MP News: 6 महीने में ही हटे लोकायुक्त DG जयदीप प्रसाद, सौरभ शर्मा पर कार्रवाई, फिर क्यों बदली गई जिम्मेदारी
MP News: मध्य प्रदेश में एक बार फिर आईपीएस अधिकारियों के तबादले से सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। रविवार रात राज्य सरकार ने 15 आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर आदेश जारी किया। इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम प्रभारी महानिदेशक लोकायुक्त जयदीप प्रसाद का रहा, जिन्हें सिर्फ 6 महीने पहले ही इस अहम जिम्मेदारी पर तैनात किया गया था।
जयदीप प्रसाद को 24 सितंबर 2024 को लोकायुक्त संगठन का प्रभारी महानिदेशक बनाया गया था, लेकिन अब उन्हें अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी), स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एससीआरबी) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जयदीप प्रसाद ने हाल ही में चर्चित आरटीओ घोटाले में फंसे पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम के साथ बड़ा छापा मारा था, जिससे सरकार और अफसरशाही में हलचल मच गई थी। लेकिन अब अचानक उन्हें इस पद से हटाकर एडीजी, स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की जिम्मेदारी दे दी गई है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या सौरभ शर्मा प्रकरण से जुड़े इस कार्रवाई का ही परिणाम है यह ट्रांसफर?
जयदीप प्रसाद का तबादला: सौरभ शर्मा कांड से जोड़ा जा रहा कनेक्शन
जयदीप प्रसाद ने सितंबर 2024 में लोकायुक्त का प्रभार संभालने के बाद भोपाल में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। सौरभ शर्मा पर भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप थे। लोकायुक्त की टीम ने उनके ठिकानों पर छापेमारी कर कई अहम सबूत जुटाए थे, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आया था। इस कार्रवाई को लेकर जयदीप प्रसाद की तारीफ भी हुई थी, लेकिन कुछ ही महीनों बाद उनका तबादला कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इस तबादले को सौरभ शर्मा कांड से जोड़ा है। कुछ यूजर्स का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद जयदीप प्रसाद पर दबाव बनाया गया होगा, क्योंकि सौरभ शर्मा के तार कथित तौर पर कई प्रभावशाली लोगों से जुड़े थे। हालाँकि, सरकार की ओर से इस तबादले का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। यह भी संभव है कि यह तबादला प्रशासनिक जरूरतों और नीतिगत बदलावों का हिस्सा हो, जैसा कि अक्सर बड़े पैमाने पर तबादलों में देखा जाता है। लेकिन इतने कम समय में उनकी विदाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
जयदीप प्रसाद की जगह योगेश देशमुख को कमान
जयदीप प्रसाद की जगह अब योगेश देशमुख को लोकायुक्त संगठन का प्रभारी महानिदेशक बनाया गया है। योगेश देशमुख अभी तक एडीजी, इंटेलिजेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनकी नियुक्ति को लेकर माना जा रहा है कि सरकार लोकायुक्त संगठन में नई ऊर्जा और सख्ती लाना चाहती है। वहीं, इंटेलिजेंस की कमान अब ए. साईं मनोहर को सौंपी गई है।
क्या है ट्रांसफर के पीछे की असली वजह?
लोकायुक्त जयदीप प्रसाद के ट्रांसफर पर कई सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि सौरभ शर्मा जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में की गई ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद यह बदलाव किया गया है। हालांकि सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है। कई अफसर और विपक्षी नेता इस तबादले को 'दबाव की राजनीति' का नतीजा भी बता रहे हैं। देखना दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले में और क्या खुलासे होते हैं।
अन्य बड़े तबादले: रीवा रेंज में भी बदलाव
इस तबादला सूची में कई अन्य बड़े बदलाव भी शामिल हैं। मऊगंज जिले में हाल ही में एक एएसआई की हत्या की घटना के बाद डीआईजी, रीवा रेंज साकेत प्रकाश पांडे को हटा दिया गया है। उन्हें डीआईजी, पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) में पदस्थ किया गया है। उनकी जगह राजेश सिंह को रीवा रेंज का डीआईजी बनाया गया है। राजेश सिंह अभी तक डीआईजी, सेनानी 25वीं वाहिनी, विसबल भोपाल की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
वहीं, गौरव राजपूत को रीवा रेंज का आईजी नियुक्त किया गया है। गौरव राजपूत अभी तक ओएसडी, गृह विभाग के पद पर थे। इस बदलाव को मऊगंज की घटना के बाद रीवा रेंज में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
सीएम के ओएसडी राकेश गुप्ता का भी तबादला
मुख्यमंत्री के ओएसडी राकेश गुप्ता को भी इस फेरबदल में नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें संचालक, खेल एवं युवक कल्याण बनाया गया है। राकेश गुप्ता 5 महीने पहले ही 24 अक्टूबर 2024 को मुख्यमंत्री सचिवालय में पदस्थ हुए थे। उनके तबादले को भी प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे एडीजी राजबाबू सिंह की नई पोस्टिंग
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटने के बाद एडीजी राजबाबू सिंह को भी नई जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें पीएचक्यू में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (प्रशिक्षण) बनाया गया है। उनकी नियुक्ति से पुलिस प्रशिक्षण में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।












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