Bhopal news: भोपाल के ऐशबाग आरओबी में लापरवाही का खुलासा, CM मोहन यादव ने 8 अफसरों को किया सस्पेंड

MP News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बना ऐशबाग रेलवे ओवरब्रिज (ROB) अब एक विकास परियोजना से ज्यादा, प्रशासनिक लापरवाही और इंजीनियरिंग की भूल की मिसाल बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस गंभीर चूक को लेकर PWD के 8 इंजीनियरों को निलंबित करने और निर्माण एजेंसी व डिजाइन कंसल्टेंट को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश जारी किए हैं।

यह कार्रवाई शनिवार देर रात सामने आई जब मुख्यमंत्री ने X (पूर्व ट्विटर) पर इस मामले पर संज्ञान लेने और कड़ी कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की।

Negligence revealed in Bhopal Aishbagh ROB CM Mohan Yadav suspended 8 officers

मुख्यमंत्री का सख्त एक्शन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार रात अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "मैंने ऐशबाग आरओबी के निर्माण में लापरवाही के मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए थे। जांच रिपोर्ट के आधार पर लोक निर्माण विभाग के 8 इंजीनियर्स के खिलाफ कार्रवाई की गई है।" इस कार्रवाई में दो चीफ इंजीनियर्स (सीई) सहित सात इंजीनियर्स को निलंबित किया गया है, जबकि एक सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (एसई) के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, आरओबी के त्रुटिपूर्ण डिजाइन के लिए जिम्मेदार निर्माण एजेंसी और डिजाइन कंसल्टेंट को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि ब्रिज में आवश्यक सुधार के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी की सिफारिशों और सुधार कार्यों के पूर्ण होने के बाद ही आरओबी का लोकार्पण किया जाएगा।

पीडब्ल्यूडी मंत्री ने कराई थी जांच

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई, जब पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) से इस ब्रिज की तकनीकी जांच कराने का निर्देश दिया। एनएचएआई ने अपनी जांच में कई गंभीर खामियां उजागर कीं। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि ब्रिज का डिजाइन इतना दोषपूर्ण है कि 35-40 किमी प्रति घंटा से अधिक गति पर वाहन चलाने से हादसे का खतरा हो सकता है। इस रिपोर्ट के आधार पर ब्रिज को रीडिजाइन करने का निर्णय लिया गया है।

हालांकि, इस मामले में अधिकारी खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, ब्रिज के निर्माण में तकनीकी खामियों के साथ-साथ गुणवत्ता और मानकों की अनदेखी भी सामने आई है, जिसने इस प्रोजेक्ट को विवादों में ला खड़ा किया।

जनता की सुरक्षा सर्वोपरि

ऐशबाग आरओबी भोपाल के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जो शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने में अहम भूमिका निभाने वाली थी। लेकिन निर्माण में हुई लापरवाही ने न केवल इस परियोजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए हैं, बल्कि जनता की सुरक्षा को भी खतरे में डाल दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में साफ किया कि जनता की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रिज के रीडिजाइन और सुधार कार्य में समय लग सकता है, जिसके चलते इस आरओबी के लोकार्पण में देरी हो सकती है। गठित कमेटी जल्द ही अपनी सिफारिशें देगी, जिसके आधार पर सुधार कार्य शुरू किए जाएंगे। इस बीच, स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों से अपील की गई है कि वे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें और सावधानी बरतें।

यह मामला एक बार फिर निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता और जवाबदेही के महत्व को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री की इस त्वरित कार्रवाई से यह संदेश स्पष्ट है कि मध्य प्रदेश सरकार जनहित और सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करेगी।

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