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MP News: केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 1,237 दिव्यांगजनों को दिए सहायक उपकरण

केन्द्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री तथा गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोमवार को अपने संसदीय क्षेत्र के अशोकनगर जिले के मरूप गांव में आयोजित भव्य दिव्यांगजन एवं वृद्धजन सहायक उपकरण वितरण शिविर में सेवा, संवेदना और सम्मान की जीवंत मिसाल पेश की। इस अवसर पर उन्होंने 1,237 दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों को आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि यह आयोजन केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक ठोस और सशक्त कदम है।

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सेवा की सिंधिया परंपरा: शासन नहीं, कर्तव्य

सिंधिया ने कहा कि ग्वालियर-चंबल अंचल में सेवा सिंधिया परिवार की पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कोई सरकारी औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा के प्रति कर्तव्य भाव है।

उन्होंने बताया कि अशोकनगर में 1,456, गुना में 1,745 और शिवपुरी में 5,250 दिव्यांगजनों तक सहायता पहुँचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस प्रकार पूरे संसदीय क्षेत्र में कुल 8,240 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। "यह लक्ष्य केवल आँकड़ा नहीं, बल्कि 8,240 परिवारों की आशा, गरिमा और भविष्य से जुड़ा हमारा संकल्प है," - सिंधिया

प्रधानमंत्री मोदी का 'दिव्यांग' विजन: सोच और संवेदना में ऐतिहासिक बदलाव

केन्द्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 'विकलांग' के स्थान पर 'दिव्यांग' शब्द देकर प्रधानमंत्री ने देश की सोच, भाषा और दृष्टिकोण को मानवीय संवेदना से जोड़ा है। उन्होंने ऋषि अष्टावक्र, महान वैज्ञानिक स्टीफन हॉकिंग और पैरालंपिक स्वर्ण पदक विजेता देवेंद्र झाझरिया के उदाहरण देते हुए कहा कि "सामर्थ्य शरीर की सीमाओं से नहीं, बल्कि संकल्प और आत्मविश्वास से जन्म लेता है।" सिंधिया ने कहा कि दिव्यांगजन राष्ट्र निर्माण के साझे सहभागी हैं, न कि दया के पात्र।

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम से बजट तक: ऐतिहासिक फैसले

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2016 में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम संसद से पारित किया गया, जो अपने आप में ऐतिहासिक कदम है। इसके साथ ही दिव्यांगजनों के कल्याण हेतु बजट को 330 करोड़ रुपये से बढ़ाकर लगभग 2,000 करोड़ रुपये किया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों में देशभर में 18,000 से अधिक शिविर आयोजित किए गए, जिनके माध्यम से 21 लाख से अधिक दिव्यांगजनों को सशक्त बनाया गया। रेल मंत्रालय द्वारा दिव्यांग ई-टिकटिंग फोटो पहचान पत्र जारी करने की सुविधा का भी उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इससे दिव्यांगजनों को यात्रा में विशेष सुविधा मिलेगी।

राष्ट्रपति सम्मान और केंद्रीय सहयोग

केन्द्रीय मंत्री ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 32 दिव्यांगजनों को राष्ट्रपति सम्मान प्रदान किया जाना भी समाज में सकारात्मक संदेश देता है। इस अवसर पर उन्होंने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह का भी इस जनकल्याणकारी पहल के लिए आभार व्यक्त किया।

"आपका यह सैनिक सदैव आपके साथ खड़ा रहेगा"

अपने संबोधन के अंत में श्री सिंधिया ने भावुक स्वर में कहा- "आपका यह सैनिक आपके सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए सदैव आपके साथ खड़ा रहेगा और आपके लिए लड़ेगा।" उन्होंने नागरिकों से 'विकसित भारत 2047' के संकल्प में सहभागी बनने और दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा में और अधिक सशक्त रूप से जोड़ने का आह्वान किया।

इस आयोजन ने न केवल सैकड़ों दिव्यांगजनों के जीवन में सुविधा और आत्मविश्वास जोड़ा, बल्कि यह संदेश भी दिया कि सम्मान, सेवा और सहभागिता ही सच्चे राष्ट्र निर्माण की नींव हैं।

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