की। कोतवाली प्रभारी आनंद राज की टीम ने यातायात चेकपॉइंट्स पर निगरानी रखी, जबकि साइबर सेल ने डिजिटल ट्रेल्स का पीछा किया। एसपी काशवानी ने टीम को सम्मानित करने का ऐलान किया। डॉ. प्रशांत चौबे ने कहा, "यह सिर्फ गिरफ्तारियां नहीं, बल्कि समाज को नशे से मुक्त करने की दिशा में कदम है।"












Click it and Unblock the Notifications