MP की पॉलिटिक्स में क्या होगा मैजिक? सीएम शिवराज क्यों बोले- पार्टी कहेगी तो ‘मैं कालीन बिछाने भी तैयार'
MP की राजनीति में जल्द ही बड़ा भूचाल आए तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। सभी बड़े आयोजनों से फुर्सत BJP हाईकमान यहां आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर बड़े फैसले ले सकता है। इसी बीच सीएम शिवराज का एक बयान चर्चा का विषय बना है।

MP CM shivraj singh chouhan:मध्य प्रदेश में चुनावी साल के पहले महीने का पहला पखवाड़ा गुजर गया और जबलपुर में गणतंत्र दिवस पर सीएम शिवराज के ध्वजारोहण करते ही पूरा महीना भी गुजरने को होगा। गुजरात फॉर्मूले की अटकलों के बीच एमपी में फिर किसी बड़े पॉलिटिकल मैजिक की चर्चा शुरू हो गई हैं। राजधानी दिल्ली में एक अंग्रेजी अखबार को दिए सीएम शिवराज के उस बयान से इस चर्चा और हवा मिल गई, जिसमें उन्होंने कहा कि 'यदि पार्टी उन्हें कालीन बिछाने कहेंगी, तो मैं वह भी करूंगा'। ये बयान उस दिन आया जब पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई।

इंदौर में प्रवासी भारतीय सम्मलेन फिर इन्वेस्टर्स समिट से फुर्सत पाने के बाद मध्य प्रदेश में सियासत नई अंगड़ाई लेने बेताब नजर आ रही हैं। गुजरात में प्रचंड जीत हासिल करने वाली बीजेपी के फॉर्मूले का बार-बार जिक्र आ रहा हैं। एक तो प्रदेश के मंत्रीमंडल में फेरबदल की हलचल है, तो वहीं पार्टी के प्रदेश मुखिया वीडी शर्मा का कार्यकाल भी ख़त्म होने की कगार पर है। साथ ही जनवरी के बाद 9-10 महीने का वक्त ही विधानसभा चुनाव का रोडमैप तैयार करने से लेकर सबको साधने का है। आगे की चुनौतियां कल की रहेंगी, उससे पहले दिल्ली पहुंचे सूबे के मुखिया सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपने पुराने बयान को दोहराकर नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बाजार को और गर्म कर दिया है।

अंग्रेजी अखबार इकनॉमिक टाइम्स में जारी खबर के मुताबिक सीएम शिवराज ने कहा है कि 'यदि पार्टी उन्हें कालीन बिछाने कहेंगी, तो मैं वह भी करूंगा'। ईटी को दिए इंटरव्यू में सीएम ने कहा है कि अंतिम फैसला पार्टी का होता है, वह एक सामान्य कार्यकर्ता है और खुद के बारे में कोई भी भूमिका, खुद तय नहीं कर सकते। पार्टी के अपने मापदंड है कि कौन सा व्यक्ति किस जगह कितना फायदेमंद है। शिवराज सिंह का ये बयान उस वक्त सामने आया है जब प्रदेश में महाकाल लोक लोकार्पण, फिर प्रवासी भारतीय सम्मलेन, इन्वेस्टर्स समिट जैसे बड़े प्रोग्राम हो चुके। G-20 समिट चल ही रहा है। इसी बीच 26 जनवरी के पहले पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी दिल्ली में हो गई। सूत्रों की माने तो गणतंत्र दिवस के पहले प्रदेश कोई बड़ा पॉलिटिकल मैजिक देख सकता है। चाहे जिस भी रूप में देखें।












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