Shardiya Navratri 2022: नवरात्र में मां शारदा देवी धाम की सम्पूर्ण यात्रा, जानें कब और कैसे पहुंचे मैहर मंदिर
सतना, 24 सितंबर। शारदीय नवरात्र बस शुरू ही होने वाले हैं। 26 सितंबर से लेकर 05 अक्टूबर तक नवरात्र चलेंगे। इन 9 दिनों में मां शारदा के नौ रूपों की पूरे विधि विधान से पूजा की जाती है। और नवरात्र के इन खास दिनों में कुछ ज्यादा ही बढ़ जाता है मां शारदा का महत्व। तभी तो मां के ऊंची पहाड़ियां में इज्स दौरान भक्तों की ज्यादा भीड़ दिखाई देती है। भारी तादाद में उमड़ते हैं श्रद्धालु नवरात्र के दौरान मां के दर्शनों के लिए। पूरा मैहर धाम इस दौरान कुछ अलग ही नज़र आता है। यहां की रौनक देखने लायक होती है। अगर आप भी नवरात्र के दौरान मैहर धाम जाने का विचार कर रहे हैं तो चलिए हम आपको बताते हैं कि कब और कैसे मां शारदा देवी धाम पहुंचा जा सकता है और इस दौरान आपको किन बातों का ध्यान रखना होगा।

कब जाएं मां शारदा धाम?
वैसे तो मां शारदा धाम की यात्रा पूरे साल खुली रहती है लेकिन गर्मियों में मई से जून और नवरात्रि के दौरान यहां सबसे ज्यादा श्रद्धालु पहुंचते हैं। नवरात्र के 9 दिन यहां की रौनक देखते ही बनते है। इस दौरान मैहर धाम में भी बड़े जागरण का आयोजन किया जाता है। तो वही भवन को भी बेहद सुंदर सजाया जाता है। 20 सितंबर से शारदीय नवरात्र शुरू भी हो रहे हैं इसीलिए आपके लिए सबसे बेहतर वक्त है मां शारदा के दर्शनों को जाने का।
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कैसे पहुंचे मैहर धाम
मां शारदा धाम पहुंचना बेहद ही सुगम है यही कारण है कि साल भर यहां भक्तों का तांता लगा ही रहता है। यहां हवाई, रेल या सड़क किसी भी मार्ग से जल्द से जल्द पहुंचा जा सकता है।

हवाई मार्ग से मैहर कैसे पहुंचे
मैहर से करीब 148 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मैहर का सबसे करीबी एयरपोर्ट खाजुराहो हवाई अड्डा है, जो एक डोमेस्टिक हवाई अड्डा होने की वजह से देश के कुछ ही महत्वपूर्ण हवाई अड्डों से जुड़ा हुआ है। देश के विभिन्न शहरों से हवाई जहाज पकड़कर मैहर जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को जबलपुर एयरपोर्ट के लिए हवाई जहाज पकड़नी पड़ेगी, जो मैहर से करीब 170 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
इन दोनों शहरों से मैहर जाने के लिए आप बस और टैक्सी के द्वारा मैहर जा सकते हैं। मैहर रेलवे स्टेशन के लिए जबलपुर से ट्रेन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

ट्रेन से मैहर कैसे पहुंचे
अहमदाबाद, मुंबई, बैंगलोर,नागपुर, इंदौर, नई जलपाईगुड़ी, कानपुर, हजरत निजामुद्दीन, हावड़ा, पटना, वाराणसी, और चेन्नई के साथ-साथ देश के कुछ अन्य महत्वपूर्ण शहरों से मैहर रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। मैहर रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन ना मिलने पर आप जबलपुर या प्रयागराज रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन पकड़ सकते हैं, जहां से मैहर की दूरी पर 170 और 210 किलोमीटर है। आपको बता दें कि मैहर इन दोनों शहरों के लगभग मध्य में स्थित है, जहां से आप बस, टैक्सी या दूसरी ट्रेन पकड़ कर मैहर जा सकते हैं।

सड़क मार्ग
सड़क मार्ग के ज़रिए भी मैहर मंदिर आसानी से पहुंचा जा सकता है। हर साल बहुत से श्रद्धालु अपने निजी वाहनों से मां के दर्शनों के लिए मैहर धाम पहुंचते हैं।

मैहर देवी मंदिर कहाँ है?
मैहर मंदिर को मां शारदा देवी मंदिर के नाम से जाना जाता है, लेकिन मैहर में स्थित होने की वजह से मां शारदा देवी मंदिर को पूरे देश में लोग मैहर मंदिर के नाम से ही जानते हैं। मैहर देवी मंदिर मध्य प्रदेश के सतना जिले में 1 ऊंची पहाड़ी पर स्थित है, जहां जाने के लिए 1065 सीढ़ियां चढ़कर या अनुसार रोपवे के माध्यम से जाया जा सकता है।

मैहर शारदा देवी मंदिर मंदिर तक कैसे पहुंचे ?
1- सीढ़ियों के माध्यम से- मां शारदा मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को 1065 सीढिया चढ़कर ऊंची पहाड़ी मंदिर पहुंचना पड़ता है तभी देवी शारदा के दर्शन प्राप्त होते है ।
2- बया रोड- मां मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ में बया रोड के माध्यम से भी आधे रास्ते तय कर सकते है लेकिन इसके ऊपर का रास्ता जटिल होने की बजह से आगे रोड ख़त्म हो जाती है फिर वहा से आपको मंदिर तक सीढ़ियों के द्वारा ही जाना होगा।
3- रोपवे की सवारी- इसकी सबारी कर ऊपर मां शारदा देवी मंदिर तक बड़े आसानी से पहुंच सकते है। रोपवे में बैठ कर पहाड़ो की खूबसूरती का लुप्त उठा सकते है। और साथ में जल्दी से पहुंच जायेंगे।
4- मैहर मंदिर रोपवे का समय- रोपवे से सफर करने बाले यात्रियों के लिए रोपवे सुबिधा सुबह 7 बजे से दिन ढलने के बाद शाम 7 बजे तक लगातार चालू रहती है।

मैहर धाम की यात्रा के लिए रुकने की जगह
यदि आप मध्य प्रदेश के सतना जिला स्थित मैहर धाम मंदिर की यात्रा के लिए जाना चाहते हैं तो आपको आसपास कई सारे होटल मिल जाएंगे, जहां पर आप ठहर सकते हैं। इनके न्यूनतम चार्जेस 500 सौ रुपए से शुरू होते हैं। इस तरीके से वहां पर लगभग सभी होटलों में इस सामान चार्ज लिए जाते हैं। प्रशासन की तरफ से धर्मशाला में रुकने की व्यवस्था कराई जाती है।

मैहर मां शारदा मंदिर का इतिहास
मध्य प्रदेश के सतना जिले में मैहर में चित्रकूट पर्वत की ऊंची चोटी पर 1 भव्य और सुंदर मंदिर विराजमान है। जो मां शारदा के लिए समर्पित है। इस मंदिर को मैहर वाली मां के रूप में भी जाना जाता है। इस मंदिर के इतिहास के बारे मे पौराणिक मान्यताओं के अनुसार कहा जाता है कि माता सती के अंग जहां जहां पर गिरे थे। वहां पर शक्ति पीठ स्थापित हो गया और उन्हीं शक्तिपीठ में से 1 मां शारदा का पावन धाम है। ऐसे 51 शक्तिपीठ स्थापित हुए हैं।












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