Honey Trap Madhya Pradesh : इन 2 तरीकों से उपलब्ध करवाती थीं कॉल गर्ल, किसी को नहीं होता शक
भोपाल। मध्य प्रदेश हनी ट्रैप केस में सागर की श्वेता जैन और छतरपुर की आरती दयाल को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दोनों ने अफसरों-नेताओं और अन्य लोगों तक कॉल गर्ल सप्लाई का ऐसा नेटवर्क खड़ा कर रखा है, जिसमें दो माध्यमों के जरिए लड़कियां होटलों के कमरों तक पहुंचाई जाती थीं।

सागर में अपना रही थी यह तरीका
मीडिया रिपोर्टर्स के मुताबिक श्वेता जैन और आरती दयाल ने मध्य प्रदेश के सागर जिले में कॉल गर्ल उपलब्ध करवाने के लिए दो तरीकों का इस्तेमाल कर रही थी। इसके लिए दोनों ने पहले संदिग्ध चरित्र की महिलाओं से दोस्ती की और फिर उनके जरिए हवाला की तर्ज पर अपने धंधे को बढ़ाया। दोनों ने सागर में मकरोनिया के नरसिंहपुर रोड स्थित एक कॉलोनी व ढाना निवासी महिला से टाई-अप कर रखा था।
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पहला तरीका
मीडिया रिपोर्टर्स की मानें तो सागर में कॉल गर्ल उपलब्ध करवाने का श्वेता जैन व आरती दयाल का पहला तरीका यह था कि मकरोनिया-ढाना निवासी अपनी इन दो एजेंट को भोपाल में पेमेंट प्राप्त होने का बोलकर लड़कियां उपलब्ध कराने के लिए कहती थी। बाद में वे विभिन्न माध्यम से सागर की महिला एजेंट को राशि पहुंचवा देती थीं।

दूसरा तरीका
सूत्रों के अनुसार दूसरा तरीका यह था कि ये बाहरी शौकीनों को सागर पहुंचने पर इन स्थानीय एजेंट्स से संपर्क करा देती थीं। इनमें मकरोनिया में रहने वाली महिला काफी हाईप्रोफाइल जिंदगी जीती रही है। उसके संबंध शहर के राजनीतिक व उद्योग जगत के लोगों से रहे हैं। ढाना की महिला ग्रामीण अंचल की लड़कियों का ग्रुप बनाकर देह व्यापार कराने की संदेही रही है।

क्या है मध्य प्रदेश हनी ट्रैप केस
सूत्रों के अनुसार दूसरा तरीका यह था कि ये बाहरी शौकीनों को सागर पहुंचने पर इन स्थानीय एजेंट्स से संपर्क करा देती थीं। इनमें मकरोनिया में रहने वाली महिला काफी हाईप्रोफाइल जिंदगी जीती रही है। उसके संबंध शहर के राजनीतिक व उद्योग जगत के लोगों से रहे हैं। ढाना की महिला ग्रामीण अंचल की लड़कियों का ग्रुप बनाकर देह व्यापार कराने की संदेही रही है।












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