मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल जारी: प्राइवेट अस्पतालों की ओपीडी बंद
मध्य प्रदेश में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल का असर बढ़ता जा रहा है। भोपाल में हमीदिया और एम्स के बाद अब निजी अस्पतालों ने भी ओपीडी सेवाओं को बंद करने का निर्णय लिया है। अक्षय हार्ट, नेशनल अस्पताल, सिद्धांता समेत भोपाल के कई प्राइवेट अस्पतालों में आज सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं ही उपलब्ध रहेंगी।
जबलपुर हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं
हड़ताल के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में दो जनहित याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन याचिकाओं में हड़ताल को गलत ठहराया गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में जूडा (जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन) को नोटिस जारी किया है और आज इस पर सुनवाई होने वाली है।

ओपीडी में कमी दर्ज
हड़ताल के चलते शुक्रवार को हमीदिया अस्पताल की ओपीडी में करीब 38 प्रतिशत मरीजों की कमी देखी गई। एम्स में भी स्थिति समान रही, जहां करीब 500 से अधिक मरीज कम पहुंचे।
प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं
एसोसिएशन ऑफ हेल्थ केयर प्रोवाइडर्स ऑफ इंडिया, एमपी चैप्टर (AHPI-MP) के अध्यक्ष डॉ. अनूप हजेला ने बताया कि प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं जारी रहेंगी, जबकि ओपीडी बंद रहेगी। न्यूरो फिजीशियन डॉ. नीरेंद्र राय ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में केवल इमरजेंसी मरीज और IPD (इंटर्नल पेशेंट) को देखा जाएगा। इस फैसले से करीब 350 प्राइवेट अस्पताल प्रभावित होंगे।
हड़ताल का व्यापक असर
जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल ने स्वास्थ्य सेवाओं को गंभीर रूप से प्रभावित किया है, जिससे मरीजों को इलाज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार और डॉक्टरों के बीच इस मुद्दे का समाधान जल्द से जल्द निकलना आवश्यक है ताकि आम जनता को स्वास्थ्य सेवाओं में कोई और बाधा न आए।












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