Bhopal News: कड़ाके की ठंड बिगाड़ रही सेहत, सर्दी खांसी का नया वेरिएंट, 8 से 10 दिन में ठीक हो रहे मरीज
भोपाल में बीते दिनों हुई बारिश से ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते लोग सर्दी से होने वाली बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हालात ये हो गए कि ठंड के चलते खांसी,बुखार और गले में खराश के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

राजधानी भोपाल में जनवरी में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है इसके चलते अब लोग सर्दी से होने वाली बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। हालात ये हो गए कि ठंड के चलते खांसी, बुखार और गले में खराश के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। जहां पहले खांसी से 4 से 5 दिनों में लोग ठीक हो रहे थे। वहीं अब 8 से 10 दिन लग रहे हैं। ऐसे मरीजों को शरीर में लगातार बुखार भी बना रहता है। यह वायरल संक्रमण का ही रूप है। इसमें हर उम्र के लोग शामिल है।
जानकारी के अनुसार पिछले तीन-चार दिनों में बारिश के चलते एक साथ मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ गई। इसका इसका असर अब हमीदिया और जेपी अस्पताल की ओपीडी में देखने को मिल रहा है। वायरल के हल्के लक्षण आने पर लोग पहले अपने हिसाब से ही दवाई ले लेते हैं, लेकिन इससे परेशान लोगों को अब कई दवाई भी बदलना पड़ रही है। इसके बाद वह डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं। डॉक्टर का कहना है कि वायरस को हल्के में ना लें। इसके लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। डॉक्टर ने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए ताजा खाना खाएं, गुनगुना पानी पिए, ठंडी चीजें खाने से परहेज करें और ठंडी हवाओं से बचाव करें।
इन समस्याओं से परेशान
जयप्रकाश अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर आरके श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों के साथ और बड़ों में भी इसी तरह की समस्या सामने आ रही है। वही हमीदिया की ओपीडी में कल 1897 मरीज इलाज के लिए पहुंचे। इसमें मेडिसिंस के सबसे ज्यादा 500 मरीज पहुंचे। जिसमें अधिकांश मरीजों में वायरल इनफेक्शन ही था। जिसमें गले में दर्द और खांसी से पीड़ित भी काफी लोग आए।
निमोनिया के साथ नाक हो रही बंद
चिकित्सकों का कहना है कि छोटे बच्चों में बुखार के साथ निमोनिया तक हो रहा है। वहीं अधिकांश बच्चों की नाक बंद होने से ज्यादा परेशानी बढ़ गई है। इसमें 1 साल तक के कई बच्चे तो अस्पतालों में भर्ती हो रहे हैं। इसके साथ ही बच्चों को भी इन दिनों 6 दिनों से 7 दिन ठीक होने में लग रहे हैं इसके बावजूद भी हल्के से लक्षण बने हुए हैं। वहीं हर दिन 100 से ज्यादा बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं। इनमें से अधिकांश को यही लक्षण सामने आ रहे हैं। बच्चों को भी खांसी काफी परेशान कर रही है।












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