MP News: शिक्षकों के लिए सीएम की बड़ी घोषणा, चौथी वेतनमान का तोहफा, कैबिनेट में जल्द होगा फैसला
MP News: शिक्षक दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकारी स्कूलों के शिक्षकों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने ऐलान किया कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को जल्द ही चौथा वेतनमान दिया जाएगा।
यह घोषणा शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को भोपाल के प्रशासन अकादमी में आयोजित राज्य-स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में की गई। इस फैसले से राज्य सरकार पर 117 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, लेकिन सीएम ने कहा कि शिक्षकों के कल्याण के लिए सरकार हर संभव प्रयास करेगी।

शिक्षक सम्मान समारोह में गूंजी तालियां
शिक्षक सम्मान समारोह में मध्य प्रदेश के गवर्नर मंगुभाई पटेल मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। समारोह में 14 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। प्रत्येक शिक्षक को 25,000 रुपये की पुरस्कार राशि, शॉल, नारियल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा, 2024 के राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित मध्य प्रदेश के दो शिक्षकों, शीला पटेल (दमोह) और भैरूलाल ओसारा (आगर-मालवा) को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल, नारियल, स्मृति चिन्ह और 5,000 रुपये नकद प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने समारोह में शिक्षकों की प्रशंसा करते हुए कहा, "शिक्षक समाज के असली निर्माता हैं। मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों के शिक्षक CBSE और ICSE जैसे शीर्ष बोर्डों से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। हमारे स्कूलों के छात्र अब देश भर की प्रतियोगी परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।"
चौथा वेतनमान: 35 साल की सेवा पूरी करने वालों को लाभ
सीएम ने घोषणा की कि चौथा वेतनमान उन शिक्षकों को दिया जाएगा जिन्होंने 1 जुलाई 2023 तक 35 साल की सेवा पूरी कर ली है। यह प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा, जिसके बाद इसकी औपचारिक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में, शिक्षा विभाग के केवल अधिकारियों को ही चौथा वेतनमान मिल रहा है। इस नए फैसले से हजारों शिक्षकों को लाभ होगा, जो लंबे समय से इस मांग को उठा रहे थे।
स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा, "यह फैसला शिक्षकों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सम्मानित शिक्षकों ने समर्पण और प्रतिबद्धता का उदाहरण पेश किया है, जो पूरे राज्य के लिए प्रेरणा है।"
अन्य घोषणाएं: स्कूली बच्चों के लिए 330 करोड़ का बजट
शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने एक और महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने प्रदेश के 55 लाख सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए वर्दी खरीदने हेतु 330 करोड़ रुपये की राशि जारी की। यह राशि एक क्लिक के जरिए बच्चों के बैंक खातों में हस्तांतरित की गई। इस कदम से बच्चों को समय पर वर्दी उपलब्ध होगी, जिससे उनकी पढ़ाई में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी।
सीएम ने कहा, "शिक्षा समाज की प्रगति का आधार है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि न केवल शिक्षकों को सम्मान और सुविधाएं मिलें, बल्कि बच्चों को भी बेहतर संसाधन उपलब्ध हों।"
शिक्षकों के सम्मान में बढ़ा कदम
समारोह में सम्मानित होने वाले 14 शिक्षकों में जितेंद्र शर्मा (गुना), दिलीप जायसवाल (शाजापुर), दिलीप कात्रे (सिवनी), श्रीकांत कुर्मी (दमोह), श्रद्धा गुप्ता (खंडवा), मोहन सिंह गोंड (दमोहმო
हां), अपूर्वा शर्मा (उज्जैन), धनराज वाणी (अलीराजपुर), राधा शर्मा (धार), डॉ. नरेंद्र कुमार उरमालिया (जबलपुर), महेंद्र कुमार लोधी (सागर), विनीता ओझा (रतलाम), डॉ. सरिता शर्मा (राजगढ़), और सौरभ कुमार शर्मा (बालाघाट) शामिल थे। इन शिक्षकों ने अपने समर्पण और नवाचार के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
शिक्षकों में उत्साह, जनता में चर्चा
सीएम की इस घोषणा से शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ के अध्यक्ष ने कहा, "यह शिक्षकों के लिए एक बड़ा तोहफा है। लंबे समय से हम चौथे वेतनमान की मांग कर रहे थे। यह फैसला शिक्षकों का मनोबल बढ़ाएगा और उन्हें और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।"
सोशल मीडिया पर भी इस घोषणा की खूब चर्चा हो रही है। कई लोग इसे शिक्षकों के प्रति सरकार की सकारात्मक पहल बता रहे हैं, तो कुछ का कहना है कि यह फैसला जल्द लागू होना चाहिए ताकि शिक्षकों को इसका तत्काल लाभ मिले।
आगे की राह
चौथे वेतनमान का प्रस्ताव अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार कर रहा है। शिक्षकों को उम्मीद है कि यह फैसला जल्द लागू होगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। साथ ही, वर्दी के लिए 330 करोड़ रुपये की राशि बच्चों के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह कदम मध्य प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिक्षक सम्मान समारोह और सीएम की इन घोषणाओं ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शिक्षक समाज का आधार हैं, और उनकी मेहनत और समर्पण को सम्मान देने के लिए सरकार कटिबद्ध है। अब नजरें कैबिनेट के उस फैसले पर हैं, जो शिक्षकों के लिए एक नया अध्याय शुरू करेगा।












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