उज्जैन में बारिश की कामना के लिए ग्रामीणों का अनोखा टोटका: गधे पर उल्टा बैठाकर श्मशान में घुमाया
MP Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले 15 दिनों से बारिश न होने के कारण किसानों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। इस सूखे की स्थिति से निपटने के लिए उज्जैन के उन्हेल गांव के ग्रामीणों ने एक अनोखा और पारंपरिक टोटका अपनाया।
ग्रामीणों ने लखन पटेल को गधे पर उल्टा बैठाकर श्मशान में पांच बार घुमाया, यह मानते हुए कि इस रस्म से इंद्रदेव प्रसन्न होंगे और जल्द ही बारिश होगी। यह अनोखी परंपरा न केवल स्थानीय लोगों की आस्था को दर्शाती है, बल्कि सूखे की मार झेल रहे क्षेत्रों में बारिश की आस को भी उजागर करती है।

अनोखा टोटका और ग्रामीणों की मान्यता
उन्हेल गांव में रविवार देर शाम यह रस्म आयोजित की गई। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह परंपरा कई पीढ़ियों से चली आ रही है और सूखे के समय में बारिश लाने के लिए प्रभावी मानी जाती है। इस टोटके के तहत, गांव के एक व्यक्ति को गधे पर उल्टा बैठाकर श्मशान घाट ले जाया जाता है और वहां उसे पांच बार घुमाया जाता है। इस बार यह जिम्मेदारी लखन पटेल ने निभाई। ग्रामीणों का मानना है कि यह रस्म इंद्रदेव को प्रसन्न करती है और बारिश की संभावना बढ़ाती है।
स्थानीय निवासी रामचंद्र यादव ने बताया, "हमारे बुजुर्गों ने हमें बताया था कि जब बारिश रुक जाए और खेत सूखने लगें, तो यह टोटका बारिश लाने में कारगर होता है। पिछले कई सालों में हमने देखा है कि इस रस्म के बाद बारिश हुई है।" इस रस्म के दौरान गांव के सैकड़ों लोग मौजूद रहे, और उन्होंने मंत्रोच्चार के साथ इस अनुष्ठान को पूरा किया।
सूखे की स्थिति और किसानों की चिंता
उज्जैन, भोपाल, और इंदौर संभागों में पिछले 15 दिनों से बारिश की कमी ने किसानों के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। खरीफ की फसलों, जैसे सोयाबीन, मक्का, और धान, को इस समय पानी की सख्त जरूरत है। बारिश न होने के कारण खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं, और कई किसानों को डर है कि उनकी फसलें बर्बाद हो सकती हैं। उज्जैन के किसान श्यामलाल चौधरी ने कहा, "हम बारिश के लिए इंद्रदेव से प्रार्थना कर रहे हैं। अगर जल्द बारिश नहीं हुई, तो हमारी फसलें पूरी तरह नष्ट हो जाएंगी।"
मौसम विभाग का अलर्ट
दूसरी ओर, मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सोमवार, 11 अगस्त 2025 को जबलपुर, रीवा, और सागर संभाग के 10 जिलों-पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, और बालाघाट-में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, ट्रफ लाइन की सक्रियता के कारण इन क्षेत्रों में भारी वर्षा हो सकती है।
हालांकि, भोपाल, इंदौर, और उज्जैन संभागों में मौसम साफ रहने और तेज धूप खिलने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक डॉ. वेद प्रकाश ने बताया, "अगले 24 घंटों में पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश हो सकती है, लेकिन पश्चिमी हिस्सों, जैसे उज्जैन और भोपाल, में बारिश की संभावना कम है।" उन्होंने यह भी कहा कि 12 अगस्त को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी बरकरार रहेगी।
परंपरा और विज्ञान का टकराव
उन्हेल गांव का यह टोटका जहां एक ओर ग्रामीणों की आस्था और परंपराओं को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर यह मौसम विज्ञान के साथ टकराव को भी उजागर करता है। कई युवा ग्रामीणों का मानना है कि इस तरह के टोटकों के बजाय सरकार और प्रशासन को सिंचाई सुविधाओं को बढ़ाने और सूखे से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। गांव के युवा राकेश पटेल ने कहा, "हम अपनी परंपराओं का सम्मान करते हैं, लेकिन सरकार को चाहिए कि वह खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए नहरों और तालाबों का निर्माण करे।"
प्रशासन और सामाजिक प्रतिक्रिया
उज्जैन जिला प्रशासन ने इस रस्म को ग्रामीणों की निजी आस्था का हिस्सा बताया और इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया। हालांकि, जिला कलेक्टर ने किसानों को आश्वासन दिया है कि सूखे की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन हरसंभव मदद करेगा। इसके अलावा, स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी किसानों की मदद के लिए बीज और उर्वरक वितरण की योजना शुरू करने की बात कही है।












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