Ladli Lakshmi Yojana : मध्यप्रदेश की 1477 लाडली बेटियों के खाते में 1 करोड़ 85 लाख रुपये की राशि ट्रांसफर
लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 अंतर्गत लाड़लियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि के वितरण किया गया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कॉलेज में एडमिशन लेने वाली 1477 लाडली बेटियों को 1 करोड़ 85 लाख रुपये की राशि का वितरण
भोपाल के रविंद्र भवन में लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0 अंतर्गत लाड़लियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि के वितरण किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया। सीएम ने बताया कि कॉलेज में एडमिशन लेने वाली 1477 लाडली बेटियों को 1 करोड़ 85 लाख रुपये की राशि का वितरण किया गया है। सभी को यह राशि उनके खाते में ट्रांसफर कर दी गई है। सीएम ने कहा कि 'लाडली लक्ष्मी योजना' इनके जीवन में बदलाव लाने के लिए शुरू की गई थी, जिसका लाभ बेटियों को समय-समय पर दिया जा रहा है। बेटियों को बढ़ता देख मन गदगद हो जाता है।

हायर एजुकेशन में पढ़ाई के लिए ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि
भोपाल के रविंद्र भवन में सीएम ने कॉलेज में एडमिशन लेने वाली 1477 लाडली बेटियों के लिए 1 करोड़ 85 लाख रुपये की राशि का वितरण किया। बता दे लाडली लक्ष्मी योजना 2.0 के तहत लाडली लक्ष्मी लड़की को हायर एजुकेशन में पढ़ाई के लिए ₹25 हजार की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। ये राशि लड़की को दो बार किस्तों में मिलेगी। यानी साडे 12 हजार रुपये पहले सेमेस्टर में फिर दूसरे सेमेस्टर में साडे ₹12 हजार मिलेंगे। इस मौके पर सीएम शिवराज ने कहा कि आज आप मेरी खुशी का अंदाजा लगा नहीं सकते। सचमुच में आज मैं अत्यधिक खुश हूं, गदगद हूं। आज मेरी लाडली लक्ष्मी बेटियां सामने बैठी हुई हैं जो कॉलेज की पढ़ाई शुरू कर रही हैं। यह वह बेटियां हैं जिनमें से कई को मैंने गोद में खिलाया है।

मां, बहन, बेटी को इज्जत और सम्मान लेकर सीएम ने कही बड़ी बात
शिवराज ने इस मौके पर लड़का लड़की की समानता को लेकर बड़ी कही। सीएम ने कहा कि एक ही कोख से बेटा भी आता है बेटी भी आती है। एक ही भगवान ने हमें बनाया है, भगवान ने तो भेदभाव नहीं किया। लेकिन इस दुनिया में भेदभाव होता है। हम सोच कर तो देखें कि अगर भगवान का नाम भी लिया जाए तो पहले राधा कृष्ण में पहले राधा जी को याद करते हैं, गौरीशंकर में मां पार्वती को याद करते हैं, सीताराम में माता सीता जी को पहले याद करते हैं। हमारी भारतीय संस्कृति और परंपरा में बेटियों के सम्मान और इनकी पूजा का विधान है, लेकिन हम समय के साथ धीरे धीरे अपनी जड़ों से दूर होते गए। बेटी है, तभी कल है। यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता। भगवान वहीं रहेंगे जहां मां, बहन, बेटी को इज्जत और सम्मान की नजर से देखा जाता है।

जब मुख्यमंत्री नहीं था, तब भी करवाता था बेटियों का विवाह : शिवराज
सीएम ने कहा कि मैं जब मुख्यमंत्री नहीं था, तब भी बेटियों का विवाह अपने कुछ मित्रों और समाज के सहयोग से करवाता था। बाद में जब मुख्यमंत्री बना तो कन्या विवाह और लाडली लक्ष्मी योजना बनाया, ताकि बेटियों का हर घर में स्वागत हो। मेरी लाडली लक्ष्मी बेटियों, तुम बड़े सपने देखो, तुम्हारे सपनों की राह में कोई बाधा नहीं आने दूंगा।

52 जिलों में लाड़ली लक्ष्मियों के नाम से बनेंगी सड़क
सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि आज मेरे जीवन का महत्वपूर्ण दिन है। मेरी बेटियां बड़ी होकर मध्यप्रदेश का भविष्य बनाने वालीं हैं। बेटियों से ही जिंदगी है, इसलिए हमने तय किया है कि 52 जिलों में उनके नाम पर 52 पथ होंगे। इसके अलावा सीएम ने कहा कि देश व दुनिया में शायद पहली बार हो रहा है कि लाड़ली लक्ष्मियों के लिए वाटिका बनाई गई है।

लाडली लक्ष्मी योजना के लिए पात्रता
1 जनवरी 2006 अथवा उसके पश्चात् जन्मी बालिका।
बालिका स्थानीय आंगनवाड़ी केन्द्र में पंजीकृत हो।
माता-पिता मध्यप्रदेश के मूलनिवासी हों।
माता-पिता आयकर दाता न हो ।
माता-पिता जिनकी दो या दो से कम संतान हो, द्वितीय संतान के जन्म के पश्चात परिवार नियोजन अपनाया गया हो।
प्रथम प्रसव से जन्मी बालिका को बिना परिवार नियोजन के लाभ दिया जावेगा। द्वितीय प्रसव से जन्मी बालिका को लाभ दिए जाने हेतु माता/पिता को परिवार नियोजन अपनाया जाना आवश्यक है।

लाडली लक्ष्मी योजना का लाभ
योजनांतर्गत बालिका के नाम से शासन की ओर से रूपये 1,18000/- का आश्वासन प्रमाण पत्र जारी किया जाता है ।
योजनांतर्गत पंजीकृत बालिका को कक्षा 6 वीं में प्रवेश पर रूपये 2000/-, कक्षा 9 वीं में प्रवेश पर रू. 4000/-, कक्षा 11 वीं में प्रवेश पर रूपये 6000/- एवं कक्षा 12वीं में प्रवेश पर रू. 6000/- छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है ।
लाड़ली बालिकाओं को कक्षा 12वीं के पश्चात् स्नातक अथवा व्यवसायिक पाठ्यक्रम में (पाठ्यक्रम अवधि न्यूनतम दो वर्ष) प्रवेश लेने पर रूपये 25000/- की प्रोत्साहन राशि दो समान किश्तों में पाठ्यक्रम के प्रथम एवं अंतिम वर्ष में दी जाएगी ।
लाड़ली बालिकाओं की उच्च शिक्षा (स्नातक) हेतु शिक्षण शुल्क शासन द्वारा वहन किया जाएगा ।
बालिका की आयु 21 वर्ष पूर्ण होने पर, कक्षा 12 वी की परीक्षा में सम्मिलित होने पर एवं बालिका का विवाह, शासन द्वारा निर्धारित आयु पूर्ण करने के उपरांत होने पर राशि रुपये 1.00 लाख का अंतिम भुगतान किये जाने का प्रावधान है ।

लाडली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य
महिला बाल विकास के अधिकारी ने बताया कि लाडली लक्ष्मी योजना से प्रदेश में बालिका जन्म के प्रति जनता में सकारात्मक सोच, लिंगानुपात में सुधार, बालिकाओं के शैक्षणिक स्तर और स्वास्थ्य् की स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा उनके अच्छे भविष्य की आधारशिला रखने एवं बालिकाओं के सर्वागीण विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लाडली लक्ष्मी योजना 01 अप्रैल 2007 से प्रारम्भ की गई ।

ऐसे करे लाडली लक्ष्मी योजना में अप्लाई
आप घर बैठे ही लाडली लक्ष्मी योजना में अप्लाई कर सकते हैं। घर बैठे लाडली लक्ष्मी योजना में अप्लाई करने के लिए आपको इंटरनेट का उपयोग करना होगा। किसके लिए आपको गूगल ब्राउज़र पर जाकर www.ladlilaxmi.mp.gov.in/Application/Public/Rules.aspx इस लिंक को कॉपी करके पेस्ट करना है या टाइप भी कर सकते हैं। इसके बाद आप लाडली लक्ष्मी योजना का फॉर्म भर सकते हैं।












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