जमीन में गड़बड़ करने वालों को लटका दूंगा और नौकरी खा लूंगा- शिवराज सिंह चौहान : Khandwa PESA Act Conference
खंडवा में आयोजित पेसा जागरूकता सम्मेलन में पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान जमीन में गड़बड़ करने वालों पर सख्त नजर आए। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन में गड़बड़ करने वाले और भटकाने वालों को मैं लटका दूंगा और नौकरी खा लू
खंडवा के पंधाना में आयोजित पेसा जागरूकता सम्मेलन में पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान जमीन में गड़बड़ करने वालों पर सख्त नजर आए। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन में गड़बड़ करने वाले और भटकाने वालों को मैं लटका दूंगा और नौकरी खा लूंगा। मध्यप्रदेश में अफसरों की मनमानी नहीं चलने दूंगा। सीएम ने कहा कि पेसा एक्ट में ये व्यवस्था की गई है कि पटवारी और बीट गार्ड हर साल गांव में आकर ग्रामसभा के बीच खसरे, नक्शे और बी1 की नकल रखेंगे और यह बतायेंगे कि कौन सी जमीन किसके नाम है।

सीएम शिवराज ने वन मंत्री विजय शाह के साथ किया डांस
मध्यप्रदेश में आदिवासी वर्ग इस समय राजनीति का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। दरअसल अगले साल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने है और प्रदेश में बड़ी संख्या में आदिवासी जनसंख्या वाली सीटें है। सरकार बनाने में इन आदिवासी सीटों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। ऐसे में प्रदेश के दोनों प्रमुख राजनीतिक दल आदिवासियों को साधने में जुटे हुए हैं। प्रदेश में पेसा कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) लगातार प्रदेश में इस कानून को लेकर प्रचार प्रसार में लगे हुए हैं। इसी क्रम में सीएम ने आज खंडवा जिले के पंधाना में आयोजित पेसा जागरूकता सम्मेलन में शिरकत की और आदिवासी ग्रामीणों को साधने के लिए जमकर भाषण दिया। पेसा एक्ट जागरूकता सम्मेलन में पहुंचे सीएम शिवराज सिंह चौहान ने वन मंत्री विजय शाह के साथ जमकर डांस किया। मुख्यमंत्री पहले भी आदिवासियों के कई कार्यक्रमों में नाचते गाते हुए नजर आ चुके हैं।
Recommended Video

89 जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में लागू होगा पेसा एक्ट
खण्डवा जिला के पंधाना में आयोजित पेसा जागरूकता सम्मेलन में सीएम शिवराज के साथ के वन मंत्री कुंवर विजय शाह और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। इस दौरान सीएम ने कहा कि पेसा एक्ट जनजातीय भाई-बहनों के सशक्तिकरण के लिए है। ये किसी के विरुद्ध नहीं है। यह प्रदेश के 89 जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में लागू होगा, शहरों में नहीं। पेसा एक्ट में यह व्यवस्था की गई है कि पटवारी और बीट गार्ड हर साल गांव में आकर ग्रामसभा के बीच खसरे, नक्शे और बी1 की नकल रखेंगे और यह बतायेंगे कि कौन सी जमीन किसके नाम है। विकास कार्यों के लिए अब जनजातीय भाई-बहनों की जमीन उनकी अनुमति के बिना सरकार भी नहीं ले सकेगी।

जनजातीय लोगों की जमीन अपने नाम करवाई है तो खैर नहीं : CM
सीएम ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर किसी भी हालत में धर्मांतरण का कुचक्र नहीं चलने दूंगा। तालाबों का समस्त प्रबंध अब ग्रामसभाएं करेंगी, सरकार नहीं करेगी। तालाबों में होने वाले सिंघाड़ों या मछलियों पर भी अधिकार ग्राम सभाओं का ही होगा। सरकार केवल मदद करेगी। यदि किसी ने छल-कपट या धोखे से जनजातीय लोगों की जमीन अपने नाम करवाई है तो ग्रामसभा कब्जा वापस जनजातीय भाई-बहनों को दिलवाएगी। वनोपज पर अब सरकार का कोई अधिकार नहीं होगा। अचार की गुठली, महुए का फूल, महुए की गुल्ली, हर्रा, बहेड़ा, आंवला आदि को बीनने और बेचने का अधिकार जनता का ही होगा। इसका मूल्य भी जनता ही तय करेगी। अब अधिसूचित क्षेत्र में रेत, मिट्टी, पत्थर या कोई अन्य खदान का पट्टा बिना ग्रामसभा की अनुमति के सरकार नहीं दे सकेगी। गांवों के विकास के लिए आने वाले पैसे का उपयोग अब गांव के लोग, ग्राम सभा ही तय करेंगे।

जमीन का अधिकार देकर गांव को मजबूत करने की कोशिश : CM
सीएम ने कहा कि अधिसूचित क्षेत्र की खदानों पर पहला अधिकार जनजातीय सोसायटी का, दूसरा अधिकार जनजातीय बहनों का और तीसरा जनजातीय पुरुषों का होगा। अगर वो कोई नहीं लेंगे तो फिर किसी और को दिया जाएगा। जमीन का अधिकार देकर हमने गांव को मजबूत करने की कोशिश की है। ग्रामसभा को और गांव में रहने वाले भाई-बहनों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की हमने कोशिश की है। स्कूल, धर्मशाला, धार्मिक स्थलों के पास से शराब की दुकानों को हटाने का अनुरोध ग्रामसभाएं सरकार से कर सकेंगी।

एक साल में एक लाख शासकीय पदों पर भर्ती का अभियान शुरू : CM
सीएम शिवराज ने कहा कि गांवों में होने वाले छोटे-मोटे झगड़ों को निपटाने के लिए 'शांति और विवाद निवारण समिति' बनेगी, जिसे ऐसे झगड़ों को निपटाने का अधिकार होगा। बड़े और गंभीर मामले ही थाने तक जायेंगे। 100 एकड़ तक की सिंचाई के जो तालाब होंगे उनका प्रबंधन ग्रामसभा करेगी। सरकार केवल उनकी मदद करेगी। मैंने एक साल में एक लाख शासकीय पदों पर भर्ती का अभियान प्रारंभ कर दिया है। इसके अलावा प्रत्येक माह में एक दिन रोजगार मेला मनायेंगे और 2 लाख से अधिक नागरिकों को स्वरोजगार से जोड़ने से का कार्य करेंगे।

टंट्या मामा के पैतृक गांव बड़ौदा पहुंचे शिवराज
खंडवा में आयोजित पेसा सम्मेलन में शामिल होने से पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अमर क्रांतिकारी जनजातीय नायक टंट्या मामा के पैतृक गांव बड़ौदा अहीर पहुंचकर स्वतंत्रता हेतु क्रांतिसूर्य टंट्या मामा के योगदान को याद किया और उनकी समाधि पर माल्यार्पण किया।












Click it and Unblock the Notifications