Bhopal News: रक्षाबंधन मनाने जा रही बहन नर्मदा एक्सप्रेस से लापता, पुलिस और परिवार की तलाश जारी
MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी, में एक दुखद और रहस्यमयी घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर अपने भाई से मिलने कटनी जा रही 28 वर्षीय अर्चना तिवारी नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई।
इंदौर में सिविल जज की तैयारी कर रही अर्चना 7 अगस्त 2025 को सुबह ट्रेन नंबर 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस के बी-3 कोच में सवार हुई थी। उसकी आखिरी लोकेशन भोपाल के रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर मिली, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इस घटना ने अर्चना के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है और पुलिस व रेलवे प्रशासन के लिए एक जटिल चुनौती पेश की है।

रक्षाबंधन के लिए घर जा रही थी अर्चना
कटनी निवासी अर्चना तिवारी इंदौर में रहकर सिविल जज की परीक्षा की तैयारी कर रही थी। रक्षाबंधन के मौके पर वह अपने भाई और परिवार से मिलने कटनी लौट रही थी। 7 अगस्त को सुबह वह नर्मदा एक्सप्रेस के एसी 3 टियर कोच बी-3 में सीट नंबर 3 पर सवार हुई। परिजनों के अनुसार, सुबह करीब 10:15 बजे अर्चना ने फोन पर बताया कि उनकी ट्रेन रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के पास है। यह उनकी आखिरी बातचीत थी, जिसके बाद उसका फोन बंद हो गया और उसका कोई अता-पता नहीं चला।
भाई की तलाश में बिगड़ी हालत
अर्चना के कटनी स्टेशन पर न पहुंचने पर उसके भाई और परिजनों ने तुरंत तलाश शुरू की। भाई ने कटनी, भोपाल और अन्य स्टेशनों पर संपर्क किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। परिजनों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे खास मौके पर अर्चना का इस तरह गायब होना उनके लिए असहनीय है। भाई की लगातार तलाश और चिंता ने उनकी मानसिक और शारीरिक हालत को बुरी तरह प्रभावित किया है। परिवार ने बताया कि अर्चना का किसी से कोई विवाद नहीं था और वह अकेले यात्रा कर रही थी।
रानी कमलापति स्टेशन पर आखिरी बार दिखी
कटनी जीआरपी (गवर्नमेंट रेलवे पुलिस) के सब-इंस्पेक्टर अनिल मरावी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई है कि अर्चना तिवारी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन तक ट्रेन में मौजूद थी। सहयात्रियों ने बताया कि उन्होंने उसे भोपाल तक देखा, लेकिन इसके बाद वह ट्रेन में नहीं दिखी। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, जो अपने अत्याधुनिक सीसीटीवी और सुरक्षा व्यवस्था के लिए जाना जाता है, वहां के फुटेज की जांच के बावजूद अर्चना का कोई सुराग नहीं मिला। यह रहस्य पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
कोच बी-3 में मिला सामान, अर्चना लापता
जब नर्मदा एक्सप्रेस कटनी स्टेशन पहुंची, तो अर्चना की सीट पर उसका बैग लावारिस हालत में मिला। परिजनों ने उमरिया स्टेशन पर रहने वाले रिश्तेदारों को सूचित किया, जिन्होंने बी-3 कोच में जाकर बैग की पुष्टि की। हालांकि, अर्चना का कोई पता नहीं चला। यह तथ्य कि उसका सामान ट्रेन में मौजूद था, लेकिन वह खुद गायब थी, ने इस मामले को और रहस्यमयी बना दिया है। जीआरपी और आरपीएफ ने ट्रेन के पूरे रूट पर सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की, लेकिन अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा।
पुलिस और रेलवे प्रशासन की गहन जांच
कटनी जीआरपी ने अर्चना तिवारी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने रानी कमलापति, इंदौर, और कटनी स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिली। अर्चना के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रेस करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद होने के कारण यह प्रयास विफल रहा। जीआरपी के साथ-साथ भोपाल और इंदौर की रेलवे पुलिस भी इस मामले में सक्रिय है। सहयात्रियों और ट्रेन स्टाफ से पूछताछ की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला है।
समाज में आक्रोश, सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
अर्चना के लापता होने की खबर ने स्थानीय समुदाय और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है। लोग रेलवे स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, खासकर तब जब रानी कमलापति जैसे आधुनिक स्टेशन पर इतने सारे सीसीटीवी कैमरे होने के बावजूद एक युवती का कोई सुराग नहीं मिला। सोशल मीडिया पर लोग इस घटना को रेलवे और पुलिस प्रशासन की नाकामी बता रहे हैं। कई लोगों ने मांग की है कि रेलवे स्टेशनों पर अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं की सुरक्षा के लिए और कड़े कदम उठाए जाएं।
अर्चना: एक मेहनती और महत्वाकांक्षी युवती
परिजनों के अनुसार, अर्चना तिवारी एक पढ़ी-लिखी और अनुशासित युवती थी, जो सिविल जज बनने का सपना देख रही थी। उसका किसी से कोई विवाद नहीं था, और वह अपनी पढ़ाई और करियर के प्रति समर्पित थी। उसकी गुमशुदगी ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि कोई स्पष्ट कारण या संदिग्ध सामने नहीं आया है। पुलिस अपहरण, स्वेच्छा से गायब होने, या किसी अन्य अप्रिय घटना की संभावनाओं पर जांच कर रही है।
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन, जो मध्य प्रदेश का पहला विश्वस्तरीय स्टेशन है, इस घटना के बाद जांच के दायरे में है। स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी और सुरक्षा कर्मियों के बावजूद अर्चना का कोई सुराग न मिलना चिंताजनक है। रेलवे प्रशासन ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन जीआरपी और आरपीएफ की टीमें दिन-रात जांच में जुटी हैं। इस घटना ने रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अर्चना के परिजनों ने मध्य प्रदेश पुलिस और रेलवे प्रशासन से त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिवार का कहना है कि अर्चना का इस तरह अचानक गायब होना असामान्य है, और वे चाहते हैं कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से ले। स्थानीय समुदाय और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि अर्चना का सुराग मिल सके और परिवार को राहत मिले।












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