MP Election Raisen: भोजपुर से भाजपा ने सुरेंद्र पटवा को बनाया उम्मीदवार, कांग्रेस से राजकुमार पटेल देंगे टक्कर
Raisen News: भाजपा ने रायसेन की भोजपुर विधानसभा क्षेत्र से एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे सुरेंद्र पटवा को उम्मीदवार बनाया है। भाजपा की 5वीं सूची जारी होने से पहले यह माना जा रहा था कि सुरेंद्र पटवा का टिकट काटा जा सकता है लेकिन पार्टी ने राजकुमार पटेल को देखते हुए सुरेंद्र पटवा को प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा का अभेघ गढ़ मानी जाती है भोजपुर विधानसभा
राजधानी के सबसे करीब और औद्योगिक नगरी मंडीदीप को अपने आंचल में समेटे विश्व धरोहर भीमबेटका और दुनिया के सबसे बड़े विशाल शिवलिंग के लिए पहचाने जाने वाले भोजपुर क्षेत्र की राजनीतिक पहचान भाजपा के गढ़ के रूप में होती है। कांग्रेस के लिए यहां राह कभी आसान नहीं रही। पहले सुंदरलाल पटवा और अब सुरेंद्र पटवा ने कांग्रेस की परेशानी यहां लगातार बढ़ाकर रखी है।

कांग्रेस पार्टी में वनवास काट रहे थे पूर्व मंत्री राजकुमार
2009 के लोकसभा चुनाव में बी फॉर्म निरस्त हो जाने के बाद कांग्रेस पार्टी में वनवास काट रहे पूर्व मंत्री राजकुमार पटेल का पुनर्वास हो गया है। कांग्रेस ने उन्हें भोजपुर सीट से प्रत्याशी बनाया है। टिकट की घोषणा होने के बाद माना जा रहा है कि 14 साल वनवास के बाद पटेल अब राजकुमार बन गए हैं। उल्लेखनीय है भोजपुर सीट को भाजपा के गढ़ के रूप में पहचाना जाता है यहां से सुरेंद्र पटवा लगातार तीन चुनाव जीत चुके हैं हालांकि इस बार उनके टिकट पर संशय बना हुआ है। प्रबल सूत्र बताते हैं कि भाजपा से अंतिम मुहर पटवा के नाम पर ही लग सकती है। राजकुमार पटेल के प्रत्याशी बनने के बाद यहां रोचक मुकाबले की उम्मीद की जा रही है।
सन 1985 में जब सुंदरलाल पटवा को मध्य प्रदेश में सुरक्षित सीट की तलाश थी और वे सीहोर छोड़ना चाहते थे। तब उन्होंने इस सीट का रुख किया और 1998 तक लगातार चार बार चुनाव जीत कर वे 1990 में यहां से प्रदेश के मुख्यमंत्री भी बने। 1992 में सरकार के भंग होने और राष्ट्रपति शासन लग जाने के बाद भले ही कांग्रेस की सरकार बन गई। लेकिन तब नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी भी स्वर्गीय पटवा ने संभाली। 1998 में होशंगाबाद से संसद का चुनाव जीते पटवा। फिर अटल सरकार में केंद्रीय मंत्री बन गए। तब उम्र दराज होते पटवाने अपने उत्तराधिकारी के रूप में अपने भतीजे सुरेंद्र पटवा को 2003 के चुनाव मैदान में उतारा तब (पुरबिया ठाकुर) वर्ग से कांग्रेस प्रत्याशी राजेश पटेल ने सुरेंद्र पटवा को 1500 वोटो से चुनाव हरा दिया था। उसके बाद 2008 में सुरेंद्र पटवा ने राजेश पटेल को चुनाव हराया 2013 और 2018 के चुनाव में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी को चुनाव हराकर सुरेंद्र पटवा ने सीट पर अपनी जीत कायम की। हालांकि सुरेश पचौरी को चुनाव हारने कांग्रेसियों ने ही रणनीति के तहत भीतर घाट किया था।
जातीय समीकरण
भोजपुर विधानसभा क्षेत्र में अगर जातिगत समीकरण पर नजर डाली जाए तो इस विधानसभा में सर्वाधिक ST-65000, SC- 35000, मीणा-30000 और मुस्लिम वोटर 35 हजार से अधिक है। इसके अलावा किरार, ब्राह्मण, नागर, लोधी, राजपूत, ठाकुर, जैन, सिख और कुर्मियों में भी सभी की संख्या लगभग 10 हजार के आसपास है।
1967 से 2013 तक जीत पर एक नजर
- 1967 में कांग्रेस के गुलाबचंद तामोट
- 1977 में जनता पार्टी के पर्वचंद्र लक्ष्मीचंद
- 1980 में भाजपा के शालीगराम
- 1985 में भाजपा के सुंदरलाल पटवा
- 1990 में भाजपा के सुंदरलाल पटवा
- 1993 में भाजपा के सुंदरलाल पटवा
- 1998 में भाजपा के सुंदरलाल पटवा
- 2003 में कांग्रेस के राजेश पटेल
- 2008 में भाजपा के सुरेंद्र पटवा
- 2013 में भाजपा के सुरेंद्र पटवा
- 2018 में भाजपा के सुरेंद्र पटवा












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