CM राइस पैटर्न पर बनाए जाएंगे सूबे के मॉडल कॉलेज, इन्फ्राट्रक्चर, हॉस्टल और खेल की दी जाएंगी बेहतर सुविधाएं

मध्य प्रदेश के हर जिले में 11 मॉडल कॉलेज बनाया जाएगा। कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को हॉस्टल सहित अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों कुछ चयनित करना शुरू कर दिया है। कॉलेजों को सीएम राइस पैटर्न पर तैयार किए जाएगा। राज्य संचालित सरकारी कॉलेजों की स्थिति अच्छी नहीं है। मॉडल कॉलेज में फैकल्टी का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके तहत वहां पढ़ाई जाने वाले विश्व के लिए पर्याप्त फैकल्टी होगी।
गेस्ट फैकल्टी भी रखी जा सकेगी
कॉलेजों में जरूरत पड़ने पर गेस्ट फैकेल्टी भी रखी जा सकेगी। कॉलेजों को नवाचार करना होंगे। इनमें टीचिंग लर्निंग के साथ ही इस बात का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा कि कॉलेज के छात्रों का रिजल्ट बेहतर रहे। इस वजह से छात्रों की अटेंडेंस, प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट आदि पर फोकस रहेगा। इन कॉलेजों में यह व्यवस्था भी रहेगी कि छात्रों का निरंतर और सतत मूल्यांकन हो सके इसके लिए उन्हें नियमित टास्क भी दिए जाएं। इसी के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के मद्देनजर एक्सपर्ट से लेकर ग्रुप डिस्कशन मॉक टेस्ट आदि भी मॉडल कॉलेजों में किया जाएगा।
प्रतियोगी परीक्षाओं की होगी तैयारी
विभागीय अधिकारियों के मुताबिक हर जिले में मॉडल कॉलेज खोलने को लेकर आप तैयार हो रहे हैं इससे बेहतर इन्फ्राट्रक्चर के साथ छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी रिसर्च आदि के लिए भी तैयार किया जाएगा मॉडल कॉलेजों को देखकर जिले के दूसरे कॉलेज अपनी व्यवस्था में भी सुधार लाएंगे।
जिले के अन्य कॉलेज 'मॉडल कॉलेज' जैसा तैयार करेंगे अपने आपको
जिले के अन्य कॉलेज खुद को मॉडल कॉलेज ऐसा तैयार करेंगे। वे जनभागीदारी समिति सहित एलुमनाई से मिली मदद से विद्यार्थियों को सुविधा देंगे। उनकी आयुक्त स्तर पर उनकी निगरानी तक की जाएगी। कॉलेजों में इन्फ्राट्रक्चर हॉस्टल लैब लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं होंगी। इसके अलावा कॉलेजों में ई-लाइब्रेरी, वर्चुअल लैब और रिसर्च फैकेल्टी भी विकसित की जाएगी।












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