Bhopal News: जल्द मिलेगी मेट्रो ट्रेन की सौगात, जानिए कब से होगी शुरू, CM मोहन यादव ने किया ट्रायल रन

Bhopal News: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लिए एक ऐतिहासिक कदम की ओर बढ़ते हुए, भोपाल मेट्रो (भोज मेट्रो) परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 27 जुलाई 2025 को भोपाल मेट्रो के प्राथमिकता कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स) का निरीक्षण किया और स्वयं मेट्रो ट्रेन में सवार होकर सुभाष नगर से एम्स और वापसी में रानी कमलापति स्टेशन तक ट्रायल रन लिया।

इस दौरान उनके साथ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर भी मौजूद थीं। सीएम ने घोषणा की कि अक्टूबर 2025 तक भोपालवासियों को मेट्रो ट्रेन की सौगात मिल जाएगी। यह परियोजना न केवल भोपाल की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और शहरी विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। आइए, इस खबर के जरिए भोपाल मेट्रो के ताजा अपडेट और इसके शुरू होने की तारीख को विस्तार से जानते हैं।

Metro train will be available soon Operation will start in October 2025 CM Mohan Yadav

भोपाल मेट्रो: परियोजना का अवलोकन

भोपाल मेट्रो, जिसे भोज मेट्रो के नाम से भी जाना जाता है, मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) द्वारा निर्मित एक मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (MRTS) है। इस परियोजना की शुरुआत सितंबर 2019 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा आधारशिला रखकर की गई थी। भोपाल मेट्रो का पहला चरण 27.87 किलोमीटर लंबा है, जिसमें दो लाइनें शामिल हैं:

  • ऑरेंज लाइन: करोंद सर्कल से एम्स तक (14.99 किमी, 16 स्टेशन)
  • ब्लू लाइन: भदभदा स्क्वायर से रतनगिरी तिराहा तक (12.88 किमी, 13 स्टेशन)

प्राथमिकता कॉरिडोर, जो सुभाष नगर से एम्स तक 6.22 किलोमीटर का है, इसमें 8 स्टेशन शामिल हैं। इस कॉरिडोर का निर्माण कार्य 90% से अधिक पूरा हो चुका है, और इसे अक्टूबर 2025 में जनता के लिए खोलने की योजना है। परियोजना की कुल लागत लगभग 6941.40 करोड़ रुपये है, जिसमें से प्राथमिकता कॉरिडोर की लागत 2225 करोड़ रुपये है। इस परियोजना को एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) और यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (EIB) से 400 मिलियन यूरो के ऋण के माध्यम से आंशिक रूप से वित्तपोषित किया जा रहा है।

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सीएम का निरीक्षण और ट्रायल रन

27 जुलाई 2025 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल मेट्रो के प्राथमिकता कॉरिडोर का दौरा किया। उन्होंने सुभाष नगर मेट्रो स्टेशन से एम्स तक और वापसी में रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन लिया। इस दौरान उन्होंने मेट्रो की सुविधाओं, जैसे सीटों की व्यवस्था, एयर-कंडीशनिंग, सीसीटीवी निगरानी, और स्वचालित दरवाजों का अवलोकन किया। सीएम ने सुभाष नगर स्थित मेट्रो के सेंट्रल कंट्रोल रूम (कमांड सेंटर) का भी दौरा किया, जहां उन्होंने मेट्रो संचालन, निगरानी, और सुरक्षा प्रबंधन से जुड़ी तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

सीएम ने MPMRCL के अधिकारियों को शेष कार्य, जैसे स्टेशन निर्माण, सिग्नलिंग सिस्टम, और सुरक्षा निरीक्षण, को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार भोपालवासियों को बहुत जल्द, अक्टूबर 2025 तक, मेट्रो ट्रेन की अनुपम सौगात देने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। भोपाल मेट्रो मध्य प्रदेश की प्रगति का प्रतीक है।"

अक्टूबर 2025 में शुरू होगी मेट्रो सेवा

MPMRCL के प्रबंध निदेशक एस. कृष्णा चैतन्य ने बताया कि प्राथमिकता कॉरिडोर (सुभाष नगर से एम्स) के 8 स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। इन स्टेशनों में शामिल हैं:

सुभाष नगर, रानी कमलापति ,केंद्रीय विद्यालय, डीबी सिटी मॉल, एमपी नगर डीआरएम चौराहा, अलकापुरी, एम्स

रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने मेट्रो का निरीक्षण पूरा कर लिया है, और जल्द ही कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) से अंतिम सुरक्षा मंजूरी ली जाएगी। सीएम ने बताया कि मंजूरी मिलते ही अक्टूबर 2025 में प्राथमिकता कॉरिडोर पर मेट्रो का वाणिज्यिक परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। इस कॉरिडोर की लंबाई 6.22 किमी है, और यह भोपाल के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय क्षेत्रों को जोड़ेगा।

हालांकि, कुछ रिपोर्ट्स में संकेत दिया गया है कि सिग्नलिंग सिस्टम और स्टेशन भवनों के शेष कार्यों में देरी के कारण जुलाई 2025 की मूल समयसीमा चूक गई थी। अब MPMRCL ने अक्टूबर 2025 को नई समयसीमा निर्धारित की है, और अधिकारियों का कहना है कि सभी बाधाएं दूर हो चुकी हैं।

भोपाल मेट्रो की खासियतें

भोपाल मेट्रो को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन प्रणाली के रूप में डिजाइन किया गया है। इसकी प्रमुख विशेषताएं हैं:

आधुनिक तकनीक: मेट्रो में 750 वोल्ट डीसी थर्ड रेल इलेक्ट्रिफिकेशन और कम्युनिकेशंस-बेस्ड ट्रेन कंट्रोल (CBTC) सिग्नलिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है, जो 90 किमी/घंटा की अधिकतम गति और 34 किमी/घंटा की औसत गति सुनिश्चित करता है।

यात्री सुविधाएं: प्रत्येक ट्रेन में तीन कोच होंगे, जिनमें 250 यात्रियों के बैठने की क्षमता और खड़े यात्रियों के लिए अतिरिक्त जगह होगी। कोच में एयर-कंडीशनिंग, सीसीटीवी, और स्वचालित दरवाजे होंगे।

स्टेशन डिजाइन: स्टेशन एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाए जा रहे हैं, जिनमें फूड प्लाजा, दुकानें, एटीएम, और अन्य सुविधाएं होंगी।

पर्यावरण के अनुकूल: मेट्रो से शहर में यातायात की भीड़ और प्रदूषण में कमी आएगी। यह प्रति दिन 2.20 लाख यात्रियों को सेवा देने की क्षमता रखता है।

लास्ट-माइल कनेक्टिविटी: फीडर बसें, पैदल पथ, और साइकिल ट्रैक मेट्रो स्टेशनों से अंतिम गंतव्य तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेंगे।

भोपाल मेट्रो का प्रभाव

भोपाल मेट्रो शहर की बढ़ती यातायात समस्याओं का समाधान करने और शहरी गतिशीलता को बेहतर बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह परियोजना निम्नलिखित लाभ प्रदान करेगी: यातायात जाम में कमी: मेट्रो के शुरू होने से सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी, जिससे जाम की समस्या में राहत मिलेगी। पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के रूप में मेट्रो हवा की गुणवत्ता सुधारने में मदद करेगा। मेट्रो स्टेशनों के आसपास व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। करोंद, सुभाष नगर, रानी कमलापति, और एम्स जैसे प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ने से यात्रियों का समय बचेगा।

MPMRCL के प्रबंध निदेशक एस. कृष्णा चैतन्य ने कहा, "भोपाल मेट्रो न केवल एक परिवहन परियोजना है, बल्कि यह शहर के सतत विकास और जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का एक प्रयास है।"

चुनौतियां और भविष्य की योजनाएं

हालांकि भोपाल मेट्रो का प्राथमिकता कॉरिडोर अक्टूबर 2025 में शुरू होने के लिए तैयार है, लेकिन परियोजना को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है:

देरी: मूल रूप से अगस्त 2023 में शुरू होने वाली इस परियोजना में सिग्नलिंग, स्टेशन निर्माण, और सुरक्षा निरीक्षण में देरी के कारण समयसीमा बढ़ानी पड़ी।

लागत में वृद्धि: परियोजना की लागत 6941 करोड़ रुपये से बढ़कर अनुमानित 9000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

निरीक्षण प्रक्रिया: RDSO और CMRS से अंतिम मंजूरी में समय लग सकता है, जिससे अक्टूबर की समयसीमा पर असर पड़ सकता है।

भविष्य में, भोपाल मेट्रो को मंदीदीप और सिहोर तक विस्तारित करने की योजना है, जो बैरागढ़ के रास्ते जाएगी। इसके अलावा, पहले चरण की शेष लाइनों (करोंद से सुभाष नगर और भदभदा स्क्वायर से रतनगिरी) को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

राजनीतिक बयान

भोपाल मेट्रो की प्रगति को लेकर जनता और सोशल मीडिया पर उत्साह देखा जा रहा है। X पर कई यूजर्स ने सीएम मोहन यादव और श्रीमती कृष्णा गौर की इस पहल की सराहना की है। एक यूजर ने लिखा, "भोपाल में जल्द शुरू होगी मेट्रो, सीएम ने कमान संभाली। अक्टूबर में पीएम मोदी करेंगे शुभारंभ।" हालांकि, कुछ यूजर्स ने देरी को लेकर सवाल उठाए और सरकार से समयसीमा का पालन करने की मांग की।

विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने इस परियोजना को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने ट्वीट कर कहा, "भोपाल मेट्रो की समयसीमा बार-बार टल रही है। बीजेपी सरकार ने 2023 में शुरू करने का वादा किया था, लेकिन अब 2025 की बात हो रही है।" सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि परियोजना की जटिलता और सुरक्षा मानकों को पूरा करने के लिए समय चाहिए।

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