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MP News Bhopal: मछली पालन में कितनी मिलती है सब्सिडी? राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार का बड़ा खुलासा

मध्यप्रदेश में मछली पालन अब केवल परंपरागत आजीविका नहीं रह गया है, बल्कि यह रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में मत्स्य क्षेत्र में ऐतिहासिक परिवर्तन किए हैं।

यह बात मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नारायण सिंह पंवार ने सोमवार को जनसंपर्क विभाग में आयोजित पत्रकार वार्ता में कही।

Subsidy for fish farming in MP State Minister Narayan Singh Panwar makes a major revelation

4.42 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र, मत्स्य विकास की अपार संभावनाएं

राज्यमंत्री पंवार ने बताया कि मध्य प्रदेश में नदियों, जलाशयों और तालाबों के माध्यम से लगभग 4.42 लाख हेक्टेयर जल क्षेत्र उपलब्ध है, जो मत्स्य पालन के लिए अत्यंत अनुकूल है। उन्होंने कहा कि राज्य में मछली पालन अब सिर्फ जीविकोपार्जन नहीं, बल्कि सामाजिक-आर्थिक उत्थान का सशक्त आधार बन चुका है।

सब्सिडी और योजनाओं से मछुआरों को सीधा लाभ

पत्रकार वार्ता में राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) सहित अन्य योजनाओं के तहत मछली पालन पर आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है। बता दे मछली पालन पर करीब 40% तक सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में PMMSY के तहत 122.5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य स्वीकृत किए गए, जिनका सीधा लाभ हजारों मछुआ परिवारों को मिला। इन योजनाओं के अंतर्गत-

  • नाव और जाल
  • आइस बॉक्स
  • मोटरसाइकिल

कोल्ड-चेन एवं भंडारण सुविधाएं
उपलब्ध कराई गईं, जिससे मछुआरों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

मत्स्य उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

राज्यमंत्री पंवार ने बताया कि 2023-24 और 2024-25 के दौरान प्रदेश के मत्स्य उत्पादन में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है।

वर्ष 2022-23 में मत्स्य उत्पादन 3.41 लाख टन था

जो बढ़कर 2024-25 में लगभग 4.45 लाख टन तक पहुंच गया
यह वृद्धि आधुनिक तकनीकों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है।

आधुनिक तकनीक से बढ़ी उत्पादन क्षमता

सरकार ने केज कल्चर, बायोफ्लॉक और आरएएस (री-सर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम) जैसी आधुनिक प्रणालियों को बढ़ावा दिया है। इन तकनीकों से-

  • कम जल क्षेत्र में अधिक उत्पादन
  • लागत में कमी
  • युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर
  • सृजित हुए हैं।
  • 556 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का लाभ

राज्यमंत्री पंवार ने कहा कि वर्ष 2024-25 में 556 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं का लाभ मछुआ समुदाय को दिया गया। मत्स्य पार्लर, मूल्य संवर्धन, विपणन और कोल्ड-स्टोरेज सुविधाओं से मछुआरों को बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

  • पर्यटन और रोजगार के नए द्वार
  • प्रदेश में मत्स्य क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए-
  • इंटीग्रेटेड एक्वापार्क
  • रिसर्च सेंटर
  • टनल एक्वेरियम
  • रिसर्च एवं इनक्यूबेशन यूनिट
  • वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट

एम्यूजमेंट जोन

जैसे नवाचार किए जा रहे हैं। इससे मत्स्य उत्पादन के साथ-साथ पर्यटन और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

ब्रांडिंग और विपणन से राष्ट्रीय पहचान

राज्यमंत्री ने बताया कि मत्स्य महासंघ के माध्यम से मूल्य संवर्धन, ब्रांडिंग और विपणन को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्रसंस्करण, पैकेजिंग और आधुनिक विपणन प्रणालियों से मछुआरों की उपज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ा जा रहा है।

लक्ष्य: आत्मनिर्भर मछुआ समुदाय

राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मत्स्य क्षेत्र को केवल उत्पादन तक सीमित न रखते हुए इसे रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता का स्थायी आधार बनाना है। बीते दो वर्षों में हुए सकारात्मक बदलाव आने वाले समय में मध्य प्रदेश को देश के अग्रणी मत्स्य उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करेंगे।

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