हवा-आंधी से बर्बाद गेहूं की फसल को देसी जुगाड़ से बचाया, जानिए तरीका, मेवाड़ा की पहल बनी किसानों की उम्मीद
Sehore Wheat Crop: पिछले दिनों बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने तैयार खड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। खेतों में सोने सी लहलहाती फसल देखते ही देखते जमीन पर आड़ी होकर गिर गई। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसानों की सालभर की मेहनत पर मातम छा गया हो। चेहरों पर चिंता और आंखों में बेबसी साफ झलक रही थी।
कई किसानों को लगा कि अब लागत निकालना भी मुश्किल हो जाएगा। खेतों में गिरी फसल को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे उम्मीदें भी जमीन पर बिखर गई हों।

समाजसेवी एमएस मेवाड़ा की सूझबूझ ने दिखाई नई राह
ऐसे कठिन समय में किसान व समाजसेवी एमएस मेवाड़ा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने गिरी हुई गेहूं की फसल को बचाने के लिए एक सरल लेकिन कारगर देसी उपाय सुझाया। उनका कहना था कि यदि तुरंत फसल को उठाकर रस्सियों की मदद से गुच्छों में बांध दिया जाए, तो काफी हद तक नुकसान रोका जा सकता है। उनका यह सुझाव गांव-गांव तेजी से फैल गया। सोशल मीडिया पर भी यह उपाय चर्चा में आया और किसानों में नई उम्मीद जगी। मेवाड़ा की इस पहल ने साबित किया कि सूझबूझ और सामूहिक प्रयास से विपरीत परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है।
दो दिन की मेहनत, 6 मजदूर और फिर खड़ी हो गई फसल
रामाखेड़ी गांव के एक किसान ने इस देसी उपाय को अपनाया। एक एकड़ खेत में 6 मजदूर लगाए गए और दो दिनों की मेहनत के बाद गिरी हुई फसल को सावधानीपूर्वक उठाकर गुच्छों में बांध दिया गया। दो एकड़ खेत में करीब 12 मजदूरों ने रस्सियों से सहारा देकर गेहूं के पौधों को फिर से खड़ा कर दिया। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 4,000 रुपये का खर्च आया।
जहां पहले अनुमान था कि 40 क्विंटल की जगह मुश्किल से 10 क्विंटल उत्पादन होगा, वहीं अब करीब 20 क्विंटल गेहूं बचने की उम्मीद जताई जा रही है। यानी लगभग 50 हजार रुपये की फसल बचाने में यह देसी जुगाड़ कारगर साबित हो रहा है।
हौसले बुलंद हों तो मुश्किलें भी झुक जाती हैं
एमएस मेवाड़ा का कहना है कि यह पहल केवल फसल बचाने की कहानी नहीं, बल्कि हौसले और एकजुटता की मिसाल है। जब प्राकृतिक आपदा से किसान टूटने लगे थे, तब सकारात्मक सोच ने पूरे माहौल को बदल दिया। खेतों में फिर से खड़ी होती फसल ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। अब कई गांवों में इस देसी जुगाड़ को अपनाया जा रहा है।
किसानों की प्रशासन से मांग
किसानों का कहना है कि शासन-प्रशासन अब तक नुकसान का सर्वे करने नहीं पहुंचा है। किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मांग की है कि खराब हुई गेहूं की फसल का सर्वे कराया जाए और प्रभावित किसानों को राहत राशि व फसल बीमा का लाभ दिया जाए।
किसानों ने बताया कि उन्होंने करनाल और पीलूखेड़ी गांव में विरोध प्रदर्शन भी किया था, लेकिन अभी तक पटवारी या कृषि विभाग का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। रामाखेड़ी के किसान मोतीलाल मेवाड़ा, देव सिंह मेवाड़ा, महेश मेवाड़ा, रमेशचंद मेवाड़ा, राधेश्याम, धनराज, प्रहलाद और अन्य किसानों की कई एकड़ फसल पूरी तरह गिर चुकी है, जिससे वे काफी परेशान हैं।
फिलहाल, प्रशासन से राहत की उम्मीद कम होने के कारण किसान स्वयं मजदूर लगाकर रस्सियों से फसल को सहारा देकर बचाने में जुटे हुए हैं। यह पहल अब अन्य किसानों के लिए भी उम्मीद की किरण बन रही है।
-
Khushbu Sundar: इस मुस्लिम नेता के हिंदू पति की राजनीति में एंट्री, कभी लगा था Love Jihad का आरोप -
Gold Rate Today: ईरान जंग के बीच सोना में भारी गिरावट, अबतक 16000 सस्ता! 22k और 18k का अब ये है लेटेस्ट रेट -
Balen Shah Nepal PM: पीएम मोदी के नक्शेकदम पर बालेन शाह, नेपाल में अपनाया बीजेपी का ये फॉर्मूला -
Petrol Diesel Price: आपके शहर में कितना सस्ता हुआ पेट्रोल-डीजल? ₹10 की कटौती के बाद ये रही नई रेट लिस्ट -
Iran Vs America War: कब खत्म होगा अमेरिका ईरान युद्ध, ट्रंप के विदेश मंत्री ने बता दी तारीख -
Israel-Iran War: होर्मुज के बाद अब लाल सागर बंद करने की तैयारी, ईरान के खतरनाक प्लान लीक, भारत पर क्या असर? -
Delhi Power Cut: विकेंड पर दिल्ली के आधे हिस्से में 'ब्लैकआउट', शनिवार को इन पॉश इलाकों में नहीं आएगी बिजली -
PM Kisan Yojana: 31 मार्च से पहले कर लें यह काम, वरना अटक जाएगी पीएम किसान की अगली किस्त -
Mumbai Gold Silver Rate Today: सोना-चांदी के गिरे भाव, निवेशकों का चढ़ा पारा, जाने मुंबई में कहां पहुंचा रेट? -
LPG Price Today: 1 अप्रैल से बढ़ने वाले हैं सिलेंडर के दाम? आपके शहर में आज क्या है रेट? -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta March 28: आज के मैच का टॉस कौन जीता- RCB vs SRH -
Aaj Ke Match Ka Toss Kitne Baje Hoga 28 March: आज के मैच का टॉस कितने बजे होगा- RCB vs SRH












Click it and Unblock the Notifications