MP News: मध्य प्रदेश के तीन खिलाडियों को मिला अर्जुन पुरस्कार, इन प्रशिक्षक को मिला द्रोणाचार्य अवॉर्ड
MP News: मध्य प्रदेश राज्य खेल अकादमी के तीन खिलाड़ी निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह, पेरा केनो खिलाड़ी प्राची यादव और पूर्व के खिलाड़ी सुशीला चानू को अर्जुन पुरस्कार दिया गया है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के युवा प्रशिक्षक शिवेंद्र सिंह को द्रोणाचार्य पुरस्कार भी दिया गया है। यह पुरस्कार राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिए हैं। यह पहला मौका है जब मध्य प्रदेश के तीन खिलाड़ियों और एक प्रशिक्षक को यह पुरस्कार दिया गया है।
आपको बता दें कि निशानेबाज ऐश्वर्य प्रताप सिंह का जन्म 3 फरवरी 2001 को मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के रतनपुर गांव में राजपूत किसान परिवार में हुआ है। उनके पिता को भी शूटिंग का शौक था। इसलिए उनके घर में पहले से बंदूके थी। ऐश्वर्य के भाई भी प्रोफेशनल शूटर रह चुके हैं। ऐश्वर्या प्रताप सिंह ने स्कूल के समय से ही इसमें शानदार प्रदर्शन करने का लक्ष्य बना लिया था। 22 साल के ऐश्वर्य प्रताप सिंह ने वर्ष 2016 में मध्य प्रदेश राज्य खेल अकादमी में प्रवेश लिया था।

इसी तरह पेरा केनो खिलाड़ी प्राची यादव ग्वालियर की रहने वाली है। वह लेवल-दो और वीएल-दो कैटेगरी में खेलती हैं। प्राची यादव स्नातक तक पड़ी है। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक और एशियाई गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वह अब तक कुल सात अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और कई राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शामिल हो चुकी है। पेरिस ओलंपिक के लिए भी प्राचीन ने पात्रता अर्जित की है। एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक विजेता है। अब तक चार विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राची से टोक्यो ओलंपिक के पूर्व संवाद कर उन्हें युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया था।
भारतीय महिला टीम की खिलाड़ी और पूर्व कप्तान सुशीला चानू मूलतः मणिपुर की खिलाड़ी है। लेकिन मध्य प्रदेश राज्य महिला हॉकी अकादमी में सुशीला चानू ने प्रशिक्षक परमजीत बरार से हॉकी की बारीकियां सीखी है। सुशील 8 वर्ष तक मध्य प्रदेश राज्य खेल अकादमी की खिलाड़ी रही है। उन्होंने रियो ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया है। इसके अलावा दो एशियन गेम्स एक कॉमनवेल्थ गेम्स और तीन एशिया कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
ग्वालियर के रहने वाले शिवेंद्र सिंह को द्रोणाचार्य पुरस्कार दिया गया है। वह अभी भारतीय टीम में सहायक कोच है। सेंटर फारवर्ड के रूप में हॉकी टीम में शिवेंद्र ने एशियाई गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, चैंपियन चेलेंज, सुल्तान अजलान शाह ट्रॉफी में प्रतिनिधित्व किया है। टोक्यो ओलंपिक और एशियन गेम्स की पदक विजेता टीम के प्रशिक्षक भी रहे हैं। वह बताते हैं कि पुरस्कार पाकर बहुत खुश हूं। उम्मीद है कि देश को अच्छे खिलाड़ी दे सकूं।












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