Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

MP News: 8-9% वोट चोरी का सनसनीखेज खुलासा, उमंग सिंघार बोले- 27 सीटों पर हार की वजह फर्जी जनादेश

MP News Congress: मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर हंगामा मच गया है। कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने 2023 के विधानसभा चुनाव में 8-9% वोटों की चोरी का सनसनीखेज आरोप लगाया है। भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने दावा किया कि करीब 16 लाख वोटों के साथ हेरफेर कर BJP ने फर्जी जनादेश हासिल किया और मध्य प्रदेश में सरकार बनाई।

इस पूरे मामले में उन्होंने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि आयोग ने BJP को अनैतिक लाभ पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। यह खुलासा न केवल मध्य प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला रहा है, बल्कि देश भर में चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहा है। आइए, इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी जानते हैं।

Sensational disclosure of 8-9 vote theft in MP Umang Singhar said - lost on 27 seats

राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, उमंग ने दी ताकत

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। उनकी इस आवाज को मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने और बुलंद किया। भोपाल में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंघार ने डेटा और ग्राफिक्स के साथ दावा किया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में 27 सीटों पर वोट चोरी के कारण कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा, "हमने मध्य प्रदेश में समझा कि कैसे वोट चोरी कर BJP ने फर्जी जनादेश हासिल किया। इसमें चुनाव आयोग ने BJP की सरकारें बनाने में अपनी भूमिका निभाई।"

16 लाख वोटों की हेराफेरी का दावा

उमंग सिंघार ने अपने दावों को पुख्ता करने के लिए आँकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि 2023 के चुनावी साल में मध्य प्रदेश की वोटर लिस्ट में 34 लाख से ज्यादा नए नाम जोड़े गए। खास तौर पर, अगस्त से अक्टूबर 2023 के बीच, यानी सिर्फ दो महीनों में, 16.05 लाख नए वोटर जोड़े गए, जो प्रतिदिन औसतन 26,000 वोटरों की वृद्धि को दर्शाता है।

सिंघार ने तुलनात्मक आँकड़े भी सामने रखे। "2018 के विधानसभा चुनाव में BJP और कांग्रेस के वोट शेयर में केवल 1% का अंतर था। लेकिन 2023 में यह अंतर अचानक बढ़कर 8-9% हो गया। यह संभव नहीं है बिना किसी हेरफेर के," उन्होंने दावा किया। उनके अनुसार, 27 विधानसभा सीटों पर, जहाँ कांग्रेस उम्मीदवार मामूली अंतर से हारे, वहाँ नए वोटरों की संख्या हार-जीत के अंतर से कहीं ज्यादा थी। उदाहरण के लिए, दतिया जिले की सेवड़ा सीट पर दो महीनों में 7,609 नए वोटर जोड़े गए, जबकि हार का अंतर केवल 2,000 वोटों का था। इसी तरह, ग्वालियर दक्षिण में भी नए वोटरों की संख्या हार के अंतर से ज्यादा थी।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी: चुनाव आयोग पर सवाल

सिंघार ने न केवल वोटर लिस्ट में हेरफेर का आरोप लगाया, बल्कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "चुनाव आयोग दावा करता है कि वह पारदर्शी है और सभी राजनीतिक दलों को वोटर लिस्ट प्रदान करता है। लेकिन सवाल यह है कि कौन सी लिस्ट दी जाती है और कौन सी छिपाई जाती है? वोटर लिस्ट में नए नाम कैसे जोड़े जाते हैं और पुराने कैसे हटाए जाते हैं, यह प्रक्रिया पूरी तरह गड़बड़ है।"

उन्होंने बताया कि 2 दिसंबर 2022 को मध्य प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग ने 8,51,564 फर्जी या डुप्लिकेट प्रविष्टियों को हटाने का आदेश जारी किया था, लेकिन किसी भी जिला अधिकारी ने इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की। "राइट टू इंफॉर्मेशन (RTI) के जरिए भी यह डेटा उपलब्ध नहीं कराया गया," सिंघार ने दावा किया। उन्होंने माँग की कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट को फ्रीज करे, सभी राजनीतिक दलों के हस्ताक्षर के साथ अंतिम सूची प्रकाशित करे, और मशीन-रीडेबल फॉर्मेट (CSV) में डेटा उपलब्ध कराए ताकि स्वतंत्र जाँच हो सके।

BJP का जवाब: आरोपों को बताया बेबुनियाद

सिंघार के इन सनसनीखेज आरोपों पर BJP ने तीखी प्रतिक्रिया दी। मध्य प्रदेश के खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "कांग्रेस के आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं। राहुल गांधी और उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में हार की आशंका से घबराकर चुनाव आयोग पर हमला कर रही है। मध्य प्रदेश में कांग्रेस की हार उनकी अपनी नाकामी का नतीजा है, न कि किसी वोट चोरी का।"

जनता और सोशल मीडिया में हलचल

इस खुलासे ने मध्य प्रदेश में सियासी माहौल को गरमा दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इस मुद्दे पर अपनी राय रख रहे हैं। @amar_4inc ने ट्वीट किया, "मध्य प्रदेश में 2023 में 16 लाख नए वोटर, 2 महीने में हर दिन 26,000! BJP-कांग्रेस का वोट शेयर अंतर 1% से बढ़कर 8-9%? उमंग सिंघार का खुलासा चौंकाने वाला। #VoteTheft"

कई लोगों ने इस मामले को लेकर चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, "अगर इतने बड़े पैमाने पर वोट चोरी हो रही है, तो यह लोकतंत्र के लिए खतरा है। EC को जवाब देना होगा।" वहीं, कुछ BJP समर्थकों ने इसे कांग्रेस की हताशा करार दिया।

क्या है इस खुलासे का असर?

उमंग सिंघार के इस खुलासे ने न केवल मध्य प्रदेश की सियासत को हिलाकर रख दिया है, बल्कि यह पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में BJP ने 230 में से 163 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को केवल 66 सीटों से संतोष करना पड़ा था। सिंघार का दावा है कि अगर वोट चोरी न हुई होती, तो 27 सीटों पर नतीजे अलग हो सकते थे, जिससे सत्ता का समीकरण बदल सकता था।

कांग्रेस ने इस मुद्दे को और आक्रामक तरीके से उठाने की योजना बनाई है। पार्टी ने माँग की है कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट की पूरी जाँच करे और भविष्य में ऐसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए। दूसरी ओर, BJP ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे विपक्ष की हार की हताशा बताया है।

आगे की राह: लोकतंत्र पर सवाल

यह मामला न केवल मध्य प्रदेश की सियासत के लिए, बल्कि देश के लोकतांत्रिक ढाँचे के लिए भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या वोटर लिस्ट में हेरफेर कर जनादेश को प्रभावित किया जा सकता है? क्या चुनाव आयोग की पारदर्शिता पर भरोसा बरकरार रहेगा? उमंग सिंघार का यह खुलासा इन सवालों को और गहरा रहा है। जैसे-जैसे यह मामला तूल पकड़ रहा है, सभी की नजरें चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर टिकी हैं। क्या इस सनसनीखेज दावे की जाँच होगी, और क्या सच सामने आएगा? यह समय ही बताएगा।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+