Bhind jail : 150 साल पुरानी भिंड जेल में 64 कैदियों से भरी बैरक ढही, 22 कैदी घायल, दो की हालत गंभीर
भिंड, 31 जुलाई। मध्य प्रदेश के भिंड जेल में शनिवार तड़के बड़ा हादसा हुआ है। यहां पर अंग्रेजों के जमाने में बनाए गए बैरक की दीवारें ढह गईंं, जिससे 22 कैदी घायल हो गए। दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसा सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर हुआ। उस समय कई कैदी गहरी नींद में सो रहे थे।
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बैरक नंबर दो की दीवारें भी गिरीं
न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार भिंड एसपी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि हादसे में बैरक नंबर 6 क्षतिग्रस्त हो गया। सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर एक सिपाही बैरक नंबर सात की तरफ गया तो उसे दीवार का प्लास्टर गिरता दिखा। उसने जेल के अन्य स्टाफ को सूचना दी। बैरक खोलकर कैदियों को सुरक्षित करना शुरू किया। इतने में पूरा बैरक भरभराकर गिर गया। साथ ही बैरक नंबर दो की दीवारें भी गिर गईं।
कैदियों को दूसरे बैरक में किया शिफ्ट
हादसे के बाद भिंड जेल में हड़कंप मच गया। आनन फानन में बैरक नंबर 6 के सभी 64 कैदियों को बैरक नंबर आठ में शिफ्ट करना शुरू किया, मगर इनमें 21 कैदी दीवार के नीचे दब गए। उनमें से दो कैदियों को गंभीर चोटें आई हैं। दोनों को ग्वालियर के अस्पताल में रैफर करना पड़ा है।
255 कैदियों की जान जोखिम में
भिंड जेलर ओपी पांडेय के अनुसार जेल में फिलहाल 255 कैदी हैं। जेल की मरम्मत के लिए बार-बार जिम्मेदारों को लिखा जा रहा है, मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही। हालांकि पहले कई बार मरम्मत हो भी चुकी है, मगर वर्तमान में जेल किसी खतरे से खाली नहीं। भिंड जेल की जगह नई जेल का निर्माण साल 2008 से हो रहा है। इसे 2018 तक तैयार हो जाना था, लेकिन काम अभी भी अधूरा है।
PWD की लापरवाही आई सामने
बताया जा रहा है कि भिंड जेल में हादसे पीडब्ल्यूडी की लापरवाही सामने आई है, क्योंकि मध्य प्रदेश में इन दिनों सावन के बदरा खूब बरस रहे हैं। भिंड की जेल करीब 150 साल बनाई गई थी, जो अब जर्जर हो गई। जेल के कई बैरक में पानी में टपक रहा है। महज चार दिन ही PWD को जेल की मरम्मत के लिए पत्र भी लिखा गया था।












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