Bhopal News: 26 नाबालिग के गायब होने से मचा हड़कंप, कलेक्टर बोले- 10 को बच्चियों को पुलिस ने खोज निकाला
Bhopal News: भोपाल के परवलिया थाना क्षेत्र से संचालित आंचल मिशनरी संस्था के चिल्ड्रन होम के निरीक्षण में 68 में से 26 बच्चियां गायब मिली हैं। इनमें से रायसेन, छिंदवाड़ा, बालाघाट, सीहोर, विदिशा सहित राजस्थान, झारखंड, गुजरात की 41 बच्चियां ही मिली हैं।
गायब बच्चियों के बारे में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा, इस बालगृह का कोई रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। इस संदर्भ में, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंका कानूनगो ने मुख्य सचिव वीरा राणा को पत्र लिखा है और सात दिनों के अंदर जांच की रिपोर्ट मांगी है। इस पत्र में उन्होंने बताया कि परवलिया थाना ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है।

संस्था मिशनरी है और वहां पर लगे साइन भी सारे मिशनरी थे, इसीलिए ये अंदेशा जताया जा रहा है कि नाबालिग बच्चियों को वहां रखने के दौरान उनसे धर्म परिवर्तन का भी प्रयास कराया गया हो, इन तमाम एंगल पर प्रशासन जांच कर रहा है। वही एनसीपीसीआर के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने भी धर्मांतरण के प्रश्न खड़े किए हैं।
ग्रामीण बताते हैं कि आंचल छात्रावास करीब 5 वर्षों से तारा सेवनिया गांव में चल रहा है और करीब इस छात्रावास में 70 नाबालिक हमेशा दिखाई देती है और रात में भी एक काली कलर की क्रेटा कार आती है.. जिसमें दो युवक रहते हैं रात को 1 बजे तक कार आती है और सवेरे 4 बजे तक चली जाती है और बाहर का आदमी कोई भी अंदर नहीं जा सकता है।
जब एनसीपीसीआर की टीम ने छात्रावास में दबिश दी थी, उस दौरान परवलिया सड़क पुलिस भी मौजूद थी। अधिकारी ने बताया 4 तारीख को जब टीम पहुंची थी। उस दौरान फादर अनिल मैथ्यू से पूछताछ की गई थी। पर उन्होंने सही जानकारी नहीं दी, जिसके बाद उनके ऊपर अनियमितता बरतने के तहत कार्रवाई की गई है और इस संस्था का रजिस्ट्रेशन भी नहीं था।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले में कहा है कि लापता बालिकाओं का वेरिफिकेशन हो गया है, सभी बेटियां सुरक्षित हैं और उनकी पहचान भी कर ली गई है। उन्होंने एक भी दोषी और लापरवाही बरतने वालों को बख्शा नहीं जाएगा यह सुनिश्चित करने का आदान-प्रदान किया है।
आंचल नामक हॉस्टल में कुल 68 बच्चियां रजिस्टर्ड हैं, जिनमें से शुक्रवार को राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के निरीक्षण में से केवल 41 बच्चियां मौके पर मिलीं। इस पर परवलिया पुलिस ने हॉस्टल संचालक और पदाधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज की है और राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने भी जांच रिपोर्ट के लिए मुख्य सचिव से सत्रह दिन में मांग की है।
इस मामले में परियोजना अधिकारी सहित तीन लोगों को सस्पेंड किया गया है और शनिवार को ही एसपी और कलेक्टर ने हॉस्टल का दौरा किया है। जांच में प्राथमिक बातचीत से पता चला है कि 26 बच्चियां रजिस्ट्रेशन के बाद मन नहीं लगने से अपने परिवार के पास चली गईं हैं, जिसका सत्यापन किया जा रहा है।
आंचल चिल्ड्रन होम का संचालन अवैध रूप से हो रहा था और इसके आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी कोमल उपाध्याय और सुपरवाइजर मंजूषा राज को निलंबित कर दिया गया है, जबकि महिला एवं बाल विकास विभाग गंजबासौदा के परियोजना अधिकारी बृजेंद्र प्रताप सिंह को भी सस्पेंड किया गया है।












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