MP : मंत्री उषा ठाकुर बोली- अवैध मदरसों में कैद हैं बच्चे,कहीं मानव तस्करी का मामला तो नहीं ?
शिवराज सरकार की मंत्री उषा ठाकुर ने फर्जी मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अवैध मदरसों में बच्चे कैद हैं। मंत्री ने दिए कार्रवाई के संकेत।
भोपाल,7 अगस्त। मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार में पर्यटन, अध्यात्म और संस्कृति मंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेता उषा ठाकुर ने एक बार फिर मदरसों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खंडवा में कहा है कि ऐसे सभी मदरसों की जांच होनी चाहिए, जिन्हें मदरसा बोर्ड की अनुमति नहीं है। जिन मदरसों ने जिला शिक्षा अधिकारियों से अनुशंसा नहीं कराई है। ऐसा हर मदरसा बंद होना चाहिए, क्योंकि ये अवैध मदरसे किस प्रकार का काम करेंगे इसकी जिम्मेदारी कोई ले नहीं सकता हैं।

मंत्री ने कहा कि हमारे बाल आयोग के कुछ लोगों ने निरीक्षण किया। जिसमें देखा गया कि अवैध मदरसे में 30 से 40 छोटे-छोटे बच्चे कैद हैं। बच्चों को रहने के लिए स्वच्छ वातावरण नहीं है, खाने-पीने की व्यवस्था नहीं है। जबकि बच्चें राष्ट्र की संपति राष्ट्र की धरोहर होते हैं। उनकी रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है, हमें डर लगा की कहीं ये मानव तस्करी का मामला तो नहीं है।
बता दे मध्य प्रदेश में 7 हजार से अधिक मदरसे चल रहे हैं, जिनमें से मात्र 2 हजार 200 ही मान्यता प्राप्त है। अब सबसे बड़ा सवाल यही कि बाकी मदरसे कैसे संचालित हो रहे हैं ? मदरसा बोर्ड 3 साल के लिए रजिस्ट्रेशन करता है। बिना मान्यता के मदरसों का संचालन वैध नहीं है। इसके अलावा स्कूल शिक्षा विभाग भी जांच के बाद उनको सत्यापित करता है, लेकिन इन सबके बावजूद अवैध रूप से मदरसे कैसे संचालित हो रहे हैं ?
इससे पहले भी मंत्री उषा ठाकुर ने बयान देते हुए बताया था कि राज्य सरकार को विभिन्न माध्यमों से जानकारी मिली है कि प्रदेश में कागजों पर मदरसे चल रहे हैं। इसके अलावा कई मदरसे ऐसे भी हैं। जिनमें एक कमरे में टेबल और बोर्ड लगाकर संचालन किया जा रहा है। हाल में ही बाल आयोग ने सार्वजनिक रूप से जानकारी साझा करते हुए बताया था कि शासन से मिलने वाली सुविधाओं का हितग्राहियों तक कितना लाभ पहुंच पाता है ये रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से शासन के पास नहीं है।












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