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MP: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मिली प्राचीन गुफाएं, मंदिर, ASI ने खोजे 9वीं सदी के ऐतिहासिक धरोहर

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उमरिया, 29 सितंबर। मध्यप्रदेश स्थित उमरिया जिले के बांधवगढ़ क्षेत्र मुख्य तौर पर टाइगर रिजर्व के लिए जाना जाता है, लेकिन इस वक्त इसी बांधवगढ़ में कई प्राचीन और ऐतिहासिक इमारतें मिली है। यहां पर 9वीं सदी के मंदिर और बौद्ध मठ मिले हैं। यहां करीब 26 पुराने मंदिर पाए गए हैं। हैरानी की बात तो ये है कि यह सभी ऐतिहासिक धरोहर करीब 175 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पाए गए हैं। इनमें जो मंदिर मिले हैं। ये मंदिर करीब दो हजार वर्ष पुराने हैं।

कई जिलों के नामों का वर्णन

कई जिलों के नामों का वर्णन

गौरतलब है कि आईएसआई द्वारा हासिल किए गए इस सफलता में, इन गुफाओं में ब्राह्मी लिपि के कई अभिलेख हैं। इन लीपियों में मथुरा कौशांबी,वेजभरदा,पवत सपतनाइरिका जैसे कई जिलों के नामों का वर्णन किया गया है। जानकारी के मुताबिक ये सभी महाराजा पोथासिरी, महाराजा भट्टादेवा, श्री भीमसेना और के समय के हैं।

बांधवगढ़ में क्या क्या नया मिला?

बांधवगढ़ में क्या क्या नया मिला?

1-46 मूर्तियां
2-26 गुफाएं
3-26 मंदिर
4-24 शिलालेख
5-19 जल संरचना
6-2 मठ

पहले कितने थे और अब कितने हैं?

पहले कितने थे और अब कितने हैं?

आपको बताते चलें कि बांधवगढ़ में पहले 9 मंदिर थे। जिसके बाद अब और 26 मंदिर नए मिले हैं। जिसको मिलकर अब वहां कुल 35 मंदिर हैं।वहीं पहले 50 गुफा थे, अब और 26 गुफा नए मिले हैं, जो मिलाकर वहां अब पूरे 76 हो गए हैं। बता दें कि बांधवगढ़ में 26 अभिलेख पहले से मौजूद थे। जिसके बाद इस बार 24 नए मिले हैं। अब वहां कुल 50 का रिकॉर्ड दर्ज हो गया है। इसके आलावा 2 नए मठ मिले हैं। अगर बात करें मूर्तियों कि तो वो पहले 10 थीं अब 46 और मिली हैं। जिसके बाद कुल रिकॉर्ड 56 हो गया है।

बाधवगढ़ का टाइगर रिजर्व 1100 एसक्यू मीटर एरिया में फैला

बाधवगढ़ का टाइगर रिजर्व 1100 एसक्यू मीटर एरिया में फैला

भारतीय पुरातत्व विभाग की टीम ने उमरिया के बांधवगढ़ में इस वर्ष 1 खोज अभियान के तहत कई प्राचीन चीजों को डिस्कवर किया है। आर्कलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के जबलपुर सर्किल के अधिकारी शिवाकांत वाजपेई ने जानकारी देते हुए बताया, बाधवगढ़ का टाइगर रिजर्व 1100 एसक्यू मीटर क्षेत्र में फैला है। अभी 1 जोन तलागर में सर्च अभियान चला है, जिसमे 26 गुफाएं मिली हैं। ये गुफाएं चट्टानों को काटकर बनाई गई हैं। इनमें कुछ महायान बौद्ध धर्म से जुड़ी हैं। गुफाओं के साथ ही 24 अभिलेख ब्राह्मी और अन्य भाषाओं में मिल हैं, इनमें कौशाम्बी और मथुरा के नाम का भी वर्णन है।


शिवाकांत वाजपेई ने आगे कहा, कई गुफाएं इतनी लंबी चौड़ी हैं कि इनमें 35-40 लोग एक साथ रह सकते हैं। 26 मंदिर और उनके अवशेष भी पाए गए हैं। बोर्ड गेम, जिसमें लोग गोटियों का खेल खेलते थे वो अवशेष भी मिले हैं। लेटे हुए विष्णु और वराह की मूर्तियां भी मिलीं हैं। अभी हम ताला रेंज के एरिया को ही सर्च कर पाए हैं। उन्होंने बताया, बाधवगढ़ में काम करना आसान नहीं होता है, ये पूरा टाइगर रिज़र्व है। लिहाजा फॉरेस्ट विभाग से परमिशन लेकर यहां पर सर्च किया गया।

किले का जिक्र रामायण शिव पुराण से मिलता है

किले का जिक्र रामायण शिव पुराण से मिलता है

वहीं इन सबके अलावा यहां बांधवगढ़ का 1 प्राचीन किला भी है, जिसका जिक्र रामायण और शिवपुराण में मिलता है। मान्यता है कि रावण वध करने के बाद लंका से लौटते समय श्रीराम ने यह किला लक्ष्मण को उपहार में दिया था। और भाई द्वारा दिए किले की वजह से ही किले का नाम बांधवगढ़ पड़ा।

बता दें कि मध्य प्रदेश में उमरिया जिले के बांधवगढ़ में फैला इलाका सिर्फ टाइगर रिजर्व के लिए ही नहीं जाना जाता। यह जंगली क्षेत्र अपने भीतर प्राचीन संस्कृति व सभ्यता की तमाम परतें छिपाए बैठा है।

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English summary
MP: ASI discovered historical heritage of 9th century in Bandhavgarh Tiger Reserve
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